अंबिकापुर,03 नवम्बर 2024 (घटती-घटना)। बलरामपुर पुलिस अभिरक्षा में हुई युवक की मौत एवं कबीरपंथ के धर्मगुरु वंशाचार्य उदितमन नाम साहेब पर हमले के विरोध में रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने 1 दिवसिय धरना प्रदर्शन किया। हाल ही में बलरामपुर पुलिस थाना में पुलिस अभिरक्षा में गुरुचरण मंडल नामक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके परिजनो ने पुलिस प्रताडना से उसकी मृत्यु का आरोप लगाया है। बलौदा बजार में सतनामी समाज के पवित्र स्थल को खंडित करने के बाद कबीरपंथी समाज के धर्मगुरु वंशाचार्य उदितमन नाम साहेब व उनके आश्रम पर शुक्रवार को उपद्रवियों ने आतिशबाजी से हमला करने के साथ ही पथराव भी किया, जो सामाजिक सौहार्द्र को बिगाडने की कारवाई है। इन सभी घटनाओं के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने आज डॉटा सेंटर, गांधी चौक पर 1 दिवसिय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अम्बिकापुर महापौर डॉं अजय तिर्की ने कहा कि बलरामपुर की घटना ने कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सम्हालने वाले पुलिस विभाग के प्रति समाज को भयक्रॉंत किया है। मौजूदा पुलिस व्यवस्था के प्रति समाज के विश्वास को बहाल करने के लिये आवश्यक है कि पुलिस प्रताडना में शामिल पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने के साथ ही मामले की माननीय उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से न्यायायिक जांच भी कराई जाये। सभा को संबोधित करते हुए निगम सभापति एवं 20 सूत्रिय आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार चिकना घडा हो गई है। प्रदेश में एक के बाद एक अपराध की
घटनाएं बदस्तूर बढ रही है। लेकिन सरकार का तंत्र कारवाई में विफल है। पुलिस अभिरक्षा में जिस प्रकार मौतें हो रही है उसको देख ऐसा लग रहा है कि प्रदेश का राजनैतिक नेतृत्व प्रशासन पर लगाम लगाने में अक्षम है।सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस महामंत्री द्वितेन्द्र मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को स्थापित करने में पूर्णत: विफल रही है। सरकार का एकमात्र लक्ष्य प्रधानमंत्री के पूंजिपति मित्रों को लाभान्वित करने का है। प्रदेश का प्रशासनिक तंत्र बस इसी काम को बेहद कुशलता से कर रहा है। बाकि आम नागरिक तो पुलिस पिटाई में थानों में दम तोड रहा है। इस सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि 2023 के चुनाव में बहुमत प्राप्त करने के बाद भाजपा नेतृत्व ने प्रदेश पर एक अकुशल, अनुभवहीन और कठपुतली सरकार थोप दिया है। इस सरकार के आने के बाद प्रदेश में गुण्डातंत्र सक्रीय हो गया है। कवर्धा के बाद बलरामपुर की घटना बतलाती है कि पुलिस भी इस गुण्डातंत्र संस्कृति से अछूती नहीं रही है। इस दौरान विनय शर्मा, मो इस्लाम,हेमंत तिवारी, दुर्गेश गुप्ता, मदन जायसवाल, इरफान सिद्धकी, विरेन्द्र त्रिपाठी, विवेक सिंह, प्रमोद चौधरी, मो0 हसन, लोकेश पासवान, कलीम अंसारी, मो0 बाबर, मो काजू खान, विरेन्द्र पाठक, अविनाश कुमार,रशीद पेंटर, अमितेज सिंह, गीता रजक, चंचला सांडिल्य, उर्मीला कुशवाला, संगीता मिंज, अनुराधा सिंह, हमीदा बानो, केदार यादव, परवेज आलम गांधी, हर्ष वर्धन सिंह संजय सोनी, वसीम अंसारी, अलि सोहेल, हरीशचंद्र पैकरा, बुन्देला राम, विक्रम कुमार, राजेश दुबे, बरना, विजय किशोर उपाध्याय, बालकॅुंवर, दीपक आदि उपस्थित थे।
