कोरिया/सोनहत@क्या जनपद सीईओ हुए विवादित बिना कमिशन के नही उठाते कलम…क्या कमिशन खोरी व भष्टाचार करना है मकसद?

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-रवि सिंह-
कोरिया/सोनहत,23 मार्च 2025 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ प्रदेश में 1 साल से अधिक हो गया भाजपा की सरकार बने और हर सत्ताधारी नेताओं के जवान पर हर सभा में एवं मीडिया के सामने मोदी की गारंटी और विष्णु का सुशासन की गुणगान किया जाता है। जबकि धरातल पर हकीकत कुछ और है लगातार सोशल मीडिया और मीडिया से खबरें आती रहती है कि अधिकारियों से और कमीशन खोरी तथा भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त है लेकिन इस पर अंकुश लगाने वाला कोई भी नहीं है। प्रदेश की प्रमुख विपक्षी दल शांत बैठी हुई है। शांत बैठने का मतलब यह नहीं है कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं है लगातार ऐसी मुद्दाएं आ रही हैं जिससे सरकार को घेरने का काम विपक्ष बखूबी कर सकती है लेकिन विपक्ष भी मौन है उसके पीछे का कारण पता नहीं है। फिलहाल हम बात कर रहे हैं सोनहत विकासखंड के जनपद पंचायत सोनहत का जहां से ताजा मामला आया है सोनहत जनपद सीईओ पर कमीशन खोरी का आरोप लगा है आरोप लगाने वाले ग्राम पंचायत के जन प्रतिनिधि ने बाकायदा पत्र लिखकर कलेक्टर कोरिया से जनपद सीईओ पर कार्यवाही की मांग की है। पंचायत प्रतिनिधि का आरोप है कि ग्राम पंचायत की फाइल को जनपद सीईओ से हस्ताक्षर करवाने की ऐवज में जनपद सीईओ द्वारा पहले अपने चेंबर में अभद्रतापूर्ण व्यवहार करते हुए काम के बदले दाम की मांग की गई यह आरोप लगाया गया। मामला जमकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और सभी जनपद सीईओ की इस कमीशन खोरी और अभद्र व्यवहार को लेकर लोग नाराज हैं। अब ऐसे गंभीर मामले पर कलेक्टर कोरिया क्या संज्ञान लेती हैं देखने वाली बात होगी फिलहाल ऐसे मामले को देखकर लगता है कि जनपद सीईओ के हौसले काफी बुलंद है जो खुलेआम कमीशन खोरी का खेल खेल रहे हैं या यूं कहें कि अपना सिंडिकेट चला रहे हैं।
पूर्व मे भाजपा नेता ने लगाया था आरोप?
कुछ दिन पूर्व सोशल मीडिया पर सोनहत भाजपा के मंडल महामंत्री ने जनपद सीईओ पर फाइल में हस्ताक्षर करने के बदले कमीशन मांने का आरोप लगाया था। भाजपा की सरकार होने के बावजूद भाजपा नेता की कोई सुनवाई आज तक नहीं हुई और सूत्रों से जानकारी के मुताबिक उक्त भाजपा नेता का फाइल आज भी ऑफिस में धूल खा रही है। जब भाजपाइयों की ऐसी स्थिति जनपद सीईओ ने बना रखी है तो सोचिए अन्य जनप्रतिनिधियो और सोनहत की जनता का क्या हाल होगा आखिर सीईओ के ऐसे मनोबल के पीछे कौन है और किसकी सह पर जनपद सीईओ अपना धमक दिखा रहे हैं बड़ा सवाल है?
क्या बिना कमीशन नही चलता साहब का कलम?
जनपद सीईओ पर लग रहे लगातार कमीशन खोरी के मामले को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि जनपद पंचायत सोनहत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का कलम बिना कमीशन के नहीं चलता कुल मिलाकर यह अपना भ्रष्टाचार का अलग सिंडिकेट सोनहत मुख्यालय में चला रहे हैं और जमकर धन उगाही कर रहे हैं ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसा खुला कमिशन का खेल खेलने के लिए इनको कौन लोग संरक्षण दे रहे हैं? और क्या यह जनपद सीईओ सोनहत क्षेत्र को लूटने और भ्रष्टाचार करने के लिए जनपद में कुर्सी लेकर बैठे हुए हैं?
बाबू भी मलाई छानने मे माहिर
बात अगर जनपद पंचायत सोनहत की हो रहे हो कमीशन खोरी की हो रही हो तो यहां के बाबू भी इन खेलों में कम नहीं है। कुछ दिनों पूर्व शिकायत हुई थी व सोशल मीडिया मे अखबारों में खबर आ रहा था कि जनपद के एक बाबू ने बाकायदा पंचायत में स्वयं किट सप्लाई का काम किया था। जिसमें ग्राम पंचायत में हुए सप्लाई के समान के 10 गुना ज्यादा पेमेंट प्राप्त कर लिया था। यह मामला जमकर सुर्खियों में था और जिले में मामले की जांच के लिए टीम भी गठित की गई थी लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई और दिखावे के लिए जनपद सीईओ ने बाबू को विभाग से हटा भी दिया था। परंतु उक्त बाबू लगातार मलाईदार फाइलों को निपटाकर हिस्सा साहब तक पहुंचा रहे हैं। कुल मिलाकर साहब और बाबू दोनों एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं।
शासन के लाखों का खर्च सिर्फ साहब के भौकाली दिखाने मे…?
जानकारी के मुताबिक जनपद सीईओ निजी वाहन मे बकायदा छत्तीसगढ शासन लिखवाकर घुम रहे है तथा उक्त वाहन का खर्चा शासन से वसूल रहे जो नियमविरूद्ध है। सोनहत सीईओ प्रतिदिन जिला मुख्यालय से ब्लॉक मुख्यालय आना जाना करते है। ऐसे मे अंदाजा लगाया जा सकता है की महिने मे सीईओ साहब शासन को लाखो का चुना सिर्फ अपनी भौकाली मचाने मे खर्च कर रहे है।


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