मनेंद्रगढ़@3 साल वाले थाना प्रभारी के जाने के बाद 3 महीने वाले प्रभारी की भी पुलिस थाने से हुई छुट्टी

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  • मनेंद्रगढ़ थाने में ३ साल पूरा करने वाले थाना प्रभारी के जाने के बाद आए नए प्रभारी ३ महीने में ही बदल दिए गए।
  • 3 साल का कार्यकाल पूरा कर एक थाना प्रभारी अपना नाम मनेन्द्रगढ़ थाना के इतिहास में दर्ज कर चुके हैं।

-रवि सिंह-
मनेंद्रगढ़ 11 अक्टूबर 2023 (घटती-घटना)। आचार संहिता लागू होने से कुछ घंटे पहले ही जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ के सिटी कोतवाली में पदस्थ कोतवाली प्रभारी अमित कश्यप का अचानक जनकपुर स्थानांतरण कर दिया जाना कई तरह के सवालों को जन्म दे रहा है। आखिर ऐसी क्या वजह हो गई कि कोतवाली मनेंद्रगढ़ में 27 जून को पदस्थ हुए कोतवाली प्रभारी को 9 अक्टूबर को रवानगी दे दी गई। कश्यप साहब का तबादला कई तरह के सवालों को जन्म दे गया है। जिला मुख्यालय का थाना होने के कारण पुलिस अधिकारियों की चाहत रहती है कि उन्हें जिला मुख्यालय पदस्थ किया जाए। पूर्व नगर निरीक्षक सचिन सिंह के तबादले के बाद रायपुर से आए निरीक्षक को कोतवाली का प्रभार को सौपा गया। जानकार सूत्रों की माने तो महज तीन महीने के कार्यकाल में कोतवाली प्रभारी अमित कश्यप को अधिकांशतया बाहर वीआईपी ड्यूटी में ही रहना पड़ा। ऐसे में शहर के हालातो को बिगड़ता देख उन्हे जनकपुर भेज दिया गया।शहर में कई स्थानों पर हुई चोरियों से पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठने शुरू हो गए थे। लेकिन परदे के पीछे की हकीकत शायद अधिकांश लोगों को पता ना हो दरअसल कोतवाली थाने में जितना स्टाफ होना चाहिए उससे कम स्टाफ से कोतवाली का कामकाज चल रहा है। ऐसे में शहर की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है। और कोतवाली प्रभारी अभी तक कुछ समझ नहीं पाये और उन्हें प्रदेश की पहली विधानसभा भरतपुर सोनहत के जनकपुर पुलिस थाना में पदस्थ कर दिया गया।वहीं दूसरी ओर अगर थाना मनेन्द्रगढ़ में पदस्थ स्टाफ की ओर ध्यान दिया जाए तो ऐसे कई पुलिसकर्मी है जो लंबे अरसे से यहां जमा हुए हैं लेकिन उच्च अधिकारियों की निगाह इस ओर पता नहीं क्यों नहीं जा रही। अब हालांकि 2 महीने तक पूरा प्रशासन चुनाव में उलझा रहेगा ऐसे में यहां पुलिस बल बढ़ाने की संभावना कम ही दिखाई पड़ती है। पुलिस चुनाव के कामकाज में व्यस्त हो जाएगी। ऐसे में आसानी से समझा जा सकता है कि पुराने मामलों में किस तरह की कार्रवाई होगी।चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी शासकीय कर्मचारी को ३ वर्ष से अधिक समय तक एक ही स्थान पर नहीं रखा जा सकता लेकिन क्या ऐसे लोगों पर चुनाव आयोग की निगाह पड़ेगी जो वर्षों से मनेन्द्रगढ़ थाने में पदस्थ हैं और बीच-बीच में दिखावे के लिए दूसरी पुलिस चौकी और थाने में जाकर काम काज संभालते हैं। और फिर वापस आकर मनेन्द्रगढ़ थाने में दिखाई पड़ते हैं फिलहाल मनेंद्रगढ़ पुलिस थाने में थाना प्रभारी की नियुक्ति कर दी गई है और उन्होंने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया है।
एक ही थाना प्रभारी ने सम्हाला था मनेंद्रगढ़ थाने का तीन साल तक प्रभार,उन्होंने मनेंद्रगढ़ पुलिस थाने में इतिहास किया था दर्ज
मनेंद्रगढ़ पुलिस थाने में वर्तमान थाना प्रभारी जिन्हे जनकपुर भेजा गया है उसके पहले जो थाना प्रभारी थे वह लगातार तीन सालों तक थाना प्रभारी मनेंद्रगढ़ बने रहे उन्होंने उप निरीक्षक रहते हुए थाना प्रभारी का प्रभार अपने पास रखा वहीं उसी थाने में वह पदोन्नत होकर भी थाना प्रभारी बने रहे उनका जुगाड जंतर इतना तगड़ा था की कई शिकायतों और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होने के बावजूद उन्हे कोई हटा नहीं पाया वहीं जब वह हटाए भी गए वह नियमो के कारण हटाए गए ।तीन सालों तक थाना प्रभारी रहकर पूर्व थाना प्रभारी ने एक तरह से इतिहास रचा था पुलिस थाना मनेंद्रगढ़ में जो आज भी उन्ही के नाम से दर्ज है।


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