सांप ने डसा तो 5 दिन कराते रहे झाडफ़ूंक,पंडो की मौत
-पृथ्वीलाल केशरी-
अम्बिकापुर/रामानुजगंज 10 फरवरी 2022 (घटती घटना)। बलरामपुर जिले में सांप के डसने के बाद झाडफ़ूंक के चक्कर में एक युवक की मौत हो गई। सुलसुली निवासी एक पंडो युवक को सांप ने डसा तो परिजन पिपरोल गांव झाडफ़ूंक के लिए ले गए। वहां दो दिन तक झाडफ़ूंक कराया, लेकिन हालत बिगड़ी तो खास समुदाय के प्रार्थना सभा में ले जाने कहा गया। इसके बाद परिजन उसे निजी वाहन से अंबिकापुर लेकर चले गए। यहां भी उसके लिए दुआ मांगी गई और झाडफ़ूंक करते रहे। हालत कुछ सामान्य लगी तो परिजन वहां से लेकर घर पहुंचे। इसके बाद बुधवार सुबह 4 बजे उसने दम तोड़ दिया। ग्राम पंचायत सुलसुली आमाटिकरा वाड्रफनगर ब्लॉक निवासी इंद्रदेव पंडो पिता बुधन पण्डो 35 वर्ष को सांप ने 5 दिन पहले डस दिया था। वह मूलत: धनमार भीतरचुरा का रहने वाला था। वर्तमान में अपने ससुराल में दो बेटों और 2 बेटियों के साथ रहता था।बताया जा रहा रहा है कि इंद्रदेव पण्डो गुरुवार शाम जब बैल लेने जा रहा था, तब उसे सांप ने डस लिया था। इसके बाद अज्ञानता के कारण अस्पताल में इलाज न कराकर झाडफ़ूंक और जड़ी-बूटी से इलाज कराने आरागाही, वाड्रफनगर और अंबिकापुर गए थे।
पंडो जनजाति में जागरूकता का अभाव
पंडो जनजाति में अशिक्षा व्याप्त है। जागरूकता के अभाव में जड़ी-बूटी से इलाज कराने को प्राथमिकता देते हैं। इसके कारण इस विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों की असमय मौत हो रही है, जबकि जागरूकता के लिए सामाजिक स्तर और प्रशासनिक स्तर पर कई प्रयास किए जा रहे हैं। इस समुदाय में जादू-टोना और झाडफ़ूंक के चक्कर के दूसरे समुदाय की अपेक्षा मौत का आकड़ा अधिक है। वहीं बाल विवाह के कारण एनीमिक महिलाओं की बड़ी संख्या है, जिससे बच्चों में कुपोषण दर अधिक है।