अब दिन-रात फहराया जा सकेगा तिरगा
नई दिल्ली , 23 जुलाई 2022। सरकार ने ध्वज सहिता मे बदलाव किया है। इसके साथ अब तिरगे को दिन और रात दोनो समय फहराया जा सकता है। साथ ही मशीन और पॉलिएस्टर से बने ध्वजो का उपयोग करने की भी अनुमति होगी। सरकार का यह कदम ऐसे समय मे आया है जब वह आजादी का अमृत महोत्सव के तहत 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरगा अभियान शुरु करने जा रही है।
सभी केद्रीय मत्रालयो और विभागो के सचिवो को लिखे एक पत्र मे केद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वय का प्रदर्शन, फहराना और उपयोग भारतीय ध्वज सहिता, 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत आता है।
पत्र मे कहा गया है, भारतीय ध्वज सहिता, 2002 को 20 जुलाई 2022 के एक आदेश के जरिए सशोधित किया गया है और अब भारतीय ध्वज सहिता, 2002 के भाग-दो के पैरा 2.2 के खड (ढ्ढढ्ढ) को इस तरह पढ़ा जाएगा : जहा ध्वज खुले मे प्रदर्शित किया जाता है या किसी नागरिक के घर पर प्रदर्शित किया जाता है, इसे दिन-रात फहराया जा सकता है।
इससे हले तिरगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की अनुमति थी। इसी तरह ध्वज सहिता के एक अन्य प्रावधान मे बदलाव करते हुए कहा गया, राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काता और हाथ से बुना हुआ या मशीन से बना होगा। यह कपास/पॉलिएस्टर/ऊन/रेशमी खादी से बना होगा। इससे पहले मशीन से बने और पॉलिएस्टर सेबने राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग की अनुमति नही थी।
‘आजादी का अमृत मोहत्सव’ एक प्रगतिशील स्वतत्र भारत के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य मे मनाया जा रहा है। 13 अगस्त से 15 अगस्त तक नागरिको को अपने घरो मे राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ‘हर घर तिरगा’ अभियान शुरु किया गया है।