- सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के खुलने और बंद होने का कोई समय ही नहीं…
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों का निरीक्षण करने फूड इंस्पेक्टर तो कभी आते ही नही है
-राजेन्द्र कुमार शर्मा-
खड़गवां 17 दिसम्बर 2023 (घटती-घटना)। खड़गवां मुख्यालय और आस-पास के सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों की देखरेख खाद्य विभाग के द्वारा नहीं किये जाने का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता से विकास खंड मुख्यालय सहित कई सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों में लापरवाही चरम पर है। मुख्यालय सहित कई अन्य ग्रामो में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के खुलने और बंद होने का कोई समय निर्धारित ही नहीं है। जबकि उपभोक्ता खाद्यान्न लेने के लिए पहले दिन तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली कि दुकान में राशन कार्ड जमा कराया जाता है और दो दिन बाद उपभोक्ता को फिर राशन के लिए बुलाया जाता है और उसके बाद भी उन्हें फिर चावल देकर वापस कर दिया जाता है और राशन कार्ड फिर वही जमा कर लिया जाता है और उपभोक्ता फिर चना नमक शक्कर के लिए फिर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान जाने का इंतजार होता है और सुबह छः बजे उपभोक्ता ठंड बैठे सार्वजनिक वितरण प्रणाली कि दुकान के खुलने का घण्टों इंतजार करने मजबूर हैं।
छाीसगढ़ सरकार ने गरीबों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए चावल और शक्कर चना नमक मुहैया कराती है। खाद्यान्न का वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली कि दुकानों के माध्यम से होता है, लेकिन खाद्य विभाग के अधिकारियों के उदासीनता से दुकानदारों की मनमानी बढ चढ़कर बोल रही है। भले ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान खोलने और बंद होने का सुबह और शाम के समय निश्चित है, लेकिन खाद्य विभाग के जि़म्मेदार अधिकारियों का नियंत्रण इन दुकानदारों पर बिल्कुल भी नहीं रह गया है जिसका दुकानदार भरपूर फायदा उठाते हुए लापरवाही बरतने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली कि दुकानों को खोलने और बंद करने में दुकानदार अपनी सुविधा के अनुसार खोलते दिखाई देखते हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दुकानदारों को उपभोक्ताओं की भावनाओं से कोई सरोकार नहीं है। दुकानदार अपनी सुविधा के अनुसार जब उन्हें समय मिलता है, तब ही दुकान खोलते है। कई दिन तक दुकान बंद भी रहती है।
इस बीच उपभोक्ता खाद्यान्न लेने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली कि दुकानों का चक्कर लगाते देखे जा सकते हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली कि दुकानों के अनियमित खुलने से सबसे ज्यादा परेशानी का समाना उम्रदराज एवं विकंलाग लोगों को होती है। क्योंकि उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली कि दुकान जाने और घर आने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो उन्हें दुकान बंद होने के कारण बैरंग भी लौटना पड़ता है। लेकिन इन सब बातों और समस्याओं के जिम्मेदार अधिकारियों को कोई सरोकार नहीं है, जिसके चलते सार्वजनिक वितरण प्रणाली कि व्यवस्था जस बनी हुई है और उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस संबंध में फूड इंस्पेक्टर खड़गवां के मोबाइल नंबर 7049442434 पर संपर्क करने की कई बार कोशिश की गई मगर उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो पाया उनका फोन रिचार्ज नहीं होना बता रहा।