बतौली-सेदम,27 दिसम्बर 2024 (घटती-घटना)। छाीसगढ़ के बतौली में पटवारियों की ऑनलाइन अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रही है। जिसके कारण कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। वहीं इस हड़ताल के चलते क्षेत्र के लोगों को काम कराने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पटवारियों ने शासन से ऑनलाइन कार्य करने राशि की मांग को लेकर ऑनलाइन कार्य करना बंद कर दिए हैं।
दरअसल,15 दिसंबर को छाीसगढ़ प्रदेश पटवारी संघ पूरे प्रदेश में ऑनलाइन कार्य नहीं करने हड़ताल की घोषणा की थी। जिसका बतौली के पटवारियों ने भी समर्थन दिया है। वहीं पटवारियों के इस हड़ताल के कारण खसरा, विवन, डिजिटल सिग्नेचर, धान बेचने, रकबा में सुधार जैसे काम प्रभावित हो रहे है। लोग अपने कामों को पूरा कराने के लिए पटवारी दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर है।
ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार
प्रदेशभर के 5 हजार पटवारी इन दिनों ऑनलाइन काम ठप कर अनिश्चितकालीन आंदोलन पर हैं। उनके इस बस्ताबंद आंदोलन से लोग नक्शा, खसरा के लिए भटक रहे हैं। यही नहीं, बटांकन और नामांतरण का कार्य भी इससे प्रभावित हुआ है। राजस्व पटवारी संघ छाीसगढ़ के आव्हान पर राज्य के पटवारी 16 दिसंबर से आवश्यक संसाधन उपलध नहीं कराने के विरोध में सभी प्रकार के ऑनलाइन कार्यों और प्रशिक्षण का बहिष्कार कर विरोध जता रहे हैं। दरअसल, वर्तमान में राजस्व संबंधी सभी कार्यों को भुइंया पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया गया है, इसके अलावा अधिकतर कार्य जैसे कृषि संगणना, फसल कटाई प्रयोग भी ऑनलाइन मोबाइल एप अथवा कंप्यूटर के माध्यम करना होता है।
राजख पटवारी संघ छाीसगढ़ के प्रांत अध्यक्ष भागवत कश्यप का कहना है, ऑनलाइन कार्यों के लिए आज तक प्रदेशभर पटवारियों को किसी भी प्रकार का संसाधन और संसाधन भाा उपलध नहीं कराया गया है। उसके बाद भी पटवारियों द्वारा नौकरी बचाने मजबूरी में निजी अथवा किराये के संसाधन से कार्य का संपादन किया जाता रहा है। राजस्व पटवारी संघ ने कई बार शासन तक अपनी समस्या पहुंचाई, पर अब तक किसी तरह की पहल नहीं होने से प्रदेशभर के हजारों पटवारी निराश हैं। समस्या का निराकरण नहीं होने की स्थिति में हमने 16 दिसंबर से सभी प्रकार के ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर दिया है। साथ ही वे सभी सरकारी व्हाट्सग्रुप से लेफ्ट हो गये हैं। इससे राजस्व महकमा का ऑनलाइन कार्य गड़बड़ा गया है।
धान खरीदी का रकबा बढ़ेगा, सुधार कार्य प्रभावित
पटवारियों की बस्ताबंद हड़ताल से ऑनलाइन सुधार का कार्य प्रभावित हो रहा है। प्रदेशभर में कई जगहों पर वर्तमान में धान खरीदी चल रही है। किसान का इस बार रकबा बढ़ेगा, पटवारियों ने काम बंद कर दिया है, इसलिए ऑनलाइन कार्य प्रभावित हो सकता है। इसी तरह डिजिटल सिग्नेचर नहीं होने से प्रिंट नहीं निकलेगा।
30 साल से नहीं मिली
पदोन्नति,पटवारी नाराज
प्रदेशभर के पटवारियों की सबसे बड़ी नाराजगी इस बात को लेकर है कि पिछले 3 दशक से पटवारियों को पदोन्नति नहीं दी गई। इसके कारण वे बिना पदोन्नति पाये सेवानिवृा हो रहे हैं, जबकि दूसरे विभागों में ऐसी स्थिति नहीं है। पटवारियों ने पदोन्नति की मांग प्रमुखता से उठाई है। अपनी लंबित मांगों की अनदेखी से नाखुश पटवारी प्रति सोमवार लैक ड्रेस के साथ विरोध जता रहे हैं।
