संपादकीय

संपादकीय@बीजेपी प्रत्याशियों की घोषणा कर रही है और कांग्रेस बी फॉर्म भरा रही है

कांग्रेस में प्रत्याशियों की बढ़ती संख्या कांग्रेस के लिए ही घातक।बीजेपी की केंद्रीय कमेटी सीधे जारी कर रही है बिना फॉर्म भरे प्रत्याशियों की सूची।आखिर बीजेपी कराए गए सर्वे को मानकर तय कर रही है विधायक प्रत्याशियों सूची।बीजेपी में प्रदेश कमेटी को भी नहीं पता है सूची में किसका नाम होगा तय,जारी होने के बाद उन्हें भी चल रहा पता। …

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संपादकीय@चुनाव को बचे महज चार माह,उप मुख्यमंत्री बनने का फैसला आखिर क्यों लिया टी एस सिंहदेव ने?

मुख्यमंत्री का सपना संजोए टी एस सिंहदेव को आखिर किसने किया मजबूर,स्वीकार किया उप मुख्यमंत्री पद. क्या आने वाले चुनाव में टी एस सिंहदेव का चेहरा कांग्रेस छत्तीसगढ़ में रखेगी आगे? टी एस सिंहदेव को सरकार के आखिरी कार्यकाल में उप मुख्यमंत्री बनाए जाने पर प्रदेशवासी भी अचंभित क्या जन घोषणा पत्र के अब तक अधूरे वादों को पूरा करने …

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संपादकीय@कलेक्टर नाराज, एसपी नाराज और नाराज विधायकमंत्री…नाराजगी की वजह सिर्फ अपनी कमियों को ना पचा पाना

क्या पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी कान के कच्चे होते हैं?उच्च अधिकारियों के कान भरने में निचले स्तर के कर्मचारी क्यो होते हैं माहिर।क्या उच्च अधिकारी सही और गलत में फर्क नहीं कर पाते..जिस वजह से निचले स्तर के कर्मचारी उनके कान भरने में सफल हो जाते हैं?लेखा रवि सिंह:- राजनीति के बदलते परिवेश में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का …

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संपादकीय@क्या यूट्यूबर मनीष कश्यप की गिरफ्तारी से तेजस्वी की वोट बैंक व लोकप्रियता की लगी लंका?

एनएसए तब क्यों नहीं लगता जब जनप्रतिनिधियों के बयानों से पूरा देश दंगों में जलता है?अब मनीष कश्यप के चाहने वालों को 28 अप्रैल का इंतजार। विधानसभा चुनाव 2020 में तेजस्वी को मिला था भारी जनसमर्थन..क्या 2025 बनेगा मुसीबत?सीएम व डिप्टी सीएम तेजस्वी यूट्यूबर और पत्रकार से भिड़ कर क्या अपनी ही करा ली फजीहत?जेल जाने के बाद यूट्यूबर मनीष …

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क्या पुलिस सर्वव्यापी है?

कोतवाल बन जाये तो हो जाये कल्यान,मानव की तो क्या चले डर जाये भगवान?जिस समय करेगे धारण वर्दी ख़ुद आ जायेगी ऐंठ-अकड़-सख़्ती-बेदर्दी! लेख रवि सिंह:- पुलिस सर्वव्यापी है:पुलिस आकाश पाताल कही भी जा सकती है, ऐसा सभी लोग कहते है कहा जाता है की पुलिस से बच के कहाँ जायेगा? पुलिस तुम्हे ढूंढ ही लेगी, अगर राम भगवान् के ज़माने …

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संपादकीय@भाजपा का छत्तीसगढ़ में गुजरात की तर्ज पर विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन करने का निर्णय कितना सही हो सकता?

गुजरात व छत्तीसगढ़ की भौगोलिक व सामाजिक पृष्ठभूमि बिल्कुल अलग, राजनीतिक माहौल भी है भिन्न।गुजरात की तर्ज पर विधानसभा प्रत्याशियों का चयन भाजपा के लिए छत्तीसगढ़ में हो सकता है नुकसानदायक कहते हैं राजनीतिक विशेसज्ञ।लेख रवि सिंह:- छत्तीसगढ़ में भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में गुजरात विधानसभा चुनावों में अपनाए गए फार्मूले के आधार पर चुनाव लड़ेगी ऐसी खबर भाजपा से …

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संपादकीय@विकास पथ पर और जेलें बनाने की आवश्यकता क्यों?

देश की जेलों में कैदियों की संख्या में लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज,दूसरी ओर अंडर ट्रायल कैदियों की संख्या में 45 प्रतिशत की वृद्धि क्यों? कुछ चीजें कहने की नहीं, समझने की होती है, जो नही कहा उसे भी समझ जाओ: द्रौपदी मुर्मू। विधायिका, कार्यपालिका व न्यायपालिका तीनों को कटघरे में खड़ा किया महामहिम राष्ट्रपति ने। सक्षम वर्ग धनबल …

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संपादकीय@छत्तीसगढ़ के विधायक चार सालों तक अन्य राज्यों के चुनाव में व्यस्त रहे,अबअपनी बारी कौन करेगा मदद?

चार सालों तक कांग्रेस की सरकार बनाने प्रदेश के विधायक घूमते रहे उन प्रदेशों में जहां हो रहे थे चुनाव।जहां जहां चुनाव हुए छत्तीसगढ़ मॉडल को लेकर विधायक करते दिखे प्रचार।बड़ी सफलता कहीं नहीं मिली हर जगह लगभग मिली हार,अभी दो राज्यों के चुनाव के परिणाम आने हैं बाकी।छत्तीसगढ़ में भी चुनाव 2023 में,अब तक विधायकों की अपने ही विधानसभा …

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संपादकीय@ लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनाव होने के बावजूद कांग्रेस में असंतोष क्यों?

राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होने के बावजूद क्या पहले से ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का जीतना तय था?भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होने के बावजूद सवालों के घेरे में?मल्लिकार्जुन खड़गे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने बाद उठने कई लगा सवाल। -:लेख रवि सिंह कटकोना कोरिया छत्तीसगढ़:- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव …

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संपादकीय@क्या अहंकार के अंत के लिए मर्यादा का होना आवश्यक नहीं?

रावण का दहन कीजिये पर पहले राम जैसे बने का प्रयास तो कीजिए।रावण के राज्य में भ्रष्टाचार, अपराध आदि नही थे आज के हालात तो सबको पता है।सत्ता अधिकांशत: अहंकार को जन्म देती है और अहंकार दुराचार को स्थान देता है।क्या रावण से ज्यादा बुरा इन्सान इस दुनिया में है, बहुत से लोग दुनिया में इतने बुरे है की रावण …

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