बैकु΄ठपुर 21 नवम्बर 2021 (घटती-घटना)। वहीं संघ के प्रांताध्यक्ष के ज्ञापन उपरांत बैकुंठपुर ब्लॉक अध्यक्ष रूपेश कुमार सिंह ने भी विज्ञप्ति जारी कर प्रदेश सरकार के संवेदनशील मुख्यमंत्री से मांग की है कि महंगाई का असर कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है और अब लंबित 14 प्रतिशत महंगाई भत्ता सरकार को जारी कर कर्मचारियों का भी ध्यान रखना चाहिए। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर 22 नवम्बर 2021 को होने वाले कैबिनेट की बैठक में 14त्न महंगाई भत्ता का निर्णय लेने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, डॉ कोमल वैष्णव, प्रांतीय सचिव मनोज सनाढ्य प्रांतीय कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा जुलाई 2021 से 3 त्न मंहगाई भत्ता देने का निर्णय लिया गया है, जिससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को जुलाई 2021 से कुल 31 त्न मंहगाई भत्ता प्राप्त होगा। केंद्र सरकार द्वारा कुल 31 त्न की घोषणा के बाद छत्तीसगढ़ के कर्मचारी लगातार पिछड़ते जा रहे है। 14 त्न का अंतर छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए असहनीय होता जा रहा है। छत्तीसगढ़ में जनवरी 2020 से लंबित 4त्न मंहगाई भत्ता, जुलाई 2020 से लंबित 3त्न मंहगाई भत्ता व जनवरी 2021 से लंबित 4त्न मंहगाई भत्ता एवं जुलाई 2021 से 3 त्न मंहगाई भत्ता को मिलाकर कुल लंबित 14 त्न मंहगाई भत्ता का आदेश शीघ्र जारी किया जावे। कर्मचारियो के लिए महंगाई से राहत पाने का एक ही साधन होता है, महंगाई भत्ता,,वर्तमान में महंगाई चरम की ओर है किंतु कर्मचारियो का महंगाई भत्ता 2 वर्ष से लंबित है, ऐसे में महंगाई की मार छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों पर भारी है। छत्तीसगढ़ व केंद्र के कर्मचारियों के बीच महंगाई भत्ता का फासला बढ़कर 14 त्न तक पहुँच गया है, इससे छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को मासिक 4 हजार से 16 हजार रुपये कम वेतन मिल रहा है।
