बैकुण्ठपुर@पूर्व जनपद उपाध्यक्ष गिना रहे हैं जनता को छत्तीसगढ़ सरकार की उपलब्ध

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  • घर घर गांव गांव पहुंच रहें हैं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष एवम उनके समर्थक
  • बैकुंठपुर विधायक के कार्यकाल में किए गए जनसंपर्क से भी ज्यादा कर चुके पूर्व जनपद उपाध्यक्ष जनसंपर्क
  • बैकुंठपुर विधानसभा से पूर्व जनपद उपाध्यक्ष कर रहें हैं कांग्रेस पार्टी से उम्मीदवारी का दावा भी
  • जनसंपर्क के मामले में पूर्व जनपद उपाध्यक्ष वर्तमान विधायक से निकल चुके आगे
  • अपने अब तक के कार्यकाल में बैकुंठपुर विधायक के द्वारा किए जनसंपर्क से भी ज्यादा जनसंपर्क कर चुके जनपद उपाध्यक्ष

रवि सिंह –
बैकुण्ठपुर,02 अप्रैल 2023 (घटती-घटना)। किसी सरकार की उपलब्धि जनता तक पहुंचाना सरकार की योजनाओं को जनता के मानस पटल पर स्थापित करना वैसे तो विधायकों की जिम्मेदारी वाला काम है खासकर जिस दल की सरकार है उसके ही विधायकों का लेकिन बैकुंठपुर विधानसभा में यह काम कोई और कर रहा है जो सरकार की उपलब्धियों योजनाओं को जन जन तक पहुंचा रहा है और लगातार जनसंपर्क कर गांव गांव घर घर तक इस जिम्मेदारी को जो उसकी नहीं है निभा रहा है। सरकार की उपलब्धियों को योजनाओं को जनता के मानस पटल पर स्थापित कर सरकार के पक्ष में आगमी विधानसभा में मतदाताओं का रूझान उत्पन्न करने का यह काम बैकुंठपुर जनपद पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवम वर्तमान में कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के जिलाध्यक्ष अनिल जायसवाल कर रहें हैं और वह प्रतिदिन यह काम बड़ी लगन एवम निष्ठा के साथ कर रहें हैं जो देखा जा रहा है।
अनिल जायसवाल वैसे तो खुद की दावेदारी भी बैकुंठपुर विधानसभा से आगामी विधानसभा में प्रस्तुत कर रहें हैं लेकिन उनकी तरफ से जिस तरह सरकार के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है उसे देखकर लगता भी है की वह योग्य उम्मीदवार हो सकते हैं और जनता उन्हे स्वीकार कर सकती है। बैकुंठपुर विधानसभा की वर्तमान विधायक जहां अब तक के कार्यकाल में जनसंपर्क में काफी कमजोर नजर आ रही हैं सरकार की योजनाओं उपलçधयों को भी वह जनता तक ले जा पाने में असमर्थ नजर आ रहीं हैं वहीं अनिल जायसवाल पूरी लगन से यह काम कर रहें हैं जो देखा जा रहा है। बैकुंठपुर विधानसभा में आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी से जिस किसी को भी उम्मीदवार बनाया जाए लेकिन यदि सरकार के पक्ष में पूरी मेहनत से माहौल बनाने को लेकर यदि बात की जाए तो अनिल जायसवाल ही एक नाम नजर आता है जो बेहतर उम्मीदवार हो सकते हैं।
पिछड़ा वर्ग समाज से मिल सकता है पूर्व जनपद उपाध्यक्ष को बेहतर समर्थन
अनिल जायसवाल वैसे तो अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहें हैं और उन्हे मौका मिलेगा की नहीं यह पार्टी की अंदरूनी बात है लेकिन यदि बैकुंठपुर विधानसभा के मतदाताओं के हिसाब से अनिल जायसवाल की चुनाव में जय पराजय को लेकर बात की जाए तो यह माना जा सकता है की वह स्वयं पिछड़ा वर्ग समाज से आते हैं और वह कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के जिलाध्यक्ष भी हैं और उन्होंने पिछड़ा वर्ग समाज को काफी हद तक कांग्रेस पार्टी के पक्ष में लाने का भी प्रयास किया है ऐसे में यदि पिछड़ा वर्ग समाज का उन्हे समर्थन मिलता है जो मिलता हुआ नज़र भी आ रहा है तो वह चुनाव में कांग्रेस पार्टी के लिए बेहतर उम्मीदवार हो सकते हैं जो कहा जा सकता है।
वर्तमान विधायक से आगे निकल चुके हैं जनसंपर्क में अनिल जायसवाल
अनिल जायसवाल वर्तमान विधायक से जनसंपर्क मामले में आगे निकल चुके हैं और वह लगातार जनसंपर्क कर भी रहें हैं वहीं वर्तमान विधायक गाहे बगाहे ही जनसंपर्क में नजर आती हैं और ज्यादा समय उनका क्षेत्र से बाहर ही व्यतीत होता है जो उन्हे पीछे कर रहा है जनसंपर्क मामले में। वर्तमान विधायक कुल मिलाकर काफी पीछे सरकार की उपलब्धियों को गिनाने योजनाओं को समझाने के मामले में भी नजर आ रही हैं जो उनकी दावेदारी कमजोर करने के लिए काफी नजर आ रही है।
पोलिंग बूथ के आंकड़ों का अच्छा ज्ञान चुनाव के लिए जरूरी है
चुनाव में प्रत्याशी की जीत तभी सुनिश्चित होती है जब उसे पोलिंग बूथ के आंकड़ों अच्छा ज्ञान हो,इस मामले में पूर्व जनपद उपाध्यक्ष कांग्रेस के लिए बेहतर उम्मीदवार हो सकते हैं क्योंकि वह लगातार पोलिंग बूथ तक जा रहें हैं और प्रत्येक बूथ तक पहुंचकर लोगों को अपने साथ जोड़ रहें हैं। उनके पास चुनाव का पुराना अनुभव भी है वहीं वर्तमान विधायक की यदि बात की जाए तो वह पोलिंग बूथ तक प्रत्येक पहुंच पाने में भी असफल रहीं हैं और उन्हे चुनाव लड़ने का भी अनुभव नहीं है क्योंकि पिछला चुनाव वह पूर्व सरकार के विरोधी लहर में जीत सकीं थीं। वर्तमान विधायक की अपेक्षा पूर्व जनपद उपाध्यक्ष लगातार जनसंपर्क कर रहें हैं वहीं विधायक ज्यादातर विधानसभा से बाहर ही समय व्यतीत कर रहीं हैं।
चुनाव की रणनीति बनाने में माहिर हैं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष
पूर्व जनपद उपाध्यक्ष को चुनाव की रणनीति बनाने में माहिर माना जाता है और उन्हे कुशल राजनीतिज्ञ कहना भी गलत नहीं होगा। भले ही वह पिछला चुनाव हार चुके हों लेकिन उनके लिए लोगों की एक ही राय है की उनके पास चुनाव में जीत सुनिश्चित करने की नीति है और वह अगली बार भी असफल होंगें ऐसा कहना गलत होगा।
विधानसभा चुनाव से पूर्व हर पोलिंग बूथ तक पहुंच चुके हैं अनिल जायसवाल
पूर्व जनपद उपाध्यक्ष अनिल जायसवाल विधानसभा चुनाव से पूर्व हर पोलिंग बूथ तक पहुंच चुके हैं और प्रत्येक बूथ के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से वह संपर्क कर चुके हैं,वहीं वह प्रत्येक बूथ के मतदाताओं से भी मिल चुके हैं और इस मामले में विधायक से आगे निकल चुके हैं।
सरकार की उपलब्धियों,योजनाओं को पहुंचा रहे जन-जन तक
पूर्व जनपद उपाध्यक्ष सरकार की उपलब्धियों योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने का काम कर रहें हैं और जनता को कांग्रेस के लिए मतदान करने के लिए अपील कर रहें हैं। उनके द्वारा जिस प्रकार से सरकार की योजनाओं को जिस तरह जनता के समक्ष पेश किया जा रहा है उसका जनता के बीच अच्छा असर भी जा रहा है और लोग उनकी बातों को सुनने उनके सामने आ भी रहें हैं। वर्तमान विधायक इस मामले में भी पीछे हैं।
समर्थकों की फौज है पूर्व जनपद उपाध्यक्ष के पास
पूर्व जनपद उपाध्यक्ष के पास समर्थकों की लंबी चौड़ी फौज है,उनके पास हर गांव में उनका समर्थन करने वाले लोगों की कमी नहीं है वहीं वर्तमान विधायक के पास समर्थकों की संख्या बिलकुल कम है और जो पिछले समर्थक थे उनमें से भी अधिकांश उनसे अलग हो गए हैं।


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