अंबिकापुर,26 फरवरी 2025 (घटती-घटना)। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने महाशिवरात्री पर्व के अवसर पर शिवसागर बांध के पश्चिमी तट पर पैलेस छठ घाट के कंक्रीटीकरण और सौन्दर्यीकरण की नींव रखी। विगत कई वर्षो से शहर के छठव्रति छठ पर्व पर अर्घ्य देते आ रहे हैं। छठव्रतियों की बढ़ती संख्या एवं बांध में सुव्यवस्थित घाट नहीं होने के कारण उप मुख्यमंत्री ने स्वयं के खर्च से घाट निर्माण का संकल्प लिया। इसी कड़ी में बुधवार को प्रथम चरण में करीब 10000 वर्ग फिट घाट निर्माण का शिलान्यास किया गया। महाशिवरात्री पर्व के अवसर पर हुए इस शिलान्यास के दौरान विधि-विधान से शिव-पार्वति की पूजा कर शिलान्यास का कार्यक्रम हुआ। पूजा के दौरान कुंभ के दौरान प्रयागराज संगम से लाए गए जल का उपयोग किया गया एवं शिवसागर बांध के जल में संगम से लाए गए जल को प्रवाहित किया गया। पूजा के दौरान अम्बिकापुर के पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, नवनिर्वाचित सबसे कम उम्र की पार्षद मेघा खांडेकर बैठीं थीं।
इस दौरान बालकृष्ण पाठक, जेपी श्रीवास्तव, अजय अग्रवाल, शफी अहमद, द्वितेन्द्र मिश्रा, मो. इस्लाम, रशीद अहमद, दुर्गेश गुप्ता, रविन्द्र सिंह तोमर, मदन जायसवाल, अनूप मेहता, आशीष वर्मा, गृरुप्रीत सिंद्धु, दिनेश सोनी, बबन सोनी, सिंधु सोनी, शंकर प्रजापति, दीपक सिंह तोमर, नरेन्द्र सिंह टुटेजा, नितिश चौरसिया, अविनाश कुमार, रजनीश सिंह, विकास केशरी,आतिश शुक्ला, आलोक गुप्ता, अमित सिंह, दिनेश शर्मा, रोशन कन्नौजिया, देवेश त्रिपाठी, अंशु गुप्ता, तरनजीत सिंह बाबरा, मनीष तिवारी, पूर्णिमा सिंह, किरण सिंह सहित बडी संख्या में नागरिक मौजूद थे।
25 डिसमिल भूमि पर
होगा घाट का निर्माण
इस दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रियासतों के विलीनिकरण के दौरान शिवसागर बांध की संपाी राजपरिवार के पास रही थी लेकिन यह संपाी सभी के निर्बाध उपयोग के लिये है। राजपरिवार ने छठ पूजा के दौरान छठव्रतियों की कठिनाई को देखते हुए घाट को सुव्यवस्थित करने का निर्णय लिया है। इस दिश में प्रथम चरण का कार्य शीघ्र प्रारंभ कर इसे छठ पूजा के पहले तैयार कर लिया जाएगा। आवश्यकता अनुरुप अगामी चरणों में शिवसागर बांध के तटों पर आगे भी घाट निर्माण की योजना है। प्रथम चरण में 10 हजार वर्गफिट क्षेत्र का कंकीटीकरण किया जा रहा है। इस तट पर लगभग 34 डिसमिल जमीन पर यह निर्माण किया जाना है। इसमें 10-10 फिट के दो स्टेप होंगे। प्रथम चरण के इस निर्माण को 2025 के छठ पर्व के पूर्व पूर्ण करने की योजना है।
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