- आखिर सीएमएचओ साहब शिवम के परिवार के किस सदस्य पर मोहित हो गए हैं कि उसके लिए वह बचाने पूरा प्रयास कर रहे हैं:सूत्र
- संविदा में सेवा समाप्त करने के जगह पोड़ी बचरा भेजने की हो रही है तैयारी,इसे बचाने का प्रयास न माने तो क्या माने?
- जांच सिर्फ बहाना है 5 लाख से अधिक वसूली करने वाले रिश्वतखोर को तो बचाना है…क्या इसलिए जांच रिपोर्ट में की जा रही है लेट-लतीफी?
- सोनहत ब्लॉक के रिश्वतखोर शिवम गौतम पर अवैध वसूली का आरोप, स्वास्थ्य कर्मचारियों में आक्रोश



-रवि सिंह-
कोरिया/सोनहत,22 मार्च 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की दिलचस्पी रिश्वतखोर कर्मचारियों को बचाने में कुछ ज्यादा देखी जा रही है,अब सवाल यह उठता है कि आखिर यह दिलचस्पी क्यों है और इसकी वजह क्या है? आखिर रिश्वतखोर कर्मचारियों के परिवार के किस सदस्य पर वह मोहित हो गए हैं कि कार्यवाही से वह शिवम गौतम को बचाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं? जबकि जिले के सोनहत लॉक में पदस्थ विकासखंड डाटा प्रबंधक शिवम गौतम पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से 5,11,000 (पांच लाख ग्यारह हजार रुपये) की अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 3-4 वर्षों से कार्य आधारित वेतन के बदले उनसे जबरन पैसे लिए जा रहे हैं। लोगों को बिना काम के प्रोत्साहन राशि देने के अवेज में 65 प्रतिशत खुद शिवम गौतम रखता था और 35 प्रतिशत जिसके नाम से जारी होता था उसे मिलता था, अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गौतम शासकीय पैसे का कितना दुरुपयोग करता था और साथ ही कर्मचारियों को एक बिना काम किए ही प्रोत्साहन राशि देने का आदत लगा दिया था, कर्मचारी बिना काम के ही 35 प्रतिशत राशि पा रहे थे और उनके आड़ में शिवम 65 प्रतिशत राशि खुद डकारता था आज यह बात जब खुल चुकी है तो जांच करने वाले जिम्मेदार भी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से नहीं निभा पा रहे हैं, जहां इस कर्मचारी पर सारे प्रमाणित दस्तावेज होने के बावजूद भी कार्यवाही में विलंब हो रहा है, जांच टीम गठित की गई है और सूत्रों का यह भी दावा है कि उसे सोनहत से हटाकर पोड़ी बचरा कर दिया जाएगा,ताकि मामले से लोगों का ध्यान हटे और उसकी नौकरी बच जाए पर सवाल यह उठता है कि संविदा नौकरी में जहां कार्यवाही का प्रावधान है ना की ट्रांसफर का फिर यह प्रक्रिया क्यों अपनाई जा रही है यह भी बड़ा सवाल है? मामला विभागीय के साथ आपराधिक भी है पर अभी तक विभाग उसे बचाने पर ही काम करता दिख रहा है, इसमें सबसे अधिक यदि कोई उस कर्मचारि को बचाना चाह रहा है तो वह है कोरिया जिले की सीएमएचओ साहब आखिर इसकी वजह क्या है? क्या शिवम की बहन उनके साथ काम करती थी इस वजह से वह उसके प्रभाव में उसे बचाना चाह रहे हैं या फिर किसी भाजपा नेता या विधायक का दबाव है?
सीएमएचओ पर भी उठे सवाल,कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
स्वास्थ्य कर्मियों का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह इस मामले में शिवम गौतम को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार,आरोपी को पोड़ी बचरा स्थानांतरित करने की तैयारी कर रहे हैं ताकि मामला ठंडा पड़ जाए। इस फैसले का विरोध करते हुए संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर आरोपी को हटाने के बजाय सिर्फ स्थानांतरित किया गया,तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
गौतम परिवार के किस सदस्य पर मोहित है सीएमएचओ?
सीएमएचओ गौतम परिवार के किसी सदस्य पर मोहित है, शिवम गौतम के छोटे भाई को अब जिला अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा में ड्रेसर के पद पर तैनात करवा दिया है तो शिवम को बचाने में उन्होंने एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है।
स्वास्थ्य संघ ने की निष्पक्ष जांच और वसूली गई राशि की वापसी की मांग
इस पूरे मामले की शिकायत प्रदेश अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार को दी गई है, जिसमें कर्मचारियों ने निष्पक्ष जांच और अवैध वसूली की गई राशि को वापस दिलाने की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि शिवम गौतम द्वारा विभिन्न सीएचओ से अवैध वसूली की गई, जिसमें अर्पणा, रीमा, सत्यदीप, गायत्री, सरोज, अनीता, प्रमिला, प्रेमलता, राधिका, भाग्यवती और मोनिका समेत अन्य कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि यदि शिवम गौतम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे मजबूर होकर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
विकासखंड डाटा प्रबंधक पर अवैध वसूली का आरोप, जांच समिति के समक्ष पेश होंगे साक्ष्य, मामले को पुलिस में दिए जाने की उठी मांग
कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत के डाटा प्रबंधक (संविदा) शिवम गौतम पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने 21 मार्च 2025 को नया पत्र जारी कर इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की मांग करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अनुसार,शिवम गौतम सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को नौकरी से निकालने और उनकी गोपनीय रिपोर्ट (सीआर/एपीएआर) खराब करने की धमकी देकर प्रोत्साहन राशि जारी करने के एवज में अवैध वसूली कर रहे थे। संघ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिनांक 5 मार्च 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी और दोषी अधिकारी के निलंबन एवं संविदा समाप्ति की मांग की थी। जांच के लिए गठित समिति ने इस मामले में संघ को साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, संघ के प्रतिनिधि निजी कारणों से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उनकी ओर से आज शुक्रवार को श्री अविनाश तिग्गा (प्रांतीय महासचिव, सीएचओ प्रकोष्ठ) को अधिकृत किया गया है, जो जांच समिति के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किया है।
जांच समिति को सौंपे गए महत्वपूर्ण साक्ष्य
संघ के अनुसार, जांच समिति को कई महत्वपूर्ण साक्ष्य सौंपे गए जिनमें ऑडियो/वीडियो क्लिप (जिसमें अवैध वसूली की बातचीत रिकॉर्ड है), ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट (जिसमें धनराशि के लेन-देन के सबूत हैं) गवाहों के बयान (लॉक सोनहत के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) संघ ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर शिवम गौतम की संविदा समाप्त की जाए और खंड चिकित्सा अधिकारी को निलंबित किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप,पुलिस जांच की भी उठी मांग
इस घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। संघ ने इस प्रकरण में पुलिस से भी जांच की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या अवैध वसूली के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं जुड़ा है। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है,यह जांच समिति की रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग के निर्णय पर निर्भर करेगा।