परीक्षा बहुत शब्द छात्रों के सबसे अधिक स्टोइक के माध्यम से चिंता का एक लहर भेज सकता है। यह एक सार्वभौमिक अनुभव है: एक कक्षा का शांत हम, एक दिल की धड़कन की तरह गुदगुदी घड़ी गूंज, और उम्मीद का वजन नीचे दबाने का वजन। लेकिन वास्तव में सतह के नीचे क्या चल रहा है? इन निर्णायक क्षणों के दौरान …
Read More »संपादकीय
लेख@ कितनी उचित है गंगाजल पर बयान बाजी
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। विद्वानो का कहना है कि 144 वर्षों के बाद इस बार का महाकुंभ विशेष योग में संपन्न हो रहा है। ऐसे में यहां स्नान करने का सर्वाधिक महत्व है। मकर संक्रांति से प्रारंभ होकर महाशिवरात्रि तक चलने वाला महाकुंभ अब अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। सरकार …
Read More »लेख@ लोककला के नाम पर अश्लीलता का तड़का
अश्लीलता फैलाने वाले कलाकारों पर लगे बैन,ग़लत दृश्य दिखाना, अश्लील नाटकों-गीतों का मंचन समाज से खिलवाड़एक ओर जहाँ कई लोग संस्कृति को प्रमोट करने के लिए अपना करियर, अपनी मेहनत और अपना सब कुछ दांव पर लगा रहे हैं तो कोई हमारी संस्कृति को इस तरह से बदनाम कर उसे अश्लील गानों के साथ परोस रहे हैं। अब आप ही …
Read More »लेख @ लिव-इन रिलेशनशिप को मान्यता कितनी जायज?
लिव-इन रिलेशनशिप के मुश्किल से 10 प्रतिशत मामले ही शादी तक पहुँच पाते हैं। बाक¸ी 90 प्रतिशत मामलों में रिश्ते टूट ही जाते हैं। ठीक उसी तरह,जिस तरह आजकल के नवयुवक प्रेमी-प्रेमिकाएँ जितनी तेजी से प्रोपोज़ करते हैं उतनी ही तेज़ी से ब्रेकअप और फिर उतनी ही तेज़ी से प्रेमी भी बदल लेते हैं। ऐसे प्रेमी-प्रेमिकाओं को लिव-इन रिलेशनशिप जैसी …
Read More »लेख@ कांग्रेस के बाद क्षेत्रीय दलों में भी पतन का दौर
देश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी का उभार और कांग्रेस सहित कई क्षेत्रीय दलों का पतन काफी कुछ कहता है। भले ही हार से बौखलाए मोदी और बीजेपी विरोधी नेता चुनाव में धांधली का आरोप लगा रहे हों ? सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग की बात करते हों ? लेकिन ऐसा नहीं है कि विरोधियों को अपनी राजनैतिक कमजोरी और …
Read More »लेख@ स्ट्रीट मैथ्स और स्कूल मैथ्स के बीच बड़ा अंतर
स्कूल जाने वाले व स्ट्रीट वेंडर बच्चों की मैथ्स में कितना अंतर है. एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है।भारतीय बच्चों में स्कूल में पढ़ाए जाने वाले मैथ्स और वास्तविक जीवन में काम आने वाली मैथ्स के बीच एक बड़ा अंतर है। यह खुलासा हाल ही में हुए एक नई रिसर्च से पता चला है। स्टडी बताती है …
Read More »लेख@ आशाओं के अनंत आकाश में जीवन के प्रगति सोपान
जिंदगी का कैनवास जन्म से लेकर मृत्युतक समुद्र की तरह विराट और गहराई लिए हुए होता है। जीवन में वयक्तिक,पारिवारिक,धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक विकास की संभावनाओं के साथ मनुष्य अपना जीवन प्रारंभ कर विकास प्रगति तथा ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है,बशर्ते उसके व्यक्तित्व में जीवन के प्रति जीजिविषा,संघर्ष करने की क्षमता, अनंत आत्म विश्वास और संयम के घटक मौजूद हो। …
Read More »लेख@ परमाणु बम के जनकःजे रॉबर्ट ओपेनहाइमर
जे रॉबर्ट ओपेनहाइमर का जन्म 22 अप्रैल, 1904, न्यूयॉर्क, में हुआ एक अमेरिकी भौतिक विज्ञानी थे, जिन्हें परमाणु के विकास के दौरान लॉस एलामोस प्रयोगशाला (1943-45) के निदेशक और परमाणु संस्थान के निदेशक के रूप में जाना जाता है। 1925 में स्नातक होने के बाद, वे कैम्बि्रज विश्वविद्यालय के कैवेंडिश प्रयोगशाला में अनुसंधान करने के लिए इंग्लैंड चले गए, जिसने …
Read More »लेख @क्या जघन्य अपराधियों की न सुनी जाये पैरोल की अर्जी?
कैदियों की समय से पहले रिहाई से समाज को ख़तरा हो सकता है, खासकर तब जब वे बार-बार अपराध करते हों। हाल के वर्षों में, इस विचार में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव आया है क्योंकि अमीर और शक्तिशाली वर्ग ने जेल में समय बिताने से बचने के लिए पैरोल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर लाखों अन्य कैदी, …
Read More »लेख@ जाति,धर्म अउ सम्प्रदाय के संगम मा हमर राजिम मेला
माँघ अउ फागुन के महीना हर लोगन मन बर बहुत ही खास रहिथे; अउ रही काबर नहीं; माँघी पुन्नी के मेला जे लगथे। अतेक बड़ कुम्भ के मेला राजीवलोचन धाम मा भराथे। जेन मनखे मन राजिम जइसे पवित्र स्थान मा रहिथे, तेखर भाग तो खुलबे करही। संगवारी हो, हमर राजिम के मेला-मैदान हर पन्द्रह दिन पहिली भराये के शुरू हो …
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