बैकुंठपुर/पटना,@कांग्रेस ने नगर पंचायत पटना में पार्षदों के बहुमत के बावजूद भी गंवाया उपाध्यक्ष का पद

Share

-रवि सिंह-
बैकुंठपुर/पटना,13 मार्च 2025 (घटती-घटना)। आखिरकार कोरिया जिले में नगरीय निकाय सहित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतर्गत सम्पन्न होने वाले सभी चुनाव संपन्न हो गए और चुनावों के संपन्न होते ही कांग्रेस पार्टी भी जिले में समाप्त होती नजर आई नेतृत्व विहीन नजर आई। सबसे आखिरी चुनाव नगर पंचायत पटना के उपाध्यक्ष का सम्पन्न हुआ जहां बहुमत में पार्षदों के होने के बावजूद कांग्रेस का उपाध्यक्ष पद का प्रत्याशी चुनाव हार गया और निर्दलीय चुनाव जीतकर आए साथ ही भाजपा में हाल ही में शामिल पार्षद की उपाध्यक्ष पद पर जीत हो गई। कुल मिलाकर कांग्रेस अपने ही पार्षदों को केवल इसलिए इक्कठा नहीं रख पाई क्योंकि कांग्रेस में नेतृत्व की कमी और पार्षदों को बेहतर समझाइश नहीं दी जा सकी जिसके अंतर्गत उन्हें यह समझाइश चुनाव पूर्व दिया जाना चाहिए था कि क्यों कांग्रेस का उपाध्यक्ष जरूरी है और क्यों क्रॉस वोटिंग नहीं किया जाना है। कांग्रेस पार्षदों के क्रॉस वोटिंग के पीछे की वजह उपाध्यक्ष पद की लालसा सामने आ रही है वहीं एक वजह परिवारवाद की भी सामने आ रही है और माना जा रहा है कि कोई और यदि कांग्रेस से प्रत्याशी होता या कांग्रेस में पार्षदों में से उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी का चयन लोकतांत्रिक प्रकिया से होता तो यह नौबत नहीं आती और कांग्रेस उपाध्यक्ष बना ले जाती। खैर कांग्रेस जिले से समाप्त हुई यह इसलिए लिखना पड़ा क्योंकि जहां सफलता तय थी वहां भी वह हार गई वहीं जहां नेताओं को डेरा जमा देना था कांग्रेस के वहां वह लापता थे गायब थे चुनाव के दौरान। वैसे सम्पन्न सभी चुनाव कोरिया जिले में भाजपा के नए जिलाध्यक्ष के लिए सौगातें लेकर आया और उन्हें हर जगह सफलता मिली और जहां पराजय तय थी वहां भी उन्होंने जय तलाश ली जिसका सबसे बड़ा उदाहरण पटना नगर पंचायत का चुनाव है जहां अनारक्षित सीट से उन्होंने आदिवासी महिला को मौका देकर चौंकाया और उन्हें जीत दिलाई और फिर उपाध्यक्ष के लिए निर्दलीय को पार्टी में शामिल कराया और जीत दिला ले गए। उपाध्यक्ष निर्वाचन का सबसे अप्रत्याशित पहलू यह रहा कि कांग्रेस जहां 15 में से 8 पार्षदों के साथ सबसे ज्यादा पार्षदों वाली पार्टी थी और वह उपाध्यक्ष बना ले जाएगी यह तय नजर आ रहा था वह 5 पार्षदों वाली भाजपा प्रत्याशी से 9 के मुकाबले 6 मतों से हार गई। किसने किसने क्रॉस वोटिंग किया यह तो अब पता कर पाना भी असम्भव है क्योंकि गोपनीय मतों को लेकर कोई बात लीक सामने आयेगा लगता नहीं है। जीत का सेहरा भाजपा के देवेंद्र तिवारी के सिर बंधना तय है और उनका नेतृत्व इस काबिल माना भी जाएगा जो उन्होंने पटना के नेताओं के भरोसे कुछ छोड़ने की बजाए खुद ही कमान सभी सम्हाले रखी और जीत दर्ज कर उन्होंने दिखा दिया।

पंच से पार्लियामेंट तक भाजपा के नारे को कोरिया में नव नियुक्त जिलाध्यक्ष ने किया मजबूत
पंच से संसद तक के भाजपा के नारे को नए कोरिया जिला भाजपा अध्यक्ष ने मजबूत किया इस चुनाव में। जीत जहां जैसे मिली उन्होंने दर्ज की। इतनी बड़ी सफलता की उम्मीद नहीं थी पटना में जहां उन्होंने जीत का परचम लहरा दिया।
देवेंद्र की रणनीति के आगे बड़े कांग्रेसी और पुराने भाजपाई भी चित्त
भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी की रणनीति के आगे बड़े कांग्रेसी नेता सहित सभी पुराने भाजपाई भी चित्त नजर आए पूरे चुनावों में। देवेंद्र तिवारी को लेकर सामाजिक कुछ आलोचनाएं कुछ लोगों ने की ज़रूर जब सामाजिक नेता की हार हुई एक लेकिन यदि उसे सहजता से देखा जाए तो लोकतांत्रिक व्यवस्था के पक्ष विपक्ष की लड़ाई में सामाजिक संरचना नेतृत्व को बाध्य नहीं करती।खैर देवेंद्र तिवारी के आगे सभी की रणनीति धराशाई नजर आई।

पूर्व जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कमजोर हो गई थी भाजपा,नहीं थी किसी की पूछ परख
पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा के कार्यकाल की बात की जाए तो उनके नेतृत्व में भाजपा कोरिया जिले में कमजोर हो गई थी,किसी की पूछ परख नहीं थी अब भाजपा देवेंद्र तिवारी के नेतृत्व में मजबूत हो रही है और सभी की पूछ परख पार्टी में बढ़ रही है। नए जिलाध्यक्ष खुद तो मैदान में डटे रहते हैं वह सभी के बीच कार्यविभाजन कर सामंजस्य भी बैठाते हैं यही उनकी सफलता का राज है।
जनपद,जिला,नगर पंचायत में अब भाजपा की सरकार
अब जिला पंचायत जनपद पंचायत सहित नगरीय निकाय में सभी में भाजपा का परचम लहरा चुका है।हर जगह जीत के लिए एक ही नाम लोग ले रहे हैं और वह नाम है भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी का। जहां हार की संभावना या हार तय थी वहां की जीत के बाद अब देवेंद्र तिवारी को लेकर एक ही बात कही जा रही है और वह यह की वह अपनी रणनीति में माहिर हैं और हार को जीत में बदलना जानते हैं।
देवेंद्र तिवारी के नेतृत्व में पटना नगर पंचायत उपाध्यक्ष का पद भी भाजपा ने जीता
इसे संयोग कहें या मेहनत और शिद्दत से किया प्रयास जो भी कहेंगे श्रेय देवेंद्र तिवारी भाजपा कोरिया जिलाध्यक्ष को ही जायेगा और यह कहना सही होगा कि उनके नेतृत्व में ही पटना नगर पंचायत उपाध्यक्ष का पद भाजपा अपना बना सकी। उपाध्यक्ष पद पर भाजपा की कहीं से दावेदारी नहीं थी वहीं उस पद को देवेंद्र तिवारी ने भाजपा की झोली में डाल दिया जीत दिला दी उस पद पर भाजपा प्रत्याशी को। कैसे दो निर्दलीय को पहले भाजपा में शामिल कराया फिर उन्हीं में से एक को उपाध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया और जीत दिला दी यह सब कुछ देवेंद्र तिवारी की ही कुटिल चाल थी जिसे कांग्रेस नहीं समझ सकी। वैसे देवेंद्र तिवारी ने भाजपा के लिए हर जगह जीत तलाशी और जीत दिलाई।
15 में से 5 पार्षद भाजपा के थे 2 निर्दलीय भी भाजपा खेमे में आए,1 अध्यक्ष मिला कर 8 कुल थी भाजपा की संख्या,एक कांग्रेसी पार्षद ने किया क्रॉस वोटिंगःसूत्र
भाजपा 15 में से 5 पार्षद ही जीता सकी थी वहीं दो निर्दलीय जीतकर आए थे जिन्हें भाजपा ने अपने खेमे में मिला लिया था वहीं एक अध्यक्ष का मत जोड़ दिया जाए तो कुल 8 मत भाजपा प्रत्याशी को उपाध्यक्ष के लिए मिलने थे लेकिन भाजपा प्रत्याशी को 9 मत मिले। माना जा रहा है कि एक कांग्रेसी पार्षद ने क्रॉस वोटिंग की और भाजपा का उपाध्यक्ष बन सका।
जिलाध्यक्ष बदलते ही कोरिया में भाजपा हुई मजबूत,संगठन का दिखने लगा असर
-कोरिया जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष के रूप में देवेंद्र तिवारी के पदभार ग्रहण करते ही भाजपा जिले में मजबूत हुई है। देवेंद्र तिवारी हर जगह खुद जाकर काम करने में विश्वास करते हैं वह जमीन पर रहकर लड़ाई लड़ते इस चुनाव में नजर आए। देवेंद्र तिवारी के पूर्व के जिलाध्यक्ष के मुकाबले देवेंद्र तिवारी काफी सफल जिलाध्यक्ष साबित होते जा रहे हैं,अपना पहला ही उन्होंने परिणाम परीक्षा का ऐसा ला दिया कि आलोचनाओं की जगह ही नहीं है।


Share

Check Also

रायपुर@ भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर डॉ महंत ने गडकरी को लिखी चिट्ठी

Share ्र> सीबीआई जांच की मांग भी की… परियोजना में करोड़ों के भ्रष्टाचार का लगाया …

Leave a Reply