सूरजपुर , 02 अगस्त 2022 (घटती-घटना)। जिला मुख्यालय एवं आस-पास के इलाकों में बच्चों द्वारा भिक्षाटन किए जाने के मामले को लेकर घटती घटना ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया है। कलेक्टर इफ्फत आरा के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में जिले में बाल भिक्षाटन रोकने हेतु निरीक्षण कार्य किया जा रहा है। सोमवार को टीम द्वारा सूरजपुर शहरी क्षेत्र के पुराने बस स्टैण्ड से चन्द्ररपुर, भैयाथान रोड, केतका रोड, पुराने बस स्टैण्ड से नया बस स्टैण्ड तक निरीक्षण कार्य किया गया। शहर के पुराने बस स्टैण्ड, नए बस स्टैण्ड, होटलों तथा ठेले वाले को समझाइश देते हुए अवगत कराया गया कि कोई भी बच्चा अकेले या अपने परिजनों के साथ भी भीख मांगते हुए दिखाई देता है तो आप चाइल्ड लाइन को टोल फ्री नंबर 1098 पर संपर्क कर सूचना प्रदान कर सकते है। ग्राम पचिरा में हरिद्वार से आए हुए दवा बेचने वाले परिवारों को भी बच्चों से भीख ना मांगवाने हेतु समझाइश दी गई। किशोर न्याय बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 76 के तहत यदि कोई व्यक्ति भीख मांगने के लिए बालक का नियोजन, प्रयोग करता है अथवा किसी बालक से भीख मंगवाता है, ऐसे में उसे पांच वर्ष तक का कारावास और साथ में एक लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डनीय अपराध की श्रेणी में रखा गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रबेस सिंह सिसोदिया द्वारा जन समुदाय से अपील की गई है कि वह बच्चों को सुरक्षित करने हेतु आगे आएं। बच्चों को भीख देकर उन्हें भीख मांगने हेतु प्रोत्साहित न करते हुए 1098 में सूचना दें ताकि उनके भविष्य को सवांरा जा सके एवं उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जा सके।
