अम्बिकापुर,17 जून 2024 (घटती-घटना)। जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को पिछले 15 माह से कार्य आधारित वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को शासन द्वारा 16500 रूपये प्रतिमाह एकमुश्त वेतन तथा 15000 रूपये माह में किये गए कार्य के आधार पर कार्य आधारित वेतन (पीएलपी) प्रदान किया जाता है। परंतु सरगुजा सहित अन्य जिलों में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को कार्य आधारित वेतन का भुगतान पिछले 15 माह से नहीं हुआ है। इसका मुख्य कारण राज्य से फंड प्राप्त नहीं होना बताया जा रहा है। शासन से कई बार पत्राचार करने के बावजूद लंबित भुगतान नहीं होने के कारण छाीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रकोष्ठ के प्रांतीय आह्वान पर 18 जून से आनलाइन रिपोर्टिंग बंद करने का निर्णय लिया गया है। वहीं पहल नहीं होने पर 21 जून से समस्त काम बंद करके अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। जिसके संबंध में बैठक का आयोजन अंबिकापुर में किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा बताया गया कि छाीसगढ़ प्रदेश के अलावा बाकि राज्यों में 25000-35000 बेसिक तथा 15000 कार्य आधारित वेतन दिया जा रहा है। जबकि छाीसगढ़ में मात्र 16500 बेसिक एवं 15000 कार्य आधारित वेतन दिया जा रहा है वह भी समय पर नहीं मिलता है। बैठक में छाीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री अनिल पाण्डेय, अध्यक्ष जिला शाखा सरगुजा धनेश प्रताप सिंह, संभागीय सचिव दुर्गेश त्रिपाठी, प्रांतीय पदाधिकारी ओंकार पाण्डेय, अध्यक्ष लाक शाखा अंबिकापुर हेमन्त मरावी एवं सीएचओ प्रकोष्ठ के जिला संयोजक करिश्मा केरकेट्टा, उप जिला संयोजक अतुल शुक्ला, जिला सचिव वर्षा, लाक संयोजक उदयपुर अस्मिता कुजुर, लाक संयोजक अंबिकापुर योगिता ठाकुर, लाक संयोजक लुण्ड्रा निशा कुजुर, लाक संयोजक बतौली प्रतिमा दास, लाक संयोजक सीतापुर सपना निराला, लाक संयोजक मैनपाठ कंचन, लाक संयोजक लखनपुर अनिता राजवाडे सहित अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे ।
ये है प्रमुख मांगें
लंबित पीएलपी का मई 2024 तक का संपूर्ण भुगतान एवं आगामी माह से नियमानुसार प्रत्येक माह के 15 तारीख के भीतर भुगतान किया जाने।
महिला सीएचओएस के साथ हो रहे अमानवीय कृत्यों पर रोक लगाने के लिए गृह जिले में स्थानांतरण एवं 8 किमी के दायरे में मुख्यालय निवास लागू किया जाए। पवन कुमार वर्मा जिला संयोजक सीएचओ प्रकोष्ठ कांकेर का जिला कार्यालय द्वारा गलत तरीके से भ्रामक जानकारी प्रदाय कर किए गए सेवा समाप्ति आदेश को तुरंत रद्द कर सेवा में बहाली एवं दोषियों के ऊपर कार्रवाई किया जाए।
