संपादकीय

लेख @ लिव-इन रिलेशनशिप को मान्यता कितनी जायज?

लिव-इन रिलेशनशिप के मुश्किल से 10 प्रतिशत मामले ही शादी तक पहुँच पाते हैं। बाक¸ी 90 प्रतिशत मामलों में रिश्ते टूट ही जाते हैं। ठीक उसी तरह,जिस तरह आजकल के नवयुवक प्रेमी-प्रेमिकाएँ जितनी तेजी से प्रोपोज़ करते हैं उतनी ही तेज़ी से ब्रेकअप और फिर उतनी ही तेज़ी से प्रेमी भी बदल लेते हैं। ऐसे प्रेमी-प्रेमिकाओं को लिव-इन रिलेशनशिप जैसी …

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लेख@ कांग्रेस के बाद क्षेत्रीय दलों में भी पतन का दौर

देश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी का उभार और कांग्रेस सहित कई क्षेत्रीय दलों का पतन काफी कुछ कहता है। भले ही हार से बौखलाए मोदी और बीजेपी विरोधी नेता चुनाव में धांधली का आरोप लगा रहे हों ? सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग की बात करते हों ? लेकिन ऐसा नहीं है कि विरोधियों को अपनी राजनैतिक कमजोरी और …

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लेख@ स्ट्रीट मैथ्स और स्कूल मैथ्स के बीच बड़ा अंतर

स्कूल जाने वाले व स्ट्रीट वेंडर बच्चों की मैथ्स में कितना अंतर है. एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है।भारतीय बच्चों में स्कूल में पढ़ाए जाने वाले मैथ्स और वास्तविक जीवन में काम आने वाली मैथ्स के बीच एक बड़ा अंतर है। यह खुलासा हाल ही में हुए एक नई रिसर्च से पता चला है। स्टडी बताती है …

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लेख@ आशाओं के अनंत आकाश में जीवन के प्रगति सोपान

जिंदगी का कैनवास जन्म से लेकर मृत्युतक समुद्र की तरह विराट और गहराई लिए हुए होता है। जीवन में वयक्तिक,पारिवारिक,धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक विकास की संभावनाओं के साथ मनुष्य अपना जीवन प्रारंभ कर विकास प्रगति तथा ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है,बशर्ते उसके व्यक्तित्व में जीवन के प्रति जीजिविषा,संघर्ष करने की क्षमता, अनंत आत्म विश्वास और संयम के घटक मौजूद हो। …

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लेख@ परमाणु बम के जनकःजे रॉबर्ट ओपेनहाइमर

जे रॉबर्ट ओपेनहाइमर का जन्म 22 अप्रैल, 1904, न्यूयॉर्क, में हुआ एक अमेरिकी भौतिक विज्ञानी थे, जिन्हें परमाणु के विकास के दौरान लॉस एलामोस प्रयोगशाला (1943-45) के निदेशक और परमाणु संस्थान के निदेशक के रूप में जाना जाता है। 1925 में स्नातक होने के बाद, वे कैम्बि्रज विश्वविद्यालय के कैवेंडिश प्रयोगशाला में अनुसंधान करने के लिए इंग्लैंड चले गए, जिसने …

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लेख @क्या जघन्य अपराधियों की न सुनी जाये पैरोल की अर्जी?

कैदियों की समय से पहले रिहाई से समाज को ख़तरा हो सकता है, खासकर तब जब वे बार-बार अपराध करते हों। हाल के वर्षों में, इस विचार में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव आया है क्योंकि अमीर और शक्तिशाली वर्ग ने जेल में समय बिताने से बचने के लिए पैरोल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर लाखों अन्य कैदी, …

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लेख@ जाति,धर्म अउ सम्प्रदाय के संगम मा हमर राजिम मेला

माँघ अउ फागुन के महीना हर लोगन मन बर बहुत ही खास रहिथे; अउ रही काबर नहीं; माँघी पुन्नी के मेला जे लगथे। अतेक बड़ कुम्भ के मेला राजीवलोचन धाम मा भराथे। जेन मनखे मन राजिम जइसे पवित्र स्थान मा रहिथे, तेखर भाग तो खुलबे करही। संगवारी हो, हमर राजिम के मेला-मैदान हर पन्द्रह दिन पहिली भराये के शुरू हो …

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लेख@साफ होनी चाहिए दिमागी गंदगी?

कानूनी कार्रवाई का मतलब सिर्फ व्यक्तियों को दंडित करना नहीं है; इसका उद्देश्य एक मिसाल कायम करना है कि कुछ चीजें स्वीकार्य नहीं हैं, चाहे लोग उन्हें कितना भी हास्यपूर्ण बताने की कोशिश करें। यदि वे सचमुच समाज को बेहतर बनाने के बारे में चिंतित हैं, तो उन्हें यह समझना चाहिए कि सांस्कृतिक पतन से लड़ना भी बड़े अपराधों से …

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लेख स्वस्थ लोकतंत्र के लिए एक मजबूत और रचनात्मक विपक्ष आवश्यक है

विपक्ष एक आवश्यक प्रहरी है जो एक समृद्ध लोकतंत्र में सरकार की शक्ति पर नियंत्रण और संतुलन सुनिश्चित करता है। यह विभिन्न दृष्टिकोणों को व्यक्त करने, समाज के विभिन्न पहलुओं का प्रतिनिधित्व करने तथा सरकार को उसके कार्यों के लिए जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक है। सहिष्णुता, वास्तविक राजनीतिक विरोध, तथा विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने की नागरिकों की …

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लेख@ हिंदवी स्वराज जनक:छत्रपति शिवाजी महाराज

हिंदवी स्वराज प्रणेताः श्रीमंत योगी छत्रपति शिवाजी महाराज निर्विवाद रूप से 1674-1680 तक भारत के सबसे महान राजाओं में से एक हैं। उनकी युद्ध प्रणालियाँ आज भी आधुनिक युग में अपनायीं जातीं हैं। उन्होंने अकेले दम पर मुग़ल सल्तनत को चुनौती दी थी। शाश्वत, माता जीजा बाई, पिता शाहजी भोंसले के पुत्र शिवाजी भोंसले का अवतरण 19 फरवरी, 1630 को …

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