100 सैनिको की मौत,रूस यूक्रेन वार के बीच पुतिन ने दिया दखल
नई दिल्ली/मास्को, 14 सितम्बर 2022। यूक्रेन और रूस के बीच जग अभी चल ही रही है कि इस बीच अरमेनिया और अजरबैजान के सनिको के सीमा पर हुई झड़प मे दोनो तरफ के मिलाकर करीब 100 सैनिक मारे गए है।
बता दे कि दोनो देशो के बीच कई दशको से नागोरनो-कराबाख पर टकराव रहा है। इस इलाके पर अजरबैजान भी अपना दावा करता है, लेकिन 1994 मे हुए अलगाववादी युद्ध के बाद से ही यह अरमेनिया के कबजे मे है।
अरमेनिया का कहना है कि इस खूनी झड़प मे उसके 49 सैनिको की मौत हुई है, जबकि अजरबैजान ने भी 50 सैनिको के मारे जाने की बात कबूल की है। यह सघर्ष तब छिड़ा, जब अजरबैजान की सेना ने अरमेनियाई इलाके को निशाना बनाते हुए ड्रोन अटैक किए और फायरिग शुरू कर दी।
पुतिन और अमेरिकी विदेश मत्री ने भी दिया दखल
अतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी शाति की अपील की है। इस बीच अरमेनिया के पीएम निकोल पाशिनयान ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की है। इसके अलावा उन्होने फ्रास के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो से भी बात की है।
2020 मे भी हुआ था भीषण युद्ध, 6 हजार की हुई थी मौत
दोनो देशो के बीच 2020 मे भी भीषण युद्ध हुआ था, जो 6 सप्ताह तक चला था। इस युद्ध मे करीबी 6 लोगो की मौत हुई थी और रूस के दखल के बाद ही विवाद समाप्त हुआ था। मॉस्को की ओर से इलाके मे शाति व्यवस्था की बहाली के लिए 2,000 सैनिको को पीसकीपिग मिशन के तहत तैनात किया गया था।
इस बीच अमेरिका और रूस दोनो ने ही अजरबैजान और अरमेनिया से शाति बहाली की अपील की है। दरअसल रूस के अरमेनिया के साथ गहरे सैन्य ताल्लुक है। रूस का अरमेनिया मे मिलिट्री बेस भी है। इसके अलावा तेल के मामले मे समृद्ध अजरबैजान से भी रूस के अच्छे रिश्ते है। ऐसे मे दोनो देशो के बीच रूस अच्छे रिश्तो का पक्षधर रहा है।
