बैकुण्ठपुर@नए नवेले कांग्रेस जिलाध्यक्ष की अगुवाई में बैकुंठपुर विधायक प्रत्याशी का नामांकन कार्यक्रम पूरी तरह दिखा अव्यवस्थित

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  • विधायक के साथ निकली नामांकन रैली को आधे रास्ते में ही छोड़ विधायक डिप्टी सीएम के साथ जा पहुंची जिला निर्वाचन कार्यालय जमा किया नामांकन।
  • डिप्टी सीएम का उद्बोधन तक नहीं सुन पाई नामांकन के लिए जुटी भीड़।
  • कांग्रेस प्रत्याशी की छपी टी-शर्ट भी नामांकन में शामिल हुए लोगों को नहीं बांटी जा सकी,सूत्र।
  • नामांकन कार्यक्रम के सभा स्थल पर कांग्रेस प्रत्याशी भी नहीं दे पाई समय,मंच पर जो आया वही भाषण दिया चलता बना,बड़े नेता दिखे नदारद।
  • डिप्टी सीएम से मिलने बड़े नेता हेलीपैड तक ही सीमित रह गए आम सभा सिर्फ नाम की रह गई।
  • कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ता भी नहीं दिखे पूरे कार्यक्रम में सभी की दूरी रही चर्चा का विषय।

बैकुण्ठपुर 02 नवम्बर 2023 (घटती-घटना)। कोरिया जिले में कांग्रेस ने नया जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता को बनाया जिनके नेतृत्व में पहली बार कांग्रेस प्रत्याशी के लिए नामांकन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिस कार्यक्रम को पूरी तरीके व्यवस्थित करके इस कार्यक्रम को सफल बनाना इनका जिम्मा था पर यह कार्यक्रम अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया। इस कार्यक्रम को व्यवस्थित करके वृहद बनाया जा सकता था, जबकी कार्यक्रम के लिए काफी पैसे भी खर्च हुए जितने पैसे खर्च हुए उसमें बहुत अच्छे से कार्यक्रम सफल बनाया जा सकता था, बहुत अच्छे तरीके से कैंपनिग की जा सकती थी पर जिलाध्यक्ष ऐसा कर नही पाए। भीड़ तो जुटाने में सफल रहे पर भीड़ को व्यवस्थित तरीके से एकजुट रखने में असफल दिखे, कार्यक्रम जीस विधायक प्रत्याशी के लिए रखा गया वह खुद उस कार्यक्रम में काफी कम समय के लिए देखी गई, बाकी कार्यक्रम को जो आया वहीं मंच संचालन करके भाषण देकर आगे बढ़ता रहा। जुटाई गई भीड़ भी डिप्टी सीएम का भाषण सुनने के लिए खड़ी रही पर अंत में उन्हें उनके बिना भाषण सुने ही व बिना देखे ही उन्हें जाना पड़ा। सभा में डिप्टी सीएम पहुंच भी नहीं पाए उनके पहुंचने से पहले ही वहां से विधायक प्रत्याशी रैली लेकर रवाना हो गई, डिप्टी सीएम को रास्ते में रैली में शामिल होना पड़ा, जानकारों की माने तो डिप्टी सीएम उपभोक्ता फोरम न्यायालय के पास रैली में शामिल हुए और गंगाश्री होटल पार करने के बाद रैली को छोड़कर गाड़ी में बैठ विधायक प्रत्याशी व डिप्टी सीएम सीधे जिला निर्वाचन कार्यालय के लिए निकल गए, जिस रैली को विधायक प्रत्याशी के साथ नामांकन जमा करने नामांकन स्थल तक पहुंचाना था उस रैली को बीच में ही छोड़ दिया गया और सीधे जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंच के फॉर्म जमा किया गया और फिर वहां से कोरिया कुमार चौक के लिए निकल गए, वहां पहुंचकर डिप्टी सीएम के द्वारा कोरिया कुमार के मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया  और वह वहीं से हेलीपैड के लिए निकल गए, कहीं ना कहीं इस कार्यक्रम के लिए जुटाए गई भीड़ भी आश्चर्यचकित देखी गई और वह सोचती नजर आई की क्या उन्हे केवल रोड शो के लिए लाया गया था। नामांकन रैली में शामिल होने के लिए काफी पैसे खर्च कर विधायक प्रत्याशी की चित्र वाली छपी टीशर्ट भी मंगवाया गया था पर यह टीशर्ट एक भी नामांकन रैली में पहने हुए लोग नहीं देखे गए सूत्रों का दावा है, सिर्फ विधायक प्रत्याशी के लिए भीड़ जुटाकर ही अपनी वाह वाही लूटने में नए नवेले कांग्रेस जिलाध्यक्ष व जनता जोगी कांग्रेस से वापसी कर कांग्रेस में दोबारा आने वाले नेताओं ने अपनी उपलब्धि व वाहवाही लूट ली, और विधायक प्रत्याशि को बताया कि हम आपके लिए पूरी शिद्दत से कामकर रहे हैं, जबकि भीड़ नेतृत्व विहीन नजर आई और वह संदेश नहीं छोड़ पाई जो उसे छोड़ना था।

पुराने जिलाध्यक्ष होते तो कार्यक्रम अपार भीड़ व लाखों खर्च करने के बाद भी असफल नहीं होता
प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो कांग्रेस प्रत्याशी की नामांकन रैली में भीड़ जुटाने के लिए काफी मेहनत किया गया और भीड़ जुटाने काफी पैसा भी खर्च किया गया ,भीड़ जुटाने में लगी हुई कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित विधायक प्रत्याशी की टीम सफल भी हुई लेकिन भीड़ को वह व्यवस्थित नहीं रख पाए और भीड़ नेतृत्व विहीन दिखी,माना जा रहा है की जिस स्तर पर खर्च करके भीड़ जुटाई गई और जो भीड़ जुटी उसके बावजूद भीड़ अपने असल मकसद में कामयाब नहीं हुई जो एकजुट दिखाकर कामयाब हो सकती थी,भीड़ को एक जगह इकट्ठा करके उसे पार्टी के लिए काम करने मतदान करने के लिए प्रेरित किया जा सकता था जो नहीं हो सका,माना जा रहा है की यदि इस भीड़ का नेतृत्व पुराने जिलाध्यक्ष कर रहे होते तो वह इसे सफल कार्यक्रम सफल भीड़ के साथ आयोजित सफल नामांकन रैली आमसभा साबित कर पाते जो नए जिलाध्यक्ष और जोगी कांग्रेस से आए नए लोगों के द्वारा जो कांग्रेस में शामिल हुए हैं नहीं कर पाए।
भीड़ डिप्टी सीएम को देख भी नहीं पाई और ना उनका उद्बोधन सुन पाई
कांग्रेस प्रत्याशी की नामांकन रैली साथ ही नामांकन पूर्व आयोजित आमसभा भी फ्लॉप शो साबित हुई,मंच पर न तो विधानसभा स्तर के बड़े नेता नजर आए न ही मंच पर विधायक ही देर तक टिक पाई वहीं भीड़ मंच जहां आमसभा होनी थी वहां पहुंची और वहां वह उप मुख्यमंत्री के उद्बोधन के लिए इंतजार करती रही,जबकि उप मुख्यमंत्री आमसभा स्थल पर पहुंच ही नहीं पाए वह सीधे नामांकन के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय गए वहीं से लौटे और उड़नखटोले में बैठकर उड़ते बने। भीड़ उनका इंतजार करती रही बाद में उन्हें पता चला वह रवाना हो गए।
प्रचार प्रसार के लिए आये टी-शर्ट भी नामांकन रैली में पहने लोग नहीं दिखे
सूत्रों का दावा है की रैली में प्रचार प्रसार के लिए टी शर्ट भी बांटा जाना था जो नहीं बंट सका,माना जा रहा है की टी शर्ट बांटने में आचार संहिता अंतर्गत खर्च का प्रत्याशी के चुनावी खर्चे में जुड़ने का अंदेशा था इसलिए टी शर्ट नहीं बांटा गया।
विधायक के करीबी सिर्फ भीड़ दिखाने में ही रहे मशगूल,भीड़ के एडवांटेज को नही भुना पाए
विधायक साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी के करीबी नामांकन में केवल भीड़ जुटाने में ही अपनी ऊर्जा लगाते नजर आए भीड़ का उन्हे एडवांटेज कैसे उठाना है यह वह तय नहीं कर पाए और भीड़ आई गई साबित हुई,भीड़ को आमसभा से जो संदेश दिया जाना था वह दिया भी नहीं जा सका भीड़ गाड़ियों में घूमती रही आमसभा स्थल से लेकर अन्य शहर के कई रास्तों पर भीड़ भटकती रही और नामांकन दाखिल हो गया जिससे भी अधिकांश भीड़ अनजान रही,विधायक के खास लोग अपनी सफलता रास्ते में गाड़ियों के काफिले तक से साबित कर पाए जबकि उन्हे काफिले को नेतृत्व देकर उसे आने वाले चुनाव में मतदान में तब्दील करने का प्रयास करना था जो वह नहीं कर सके।
जिसकी नगर पालिका चुनाव में हुई थी जमानत जप्त…क्या वही जमानत जप्त वाले बचाएंगे कांग्रेस विधायक प्रत्याशी की जमानत,दिलाएंगे जीत?
कांग्रेस के नए जिलाध्यक्ष के नाम एक बड़ी हार दर्ज है वह नगरपालिका चुनाव में अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए थे एक चुनाव में ,अब उन्हे ही कांग्रेस प्रत्याशी वर्तमान विधायक की जीत तय करने का जिम्मा दिया गया है,अब देखना है की खुद की जमानत नहीं बचा पाने वाले नए कांग्रेस जिलाध्यक्ष किस तरह विधायक साथ ही प्रत्याशी को जीत दिला पाते हैं उनकी जमानत बचा पाते हैं।
पटना क्षेत्र से निकली रैली पहुंची सबसे विलंब से,पटना में ही ज्यादा समय तक तैयारियों में रह गई बड़ी रैली
कांग्रेस प्रत्याशी के लिए नामांकन के लिए भीड़ जुटाने का जिम्मा क्षेत्र अनुसार अलग अलग लोगों को दिया गया था,यह जिम्मा खुद विधायक ने दिया था इसमें कांग्रेस संगठन से केवल नए जिलाध्यक्ष ही शामिल थे शेष जिम्मा जोगी कांग्रेस से कांग्रेस में शामिल एक नेता उनके समर्थकों ने और विधायक समर्थकों ने सम्हाल रखा था,पटना क्षेत्र से लगभग दो हजार की भीड़ जुटाई गई थी और ऐसा इसलिए भी किया गया था की इससे भाजपा प्रत्याशी और उनके खेमे को एक बड़ा संदेश दिया जा सके जो यह साबित कर सके की पटना क्षेत्र जो वह मजबूत मानकर खुद के लिए चल रहे हैं वह अब मजबूत नहीं है वहां सेंध लगाई जा चुकी है,भाजपा प्रत्याशी और उनके खेमे में ही हलचल पैदा करने के लिए भीड़ को अधिक समय तक पटना में ही रोके रखा गया और जब भीड़ बैकुंठपुर पहुंची उसकी उपयोगिता उसकी असल उद्देश्य से वह भटका नजर आया और भीड़ आया गया वाली मानी गई,नामांकन का समय दोपहर 3 बजे था और पटना की भीड़ पहुंची 2 बजे के बाद जो बताया जा रहा है।
बड़े नेताओं को सिरे से किनारे किया गया,पूछ परख भी नहीं हुई उनकी,उनके बिना जीत दर्ज होगी यही तैयारी नजर आई
कांग्रेस के क्षेत्र के बड़े नेताओं को बिल्कुल किनारे रखा गया उन्हे मंच सहित अन्य जहगों पर सम्मान सहित नहीं बुलाया गया इसलिए वह वहां नहीं पहुंचे यह बताया जा रहा है,बड़े नेता केवल उप मुख्यमंत्री से मिलने हेलीपैड पहुंचे और वहीं से वह लौट गए,बताया जा रहा है की बड़े नेताओं को और अन्य कार्यकर्ताओं को बिना चुनाव अभियान में शामिल किए चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं विधायक सहित विधायक समर्थक उनका मानना है की पिछले चुनाव की ही तरह उनके लिए राह आसान है और शासन की योजनाएं उनके लिए काफी हैं उन्हे किसी के सामने निवेदन की जरूरत बिल्कुल नहीं वहीं वह इस जीत के बाद साबित कर देंगे की बड़े नेता पार्टी में कितना जनाधार रखते हैं।


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