कोरिया,@ बेटी से मोह दिखाएंगे की बहु को आगे बढ़ाएंगे, बैकुंठपुर विधायक जिला पंचायत उपाध्यक्ष बेटी बहु में से किसे बनाएंगे?

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-रवि सिंह-
कोरिया,03 मार्च 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत में भाजपा की सरकार बनती स्पष्ट नजर आ रही है। अब अध्यक्ष विधायक की पसंद और अनुभवों के आधार पर निवर्तमान जनपद पंचायत अध्यक्ष बनती हैं कि नए नए पार्टी में शामिल होकर चुनाव जीतने वाले क्षेत्र क्रमांक 6 के जिला पंचायत सदस्य यह तो देखने वाली बात होगी लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा अब इस बात की है कि बैकुंठपुर विधायक किसे जिला पंचायत उपाध्यक्ष बनते देखना चाहते हैं। जिला पंचायत उपाध्यक्ष के लिए भाजपा के पास ऐसे तो कई विकल्प हैं जिनमें कई ऐसे सदस्य हैं जो चुनाव तो बिना पार्टी समर्थन के लड़े और पार्टी समर्थित प्रत्याशी को हराकर सदस्य बने हैं वहीं दो पार्टी समर्थित सदस्य ऐसे भी हैं जो एक परिवार के हैं वह भी बैकुंठपुर विधायक परिवार के। वैसे माना जा रहा है कि उपाध्यक्ष विधायक परिवार से ही कोई हो सकता है और अब वह कौन होगा यह देखने वाली बात है।
वैसे जिला पंचायत उपाध्यक्ष कौन बनेगा विषय पर जो आम चर्चा जारी है उसमें यह भी लोग कयास लगाते सुने जा रहे हैं कि बैकुंठपुर विधायक के परिवार से ही जब उपाध्यक्ष बनना है तो कौन बनता है और विधायक किसे अपनी या किस नाम पर अपनी सहमति प्रदान करते हैं। विधायक के लिए है तो बड़े असमंजस वाली स्थिति क्योंकि वह बेटी बहु में से किसे चुने यह विचारणीय जरूर होगा उनके लिए क्योंकि दो सदस्य उनके परिवार के हैं जिनमें से एक बेटी हैं उनकी तो एक बहु हैं। अब वह बेटी के प्रति मोह जताते हुए उसे उपाध्यक्ष बनाते हैं कि बहु को राजनीति में आगे बढ़ाते हैं उनके इस निर्णय का लोगों को इंतज़ार है। वैसे विधायक के परिवार से दो दो लोगों का चुनाव लड़ना ऐसे भी परिवारवाद माना जा रहा था विपक्ष भी इस बात का आरोप लगा रहा था वहीं वह जब दोनों चुनाव जीत चुके हैं और उपाध्यक्ष दोनों में से ही विधायक की बेटी बहु में से ही बनना है तो यह चर्चा लाजमी भी है कि कौन होगा विधायक का वारिस? विधायक जिसे या जिस नाम पर बेटी बहु में से उपाध्यक्ष के लिए सहमति प्रदान करेंगे वही उनका उत्तराधिकारी होगा वारिस होगा राजनीतिक यह लोग मानकर चल रहे हैं।
क्या अध्यक्ष की तरह उपाध्यक्ष के दावेदार भी होंगे अधिक?
वैसे एक सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि क्या अब अध्यक्ष की ही तरह उपाध्यक्ष पद के भी कई दावेदार खड़े होंगे,वैसे जो कुछ सुनाई दे रहा है उसको देखते हुए यही मानना सही लगता है। वैसे अंतिम दिवस तो एक ही नाम पर सहमति बनानी ही होगी जो कौन सा नाम होगा यह देखने वाली बात होगी। वैसे उपाध्यक्ष विधायक परिवार से ही कोई होगा यह अभी भी माना जा रहा है क्योंकि अन्य दो जो बाद में समर्थन के लिए भाजपा खेमे में नजर आ रहे हैं वह उपाध्यक्ष बनाए जाते हैं तो पार्टी में बगावत भी हो सकती है क्योंकि सबसे पहली प्राथमिकता यही होगी या होनी चाहिए कि जो भाजपा के साथ रहकर चुनाव लड़ा है उसे ही पद प्रदान किया जाए।
जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चयन को लेकर बगावत होना तय
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को लेकर बगावत होना तय माना जा रहा है। अध्यक्ष पद के भी कई दावेदार सामने हैं वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए भी अब कई नाम सामने आ रहे हैं और ऐसे में किसी एक नाम पर सहमति बन पाएगी आसानी से लगता नहीं है। वैसे पूर्ण बहुमत के बावजूद यदि अध्यक्ष उपाध्यक्ष दोनों पद भाजपा की झोली में नहीं आता है तो यह भाजपा की बड़ी हार मानी जाएगी। वैसे कांग्रेस की स्थिति को देखते हुए लगता नही है कि वह जोर आजमाइश करने की सोचने वाली है क्योंकि उसके पास कुल एक सदस्य ही है जिसे लेकर कांग्रेस कितनी गुलाटी लगाएगी समझा जा सकता है।
विधायक के लिए काफी कठिन है निर्णय
परिवार में से ही दो में से एक का अपने उतराधिकारी के रूप में चयन करना विधायक के लिए काफी कठिन निर्णय होने वाला है और इसका काफी सोच विचारकर उन्हें निर्णय लेना है, लेकिन उन्हें कोई एक नाम तो चुनना ही होगा तभी जाकर बिना किसी समस्या या कठिनाई के उपाध्यक्ष जिला पंचायत का बन पाएगा कोई।
जिला पंचायत कोरिया का कौन होगा भाजपा का समर्थित अध्यक्ष प्रत्याशी?
वैसे अध्यक्ष के लिए विधायक की पसंद पूर्व जनपद अध्यक्ष को माना जा रहा है जिसे लेकर लोगों का यह मानना है कि वह सबसे योग्य हैं और ऐसे समाज से हैं जिसका समर्थन भाजपा को कम ही मिलता आया है और यदि उन्हें बनाया जाता है जिला पंचायत अध्यक्ष तो भाजपा समाज विशेष तक अपनी पकड़ मजबूत कर सकती है, वहीं अन्य एक नाम जो अध्यक्ष के लिए सामने आ रहा है उसको लेकर यह कहा जा सकता है कि अभी वह पार्टी में नए नए आए हैं और संयोग से चुनाव जीत भी गए हैं लेकिन उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष बनाना पार्टी नियमों के अनुसार सही नहीं होगा और पुराने को ही पार्टी से जुड़े पुराने चेहरे को ही मौका दिया जाना सही होगा। सौभाग्यवती सिंह कुसरो को जनपद अध्यक्ष रहते हुए पांच साल का राजनीति और पंचायत संबधी जानकारियां भी हैं जो भी उन्हें अध्यक्ष पद के लिए योग्य और प्रबल दावेदार बनाता है। सौभाग्यवती सिंह कुसरो का जिला पंचायत अध्यक्ष बनना और पार्टी से उनके नाम पर सहमति बनना यह भाजपा के लिए भी एक बड़ा कदम होगा जो यह साबित करेगा कि पार्टी में वही पद का हकदार है जो पार्टी के लिए समर्पित है और जो पार्टी के लिए अच्छी और पार्टी के विस्तार के लिए सोच रखता है। वैसे अब निर्णय अध्यक्ष उपाध्यक्ष का भाजपा को लेना है और पार्टी जरूर सोच विचारकर निर्णय लेगी वहीं विधायक के लिए कठिनाई कम नहीं है कि वह बेटी के मोह में फंसते हैं की बहु को उत्तराधिकार सौंपते हैं।
क्या पार्टी ने भी कइ सदस्यों को उपाध्यक्ष बनाने का दिया आश्वसन?
जहां दो अध्यक्ष के दावेदार को लेकर सामंजस्य बैठाया नहीं जा पा रहा है वहीं कई लोगों को उपाध्यक्ष बनाने का भी लॉलीपॉप देने की बात सामने आ रही है जो चुनाव जीतकर दूसरी पार्टी से भाजपा में शामिल हुए हैं सद सहित गैर भाजपा समर्थित और अन्य दलों के जीते हुए प्रत्याशी को भी उपाध्यक्ष बनाने का लॉलीपॉप दिया जा रहा है ताकि वह उनके साथ मिलकर अध्यक्ष बना सकें।


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