सूरजपुर,@ क्या हदीस नाम का व्यक्ति शिकायतकर्ताओं को दिला पायेगाठगी का पैसा जिन्हें वह एफआईआर करने से रोक रहा?

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-ओमकार पांडेय-
सूरजपुर,16 दिसम्बर 2024 (घटती-घटना)। जिला सूरजपुर के पुलिस अधीक्षक के बदलते ही नए पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह ठाकुर के पदस्थ होते ही सूरजपुर की पुलिसिंग अच्छी होगी इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था, इसबात का अंदाजा इसलिए लगाया जा रहा था क्योंकि उनके आते ही अपराधियों के अंदर डर का भाव था और सूरजपुर के महाठग अशफ़ाक उल्लाह को अभी तक कोई पकड़ नहीं पाया था, जबकि पकड़ने की बजाय पुलिस के लोग ही उसे सलाम किया करते थे और शिकायत का इंतजार कर रहे थे, और शिकायत आई भी तो गिरफ्तारी करने में नाकाम थे, पर नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक के आते ही अशफाक की गिरफ्तारी हो गई और लोगों को न्याय की उम्मीद जागी, जिस प्रकार से कार्यवाही हो रही थी और रिमांड पर रिमांड लिया जा रहा था इससे लग रहा था कि सूरजपुर पुलिस बड़ी कार्यवाही करते हुए बड़ा खुलासा करेगी, पुलिस की निष्पक्ष कार्यप्रणाली को देखकर ठगी के शिकार हुए लोग भी आकर ठगी की शिकायत देने लगे,101 लोगों ने ठगी की शिकायत यह सोचकर दी की सूरजपुर पुलिस उन्हें न्याय दिलाएगी और उनका खोया हुआ पैसा उन्हें वापस मिल जाएगा, 101 शिकायत ठगी के थे और सारे शिकायत अलग थे अलग-अलग लोगों को अलग-अलग तरीके से ठगा गया था, जिसके लिए 101 एफआईंआर दर्ज होने थे जो नहीं किए गए, जिस वजह से अब इस बात का संदेह हो रहा है कि सूरजपुर पुलिस जांच में अब महाठग को बचाने का प्रयास कर रही है, पर क्या यह बात सूरजपुर के पुलिस अधीक्षक जान रहे हैं या नहीं, यह बड़ा सवाल है? क्योंकि अब अशफाक के विरुद्ध निष्पक्ष कार्यवाही की उम्मीद सिर्फ सूरजपुर के पुलिस अधीक्षक से ही है, यदि वह नहीं कर पाते हैं तो यह माना जाएगा कि कोई बहुत बड़ी ताकत अशफाक को बचाने के लिए काम कर रही है या फिर अशफाक का पैसा ही उसे बचाने का काम कर रहा है?
आखिर हदीस नाम का व्यक्ति कौन है जो ठगी के शिकायतकर्ताओं को एफआईआर व शिकायत करने से रोक रहा है?
हदीस नाम का एक व्यक्ति लगातार ठगी के शिकार लोगों को रोक रहा है और असफाक के खिलाफ कम से कम लोग पुलिस तक शिकायत लेकर ठगी की पहुंचे ऐसा उसका पूरा प्रयास है। बताया जा रहा है कि हदीस लोगो को यह कहकर रोक रहा है कि वह सभी का पैसा वापस दिलाएगा जब असफाक वापस आएगा। अब यह कौन है हदीस और क्यों वह असफाक के लिए ऐसा प्रयास कर रहा है और शिकायतकर्ताओं को रोक रहा है यह पुलिस के लिए जांच का विषय होना चाहिए?
क्या अशफाक के शागिर्द हैं हदीस…जो उसकी जमानत लेने के लिए भी प्रयासरत है?
हदीस नाम का व्यक्ति असफाक का जमानत लेने में प्रयासरत है। अब क्या वह शागिर्द है असफाक का यह भी एक सवाल है? अशफाक से वह काफी करीबी है और वह बहुत कुछ जानता है जिसमे वह यह भी जानता है कि असफाक के पास काफी पैसा है और वह छिपा कर रखा है और वह वापस आकर लौटाएगा तभी तो वह लोगों को आश्वासन दे रहा है कि वह एफआईआर न करें। हदीस की जांच पड़ताल और पूछताछ मामले में अहम हो सकती है यह सूत्रों का कहना है ।
क्या अशफ़ाक उल्लाह के ठगी का मामला भी विधानसभा में गूंजेगा?
पूर्व की कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में भाजपा के कार्यकाल के चिटफंड मामलों को भाजपा के नेताओं से जोड़ा था और विधानसभा में भी मामले को उठाया था और सभी ठगी के शिकार हुए लोगों को पैसा भी वापस दिलाने अभियान चलाया था। अब सवाल यह है कि अब भाजपा कांग्रेस के कार्यकाल में हुए इस बड़े चिटफंड मामले को विधानसभा में उठाएगी और क्या वह ठगी के शिकार हुए लोगों का पैसा वापस लौटाएगी। अब सबकुछ सरकार पर निर्भर है।
क्या अशफाक की महिला मित्र तक पहुंच पाएगी पुलिस…ठगी के मामले में अहम भूमिका है महिला मित्र की…महिला मित्र को घर भी गिफ्ट किया है असफाक ने?
असफाक उल्लाह की एक महिला मित्र भी है जिसके माध्यम से भी लेनदेन हुआ है। महिला मित्र को असफाक ने घर भी तोहफे में दिया है। महिला मित्र से अशफाक से संबंधित कई जानकारी मिल सकती है, क्योंकि असफाक की उससे काफी नजदीकियां हैं। अब देखने वाली बात है कि क्या अशफाक उल्लाह की महिला मित्र तक पुलिस पहुंच पाती है। महिला मित्र कई राज खोलेगी ऐसी संभावना है और माना जा रहा है कि करोड़ों का लेनदेन उक्त महिला मित्र के माध्यम से भी हुआ है सूत्रों का दवा है की अशफाक की गिफ्तारी भी महिला मित्र के घर से हुई है, अशफाक नही चाहता है की महिला मित्र तक पुलिस पहुचे।
ठगी के मामले का खुलासा करके सूरजपुर पुलिस बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकती थी पर क्या पैसे की लालच में उपलब्धि के लक्ष्य से भटक गई?
सूरजपुर पुलिस इस बड़ी ठगी का खुलासा कर सकती थी और काफी अच्छे तरीके से इस मामले पैसे पर्दा उठा सकती थी, पुलिस शुरू में इसी मार्ग पर चल रही थी और वह इसकी उपलब्धि भी गिनवाना चाहती थी, पर अचानक ना जाने उपलçध के मार्ग से भटक कर पुलिस लालच की मार्ग पर तो नहीं पहुंच गई, जिस वजह से जांच का रास्ता ही बदलता दिख रहा है। पर पुलिस चाहती तो सफलता की उपलब्धि अपने सर ले सकती थी पर अब क्या आरोपी का सहयोग करके उसे धन अर्जन तो नहीं करना चाह रही?
105 शिकायत में से एफआईआर 4 क्यों?
ठगी सभी के साथ अलग-अलग हुई और अलग-अलग तरह से हुई और अलग-अलग दिन में हुई और अलग-अलग स्कीम पर हुई, फिर सारे ही मामले अलग-अलग ही तो हुए,पर पुलिस 105 शिकायत में अभी तक सिर्फ चार एफआईआर ही दर्ज कर पाई? जिसको लेकर सवाल यह उत्पन्न हो रहा है की क्या पुलिस शिकायतकर्ताओं को गवाह बना रही है? कानून के विद्वान भी इस बात को मान रहे हैं की एफआईआर सभी शिकायतों पर होनी थी है, क्योंकी शिकायतकर्ता अलग-अलग है और उनके साथ अलग-अलग दिन व अलग-अलग समय पर ठगी हुई है और अलग-अलग प्रलोभन में ठगी की गई है कई मामलों में तो कई अन्य लोगों के माध्यम से ठगी हुई है?
अशफाक के ठगी का राज जानती है महिला मित्र?
अशफाक ठगी मामले में एक महिला मित्र का नाम आ रहा है और यह पूरे मामले को ही पलट कर रख दिया है,सूत्रों का कहना है कि अशफाक की कमजोर नस है महिला मित्र,क्योंकि उसी के पास है अशफाक के लेनदेन की सारी जानकारी, अशफ़ाक के पैसे की भी जानकारी उसी के पास है,क्योंकि उन दोनों का जॉइंट अकाउंट भी एचडीएफसी बैंक कोरबा में खुला हुआ है, जिसमें काफी लेनदेन किया गया है वैसे वर्तमान में महिला मित्र भोपाल में है और भोपाल से ही अशफाक की गिरफ्तारी हुई थी, महिला मित्र के संपर्क में है एक पुलिस वाला जो सारी बातों का अपडेट देता है, ऐसा अब सूत्रों का दावा है, सूत्रों का यह भी दावा है कि यह बात सूरजपुर के पुलिस अधीक्षक को भी पता है पर अभी तक उसे पुलिस वाले पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई यह अब बड़ा प्रश्न है? क्योंकि शिकायतकर्ता ही यह बात पुलिस अधीक्षक को बताए हैं और पुलिस अधीक्षक ने उसकी कॉल रिकॉर्डिंग भी मांगी थी अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक कैसे इस मामले को संज्ञान लेकर उसे पुलिस वाले पर कार्यवाही करते हैं।
क्या ठगी के मामले में कई लोग हैं असफाक के सहयोगी?
असफाक उल्लाह अकेले अपने पिता के साथ मिलकर इतनी बड़ी ठगी नहीं कर सकता ऐसा सभी का मानना है। अब सवाल यह उठता है कि क्या इस काम में उसके आसपास के कई लोग उसके सहयोगी है। वैसे बताया जा रहा है कि अशफाक के चिटफंड व्यापार जारी रहने के दौरान उसके गांव के चिकन मटन मार्केट में चिकन मटन का भाव दुगुना हुआ था और उस दौरान उसके आसपास के लोग उसके साथ उसके लिए निवेशक ढूंढते थे और जिसके कारण की उसका यह चिटफंड व्यापार फलता फूलता गया। उसके आसपास के लोगों की भी संलिप्तता जांची जानी चाहिए पुलिस के द्वारा।
क्या ठगी के पैसे से बने घर दुकान व खरीदे गए जमीन की पुलिस ने की जब्ती या सिर्फ गाड़ी जब्ती करके ही लोगों को संतुष्ट कर रही पुलिस?
पुलिस ने अशफ़ाक के वाहनों और कई चल संपत्तीयों को अपने कब्जे में लिया है। क्या अशफाक के घर दुकान जैसे अचल संपत्तीयों को भी पुलिस ने कब्जे में लिया है। अब यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि ठगी बड़ी है और ठगे गए लोग आम लोग हैं?
शिकायतकर्ताओं के बयान में आ रहा है हदीस का नाम फिर भी जांच की आंच से बचे हैं क्यों?
शिकायकर्ता लगातार हदीस का नाम ले रहे हैं पुलिस के सामने यह सूत्रों का भी दावा है और खुद शिकायतकर्ता भी इसका नाम बता रहे हैं उनका भी कहना है। अब इसके बावजूद हदीस तक पुलिस की जांच क्यों नहीं पहुंच रही है हदीस कैसे पुलिस की जांच की आंच से बचा हुआ है यह भी बड़ा सवाल है। अब देखने वाली बात यही है कि खबर प्रकाशन के बाद क्या हदीस पुलिस के जांच के दायरे में आता है?


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