पुर΄देश्वरी को हटाने की कवायद…सौदान सि΄ह की वापसी के लिए पै΄तरेबाजी

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छाीसगढ़ मे΄ वर्ष 2018 के चुनाव के बाद महज 14 सीटो΄ मे΄ सिमटकर रह गई भाजपा की हालत अस्पताल मे΄ मरीजो΄ को दी जाने वाली पतली दाल से भी ज्यादा पतली हो चली है. हाला΄कि यहा΄ इस खबर मे΄ जेलो΄ मे΄ दी जाने वाली दाल की उपमा भी दी सकती थी΄, लेकिन छाीसगढ़ की जेलो΄ मे΄ इन दिनो΄ कैदियो΄ को प्रोटीनयुक्त दाल परोसे जाने लगी है. एक वजह यह भी है कि प्रदेश की अधिका΄श जेलो΄ मे΄ एक से बढक़र एक वीआईपी इतनी शक्ति हमे΄ देना दाता…मन का विश्वास कमजोर हो ना…ये मालिक तेरे ब΄दे हम…ऐसे हो हमारे करम…जैसा दिल को छू लेने वाला भजन गा रहे है΄. जो वीआईपी भजन नही΄ गा पा रहे है΄ वे बासी हो चुके पेपर को कई-कई बार पढक़र दिन गुजार रहे है΄.
जैसा कि ऊपर शीर्षक मे΄ उल्लेखित है΄ कि छाीसगढ़ से भाजपा की प्रभारी डी पुर΄देश्वरी को हटाने की कवायद चल रही है तो यह दावा हमारा नही΄ है बल्कि छाीसगढ़ के कर्मठ और नाराज चल रहे कार्यकर्ताओ΄ का है. ऐसे सभी कार्यकर्ता पिछले कई दिनो΄ लगातार यह महसूस कर रहे है΄ कि भाजपा की एक तगड़ी लॉबी डी पुर΄देश्वरी को हटाने के खेल मे΄ लगी हुई है.
कार्यकर्ताओ΄ का कहना है कि अनिल जैन और सौदान सि΄ह से जब राज्य को मुक्ति मिली तब आम कार्यकर्ताओ΄ ने राहत का अनुभव किया था. जिस रोज से डी पुर΄देश्वरी छाीसगढ़ की प्रभारी बनी है उस रोज़ से वह बेहद उम्दा कार्य कर रही है, लेकिन प्रदेश मे΄ पार्टी को अपनी बपौती समझने वाले कतिपय नेता पुर΄देश्वरी को रुखसत करने के गुणा- भाग मे΄ लगे हुए है΄.
वे लोग कौन है…यह पूछे जाने पर कार्यकर्ताओ΄ ने कहा कि कोई एक नाम हो तो बताया जाय ? प्रदेश मे΄ पूरी पार्टी मात्र 30 लोगो΄ के आसपास ही घूमती है΄. इन तीस लोगो΄ मे΄ से चार-पा΄च ने पार्टी को बरबादी के कगार पर पहु΄चा दिया है. नाम न छापने की शर्त पर एक कार्यकर्ता ने बताया कि पैसो΄ का हिसाब-किताब रखने वाले एक शख्स ने पार्टी मे΄ अपनी मनमर्जी चला रखी है. इस शख्स के साथ नान घोटाले मे΄ लिप्त एक कद्दावर नेता जुड़े हुए है΄. उनके साथ उनका पिल्लर है जिसे लोग रतलामी सेव कहते है΄. यह सेव आए दिन गाली-गलौच करते रहता है. इस सेव की वजह से पार्टी बैकपुट पर आ गई है. कार्यकर्ता ने कहा कि जिन नेताओ΄ को बस्तर के चिन्तन शिविर मे΄ शामिल होने लायक नही΄ समझा गया वे लोग इन दिनो΄ कोर कमेटी मे΄ शामिल है. पार्टी मे΄ किसी भी जमीनी कार्यकर्ता को कोई बड़ी जिम्मेदारी नही΄ सौ΄पी गई है.
सबको लगता है कि जमीनी लोगो΄ का अवतरण केवल दरी उठाने और बिछाने के लिए ही हुआ है΄. पूरी पार्टी से अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग का नेतृत्व गायब है. पार्टी के एक-दो नेताओ΄ को छोड़ दे तो कोई भी नेता ठेठ ढ΄ग से ना तो छाीसगढिय़ा दिखाई देता है और ना ही छाीसगढ़ी बोल पाता है. सबको देखकर लगता है कि ये लोग सुबह और शाम राजभोग और काजू-कतली का नाश्ता करने के लिए ही इस धरती पर आए है΄. जब से भूपेश बघेल की सरकार आई है तब से ठेठरी-खुरमी और चीले का जोर चल रहा है… यानी छाीसगढ़ की कला-स΄स्कृति और परम्परा की बात हो रही है΄ लेकिन इधर भाई लोग अब भी राजस्थानी भोजनालय की थाली और अलग से घी लगी रोटी म΄गवाकर जिम रहे है΄.
कार्यकर्ता ने नाराजगी भरे लहजे मे΄ कहा- जो शख्स विधानसभा के चार कार्यकर्ताओ΄ के बीच स्वीकार्य नही΄ है पार्टी उसे लेकर प्रदेशभर मे΄ आ΄दोलन करने की योजना बनाती है तो कैसे चल पाएगा ? नाराज कार्यकर्ता ने कहा है कि जिन कथित बड़े नेताओ΄ को बस्तर के चिन्तन शिविर मे΄ आम΄त्रित नही΄ किया गया था वे और उनसे जुड़े हुए लोग लगातार पुर΄देश्वरी को हटाने के लिए माहौल बना रहे है΄.
इधर पुर΄देश्वरी को प्रभारी बनाए रखने के लिए कार्यकर्ताओ΄ ने भी शीर्ष नेतृत्व को चि_ी-पत्री भेजने का काम प्रार΄भ कर दिया है. कार्यकर्ता ने बताया कि पुर΄देश्वरी ने जिले का दौरा करने की इच्छा जताई थी΄, लेकिन स΄गठन ने अब तक उनका दौरा कार्यक्रम ही नही΄ बनाया है. सबको मालूम है कि जैसे ही पुर΄देश्वरी जिले के कार्यकर्ताओ΄ से मिलेगी वैसे ही बमबारी प्रार΄भ हो जाएगी. वैसे बमबारी की शुरूआत तो चिन्तन शिविर मे΄ ही हो गई थी΄ जब एक जिम्मेदार नेता ने कहा था- मु΄हलगे अफसरो΄ ने पार्टी की बै΄ड बजाकर रख दी थी΄. पार्टी अब भी ऐसे लोगो΄ को साथ लेकर चल रही है जिनका कोई जनाधार नही΄ है. पार्टी को अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़े और अन्य वर्ग का साथ नही΄ मिल पा रहा है. बहरहाल पार्टी के भीतर खुद के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए उम्र दराज लोगो΄ की एक लॉबी जबरदस्त स΄घर्ष कर रही है. यह लॉबी इसलिए भी स΄घर्षरत है΄ यो΄कि भीतर के खानो΄ मे΄ इस बात की जबरदस्त चर्चा है कि 2023 के विधानसभा चुनाव मे΄ घर के सारे फ्यूज लब बदल दिए जाए΄गे. पार्टी का शीर्ष नेतृत्व चूके हुए कारतूसो΄ से निज़ात पाने का मन बना चुका है.


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