- छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ने चिरमिरी क्षेत्र में अवैध कोयला खदान का किया था दौरा
- अवैध उत्खनन देखकर मनेंद्रगढ़ विधायक पर लगाया था आरोप,आरोपों के बाद पुलिस आई हरकत में
- इसबार पकड़े गए ट्रक और कोयले के दस्तावेज प्रस्तुत करने पुलिस कोयला चोरों को पहले की तरह देगी मौका
- पहले भी कई बार पकड़े गए हैं अवैध कोयले से लदे ट्रक,आरोपियों को दस्तावेज उपलब्ध कराने दिया गया है वक्त

–रवि सिंह –
मनेंद्रगढ़/चिरिमिरी 25 दिसम्बर 2022 (घटती-घटना)। फिर एक बार चिरमिरी पुलिस की एक कार्यवाही कोयला चोरी से जुड़ी हुई सामने आ रही है। इस बार एक ट्रक कोयला जिसका वजन 18 टन बताया जा रहा है पुलिस ने पकड़ा है और ट्रक सहित ड्राइवर पर पुलिस कार्यवाही की बात कर रही है वहीं अन्य आरोपियों की तलाश इस मामले में किया जा रहा है यह भी पुलिस का कहना है। पुलिस की पूरी कार्यवाही को विधानसभा छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष के उस दौरे से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमे उन्होंने चिरमिरी क्षेत्र के बरतुंगा कालरी क्षेत्र का दौरा किया था जहां अवैध कोयला खदान संचालित थी और खदान खुलेआम संचालित थी।
ज्ञात हो की विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा नेताओं के साथ अवैध कोयला खदान का दौरा किया था और उन्होंने अवैध रूप से संचालित खदानों को लेकर मनेंद्रगढ़ विधायक पर आरोप लगाया था कि विधायक के संरक्षण में कोयला चोरी हो रहा है सड़कें कोयला चोरों की सहूलियत के लिए बनाई गईं हैं और प्रशासन मजबूर हो चुका है निरंकुश हो चुका है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष के दौरे और उनके बयान के कारण ही चिरमिरी पुलिस की हरकत सामने आई है जिसमें उसने एक ट्रक कोयला जब्त किया है और ट्रक सहित ड्राइवर पर कार्यवाही की है। वैसे पूरे मामले में एक सवाल जो खड़ा हो रहा है वह यह कि क्या चिरमिरी पुलिस नेता प्रतिपक्ष के आने का इन्तेजार कर रही थी? क्या पुलिस सरकार और चिरमिरी की कानून व्यवस्था की फजीहत कराना चाहती थी? इसलिए ही वह कोयला चोरी होने दे रही थी और जैसे ही नेता प्रतिपक्ष ने विधायक सहित जिला प्रशासन पर आरोप लगाया पुलिस हरकत में आ गई और कार्यवाही करती देखी गई।
कोयला चोरों के साथ पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगते रहें
वैसे कोयला चोरों के साथ पुलिस की मिलीभगत रहती है यह आरोप पुलिस पर लगते रहें हैं लेकिन पुलिस ने इसबार कार्यवाही करते हुए यह भी कहा है कि उनका कोयला चोरों के साथ कोई लेनादेना नहीं है और आरोप निराधार हैं। लेकिन यदि पूरे मामले को यदि समझा जाये तो एकबात पर प्रश्न जरूर उठता है कि क्या सच मे चिरमिरी में जारी बड़े पैमाने पर होने वाले कोयला चोरी के कारोबार से पुलिस अनभिज्ञ थी? नेता प्रतिपक्ष के आने और उनके द्वारा आरोप लगाते हुए बताने के दौरान पता चला अवैध खदानों के बारे में या सबकुछ जानकर पुलिस अनजान थी?
पुलिस को कोयला चोरी का मामला पता नहीं था यह बात कोई भी मानने तैयार नहीं है
जिस स्तर पर कोयला चोरी चिरमिरी में होता है उस स्तर पर बातें प्रदेश तक पहुँच रहीं हैं और नेता प्रतिपक्ष को आकर मौके पर जाकर आरोप लगाना पड़ रहा है ऐसे में यह मानना की पुलिस स्थानीय अनभिज्ञ थी गलत होगा। अब पुलिस ने भले ही नेता प्रतिपक्ष विधानसभा के आरोपों पर सज्ञान लेते हुए कार्यवाही की है और एक ट्रक कोयला मय ड्राइवर जत किया है तो देखने वाली बात यह होगी कि क्या ट्रक सहित कोयला राजसात किया जाएगा या कोयला चोरों द्वारा दस्तावेज उपलध करा देने की स्थिति में ट्रक व कोयला छोड़ दिया जाएगा जैसा पहले भी होता आया है।
क्या कार्यवाही केवल दिखावे के लिए नहीं आगे भी जारी रहेगी?
पहले भी कई गाडि़यां पकड़ी गईं और बाद में कोयला चोरों ने दस्तावेज प्रस्तुत कर गाड़ी छुड़ा ली और कार्यवाही शून्य हो गई और पुलिस बाकायदा इसके लिए उन्हें वक्त भी देती रही। अब मामला जो हो कोयला भले नेता प्रतिपक्ष के कहने पर अपनी फजीहत होने से रोकने के लिए पकड़ा गया हो कोयला जब्त हुआ पुलिस सक्रिय दिखी यह अच्छी बात है और उम्मीद की जा रही है आने वाले समय मे कार्यवाही होती रहेगी और कोयला चोरों पर चिरमिरी पुलिस अंकुश लगा पाने में सफल होगी और यह कार्यवाही केवल दिखावे के लिए नहीं आगे भी जारी रहेगी।
क्या नेता प्रतिपक्ष कोयला चोरी की पोल खोलने के प्रयास किया, इस वजह से कार्यवाही की सराहना हो रही?
नेता प्रतिपक्ष के दौरे और कोयले के अवैध खदानों तक जाकर कोयला चोरी की पोल खोलने के प्रयास की भी इस कार्यवाही के बाद सराहना हो रही है और भाजपा नेताओं का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को आईना दिखाया और सरकार ने भी मामले की गंभीरता को समझा और पुलिस पर कार्यवाही का दबाव बनाया वरना यह करोबार कभी बंद नहीं होता। नेता प्रतिपक्ष के कारण ही सो चुकी शासन प्रशासन व्यवस्था को जागना पड़ा यह भी कहना है भाजपा नेताओं का उनका कहना है कि देर ही सही दुरुस्त आये और यह स्वीकारोक्ति ही है तो है जो कार्यवाही को मजबूर हुई है स्थानीय पुलिस नेता प्रतिपक्ष आईना नहीं दिखाते कार्यवाही नहीं होती यह भी कहना है भाजपा नेताओं का।
मामले से जुड़े कुछ सवाल
सवाल: क्या नेता प्रतिपक्ष ने मनेंद्रगढ़ विधायक पर लगाया था आरोप तो सक्रिय हुई पुलिस जब्त किया 18 टन अवैध कोयला?
सवाल: क्या आरोप लगने की वजह से ही पुलिस आई हरकत में, क्या इसीलिए पकड़ा गया एक ट्रक अवैध कोयला?
सवाल: पहले पुलिस ने क्यों नहीं कि कार्यवाही,क्यों कोयला चोरी का कारोबार रहा जारी,उठ रहे सवाल?
सवाल: क्या विधानसभा नेता प्रतिपक्ष दौरा नहीं करते तो नहीं पकड़ा जाता अवैध कोयला,क्या नहीं होती कार्यवाही?
सवाल: क्या पकड़ा गया ट्रक एवम कोयला होगा राजसात,या पुलिस की कार्यवाही केवल दिखावे के लिए?
सवाल: क्या इसबार पकड़े गए ट्रक और कोयले के दस्तावेज प्रस्तुत करने पुलिस कोयला चोरों को पहले की तरह देगी मौका?