अंबिकापुर,16 नवम्बर 2023 (घटती-घटना)। लोक आस्था का महापर्व छठ शुक्रवार को नहाय खाय से प्रारंभ हो जायेगा। इस पवित्र मौके पर छठ व्रतियों द्वारा साफ-सफाई के साथ प्रसाद की सामग्रियों की तैयारी भी प्रारंभ कर दी गई है। व्रती महिलाएं व्रत से पूर्व सारी सामग्रियों की तैयारी में जुट गईं हैं। पर्व को लेकर बाजार में काफी चहल-पहल देखी जा रही है। छठ की पूजा में प्रयुक्त सामग्रियों की खरीदारी के लिए बाजार में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। नहाय खाय के दिन ही कद्दू भात खाने की परंपरा है। इसलिए कद्दू की खरीदारी के लिए बाजार में खरीदारों की लाइन लगी रही।
प्रकृति पर्व के रूप में विख्यात छठ में विधि-विधान का काफी महत्व रहा है। यही कारण है कि छठ पर्व में व्रती खुद से प्रसाद सामग्रियों की तैयारी करते हैं। इसलिए व्रती महिलाएं गेहूं और अन्य सामग्रियों से बनने वाले प्रसाद को खुद से साफ-सफाई करने के बाद बड़े ही निष्ठा पूर्वक तैयार करतीं हैं। दीपावली के छह दिन के उपरांत कार्तिक मास की षष्ठी तिथि को छठ पर्व मनाया जाता है। शुक्रवार के नहाय खाय के बाद शनिवार को खरना के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा। व्रती संतान की प्राप्ति, सुख-समृद्धि, संतान की दीघार्यु और आरोग्य की कामना के लिए साक्षात सूर्य देव और छठी मैया की आराधना करते हैं।
चार दिनों तक चलता है यह महापर्व
छठ का महापर्व 17 नवंबर को नहाय खाय से शुरू हो गया है। इस दिन व्रती अनिवार्य रूप से नहा कर ही भोजन करते हैं। इसके बाद खरना 18 नवंबर को होगा। इस दिन पूरे दिन छठ श्रद्धालु उपवास रख कर शाम को खीर पूड़ी का प्रसाद ग्रहण करेंगे। 19 नवंबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। फिर इसके दूसरे दिन सुबह उगते सूर्य के अर्घ्य के साथ चार दिवसीय छठ पर्व पूर्ण हो जायेगा।
सूप व दउरा की खरीदारी शुरू
छठ महापर्व के के लिए खरीदारी शुरू हो गई है। गुरुवार को शहर के गुदरी बाजार में व्रती छठ की खरीदारी करते नजर आए। लोगों ने बाजार से गेहूं, सूप, दउरा व फल, वस्त्र सहित पूजन सामग्रियों की खरीदारी की। बाजार में दुकानदारों ने अच्छी खासी तैयारी भी कर रखी है। सूप 3 सौ रुपए जोड़ा तो दउरा 3 से 4 सौ रुपए प्रति पीस बिक रहा है। वहीं लोग पीतल का सूप भी खरीद रहे हैं। सूप में ही प्रसाद भरकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने का नियम है।
