मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 9820 करोड़ रूपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

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रायपुर,11 मार्च 2025(ए)। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष २०२५-२६ के लिए 9820 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए ८२४५ करोड़ रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए १५७५ करोड़ रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं। लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन को बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को समाज में आर्थिक रूप से सबल और सशक्त बनाये जाने हेतुु विगत वित्तीय वर्ष के मुख्य बजट में ३००० करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें वृद्धि करते हुए वित्तीय वर्ष २०२५-२६ के मुख्य बजट में ५५०० करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना को और अधिक जनहितकारी व हितग्राहीमूलक बनाये जाने हेतु ई.के.वाय.सी. के लिए राशि रूपये ४ करोड़ ९० लाख का बजट प्रावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल, पोषण व उनके बौद्धिक विकास के लिए पालना केन्द्रों के संचालन के लिए बजट में १० करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। महिला सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित प्रचलित कानूनों के क्रियान्वयन के लिए ५ करोड़ ११ लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जनजागरूकता एवं विशेष अभियान हेतु प्रस्तावित बजट में १ करोड़ ५० लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित विभागीय भवनों के मरम्मत व विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए ५० करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है, जिसमें स्वयं के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत सुविधा पहुंचाने के लिए राशि रूपये २ करोड़ का नवीन मद में प्रावधान शामिल किया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुविधाओं का विस्तार व संचालन के लिए वर्ष २०२५-२६ के बजट में आंगनबाड़ी सेवायें-सामान्य अन्तर्गत ७०० करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि च्ज्पीएमजनमनज्ज् योजना अन्तर्गत प्रथम चरण में ८० बसाहटों में आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित की जा रही है। इस योजना हेतु बजट में ११ करोड़ ४० लाख रूपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को दिये जाने वाले मानदेय एवं अन्य हितलाभ के लिए ५०० करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही इस बजट की थीम च्च्गतिच्च् अंतर्गत टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय एवं अन्य भुगतान हेतु च्च्सम्मान सुविधा प्रणालीच्च् का शुभारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से केन्द्रीकृत रूप से डिजीटल प्रणाली का उपयोग कर भुगतान की कार्यवाही की जाएगी। आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से हितग्राहियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु बजट में ७०० करोड़ रूपये का प्रावधान रखा है। केन्द्र व राज्य सरकार की निधि से वित्तीय वर्ष २०२५-२६ के बजट में इस हेतु ६७४० आंगनबाड़ी केन्द्र के उन्नयन का लक्ष्य रखा है। शहरी क्षेत्र में १५० आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु १८ करोड़ रूपए और ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा अभिसरण से आंगनबाड़ी केन्द्रों में २००० भवन निर्माण हेतु विभागीय अंशदान की राशि रूपये ४० करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
किशोरी बालिकाओं की महवारी स्वच्छता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य के विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में सेनेटरी नेपकिन की वेंडिंग मशीन एवं भस्मक मशीन की स्थापना कराये जाने हेतु १३ करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है। च्पोषण अभियान के क्रियान्वयन के लिए वर्ष २०२५-२६ के बजट में पोषण अभियान के संचालन हेतु राशि १२५ करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रस्तावित बजट में ८००० कन्याओं के विवाह का लक्ष्य रखते हुए ४० करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।
छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा संचालित ऋण योजना का लाभ अधिक से अधिक स्व-सहायता समूहों तक पहुंचाने हेतु बजट में छत्तीसगढ़ महिला कोष हेतु राशि रू. ५ करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना संचालन के लिए ५ करोड़ ३ हजार का बजट प्रावधान किया गया है। ६ नये जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति हुईं है, जिसके लिए २० करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। केन्द्र सरकार द्वारा लागू मिशन शक्ति की सामर्थ्य घटक अंतर्गत राज्य स्तर पर राज्य स्तरीय महिला सशक्तिरण केन्द्र एवं जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र्र स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए ११ करोड़ ५८ लाख २ हजार का बजट प्रावधान रखा गया है। शक्ति सदन योजना के संचालन के लिए ३ करोड़ ३९ लाख ५० हजार का बजट प्रावधान किया गया है। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार के बजट की थीम च्च्गतिच्च् अंतर्गत अधोसंरचना विकास को ध्यान में रखते हुए मिशन वात्सल्य योजना अन्तर्गत पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु राशि ११ करोड़ ८२ लाख १७ हजार का प्रावधान किया गया है जिसमें दो वात्सल्य भवन, १६ बालक कल्याण भवन, १९ किशोर न्याय बोर्ड हेतु भवन एवं ३ बाल सम्प्रेक्षण गृह के लिए भी नवीन भवन स्वीकृत किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष २०२५-२६ के बजट में १०० करोड़ रूपए से अधिक, महिला जागृति शिविर एवं दिशा दर्शन भ्रमण मद में ५ करोड़ रूपये, मिशन वात्सल्य योजना संचालन के लिए १०० करोड़ रूपए से अधिक तथा गैर संस्थागत देखरेख के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ५ करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए ३ करोड़ १० लाख रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के लिए ४ करोड़ ८५ लाख रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है। समाज कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज समाज कल्याण विभाग के लिए वर्ष २०२५-२६ हेतु १५७५ करोड़ रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई। वित्तीय वर्ष २०२५-२६ में माना कैम्प में दिव्यांगजनों के लिए अत्याधुनिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके लिए ५ करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि जशपुर नगर में संचालित विशेष विद्यालय का उन्नयन करते हुए, उच्चतर माध्यमिक स्तर तक किया जा रहा है। इस हेतु राशि रूपये २ करोड़ ५० लाख का नवीन मद में प्रावधान किया गया है। इस प्रकार दिव्यांगजनों के शिक्षण प्रशिक्षण के लिए ३८ करोड़ ८९ लाख रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। जो विभाग के कुल बजट का २.४७ प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि विभाग दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के अधिकार के प्रति सजग है। दिव्यांग व्यक्तियों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदाय करने हेतु कृत्रिम अंग निर्माण केन्द्र माना में स्थापित है, जिसे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्तापूर्ण कृत्रिम अंग निर्माण केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु अत्याधुनिक मशीनों के लिए ५ करोड़ रूपये का नवीन मद में प्रावधान किया गया है। जिला स्तर पर दिव्यांग व्यक्तियों को मार्गदर्शन, उपचार, संसाधन एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ४ करोड़ १५ लाख रूपये, १२ घरौंदा आश्रय गृह के लिए ३ करोड़ ५० लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। विभागीय मानव संसाधन की क्षमता विकसित करने हेतु राज्य संसाधन एवं पुनर्वास केन्द्र हेतु राशि रूपये ०१ करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। पेंशन योजनाओं के लिए १३९५ करोड़ रूपए से अधिक तथा राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए २० करोड़ रूपए का प्रावधान वित्तीय वर्ष २०२५-२६ के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री तीर्थ योजना अन्तर्गत वृद्धजनों के साथ अब विधवाओं एवं परित्यक्त महिलाओं को हितग्राही के रूप में शामिल किया गया है, जिसके लिए बजट में १५ करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना अन्तर्गत ४ करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। राज्य में नशा मुक्ति कार्यक्रम के तहत् भारत माता वाहिनी का गठन किया गया है, इस प्रयोजन के लिए १० करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।


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