खामोशी ने बढ़ाए ठेकेदार के हौसले
-राजा मुखर्जी-
कोरबा,16 मार्च 2022 (घटती घटना )। शहर के मोतीसागरपारा सीतामणी रेत घाट में अब सोए हुए मुर्दों के अमन-चैन में खलल पैदा किया जा रहा है। निर्धारित खनन घाट से दूर कब्र भी रेत के लिए खोद दी जा रही है। इस पर लोगों ने ऐतराज जताया है किंतु खुलकर सामने नहीं आना चाहते। इसी तरह रायल्टी राशि ज्यादा लेने के नाम पर आए दिन विवाद हो रहा है। मोतीसागरपारा का रेत घाट संचालन का ठेका और भंडारण स्थल के आबंटन में तत्कालीन तौर पर की गई त्रुटियों का खामियाजा खनिज के नुकसान के रूप में आज भी भुगतना पड़ रहा है। नदी की जमीन पर ही भंडारण की अनुमति दे दिए जाने से बड़े पैमाने पर रेत की चोरी होती रही है, रायल्टी की भी चोरी अलग से। यहां रॉयल्टी राशि के नाम पर ट्रैक्टर मालिकों और पर्ची काटने वाले कर्मी के बीच कहा-सुनी आम बात है।इस मामले में ट्रैक्टर मालिकों ने जल्द ही पुलिस और प्रशासन से शिकायत करने की बात कही है ताकि निर्धारित दर पर राशि लेकर रेत बेचने की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। इधर दूसरी ओर खदान क्षेत्र से जो तस्वीर सामने आई है, उसके मुताबिक रेत का खनन स्थानीय लोगों के द्वारा दफनाए गए शवों की कब्र तक पहुंच ,कब्र के आसपास से जहां रेत निकाली जा रही है ढ्ढ स्थानीय लोगों ने इस बात पर आश्चर्य जताया है कि, आखिर इन दफन शवों का क्या कसूर कि उन्हें चैन से सोने नहीं दिया जा रहा।