खड़गवां,@प्रोत्साहन राशि में करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े की जांच तात्कालिक कांग्रेस सरकार में जांच के नाम पर महज खानापूर्ति कर जांच को कर दिया गया रफा-दफा…

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-राजेन्द्र शर्मा-
खड़गवां,15 मार्च 2024 (घटती-घटना)। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खड़गवां में प्रोत्साहन राशि में हुए करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ नेत्र सहायक जिनके द्वारा प्रोत्साहन राशि के प्रकरण तैयार कर पोर्टल पर डाले जाते थे वो भी संदेह में है क्या इन पर कार्यवाही होगी या इन्हें ऐसे ही जीवन दान प्रदान किया जाएगा ?
प्रोत्साहन राशि में हुए फर्जी वाड़े की जांच को आच नहीं आई है आच भी क्यों आये प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में पदस्थ नेत्र सहायक चिकित्सक के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रोत्साहन राशि के प्रकरण बनाने का कार्य किया जाता हो और उसका नजदीकी रिश्तेदार तात्कालिक कांग्रेस सरकार के विधायक का नजदीकी हो तो हुए भ्रष्टाचार कि जांच की जिस चूल्हे में पका रही थी उस चूल्हे को ही बुझा दिया गया क्योंकि इसके लिए एक कहावत बहुत मशहूर है कि सईयां भय कोतवाल तो अब डर काहे का इस तर्ज में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में करोड़ों रुपए की प्रोत्साहन राशि में खुलेआम भ्रष्टाचार किया गया है। प्रोत्साहन राशि में करोड़ों रुपए के हुए भ्रष्टाचार की जांच अब भी अधूरी है, हालांकि जांच के नाम पर खाना पूर्ती करते हुए एचआरएमआईएस पोर्टल में वास्तविक पदनाम से भिन्न पद नाम कर प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया गया था । इस करोड़ों रुपए की प्रोत्साहन राशि में हुए भ्रष्टाचार में कांग्रेस के तात्कालिक नेताओं का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण जांच में आए अधिकारियों पर भी बड़ा दबाव देकर जांच को कई तरह से प्रभावित किया गया है। इधर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में पदस्थ अधिकारी का कहना है कि प्रोत्साहन राशि में किसी प्रकार का कोई भ्रष्टाचार नहीं किया गया है। तो इस प्रोत्साहन राशि जांच मामले को निष्पक्ष जांच होने देना चाहिए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।
पुनः की गई कार्यवाही की मांग
इस करोड़ों रुपए के प्रोत्साहन राशि के मामले में वर्तमान सरकार से पुनः शिकायत की गई है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में हुए करोड़ों रुपए की प्रोत्साहन राशि में भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग कर भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी कर्मचारीओ पर सख्त कार्यवाही करने की मांग भाजपा सरकार से की है? प्रोत्साहन राशि में हुए फर्जी वाडे की पूर्व सरकार ने जांच महज खानापूर्ति के लिए कराई गई जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खडगवां के कुछ कर्मचारीयों से जांच के नाम पर थोड़ी बहुत वसूली की कार्यवाही कर जांच के नाम पर खानापूर्ति कर इस मुद्दे पर मिट्टी डालकर दफ़न करना चाहती थी मगर यह प्रोत्साहन राशि का मामला हमेशा कही ना कही चर्चा का विषय बना हुआ है, दरअसल यह घोटाला प्रदेश स्तर का होने के कारण बडा सुर्खियों में रहा है आज भी है मगर तात्कालिक कांग्रेस सरकार की राजनीतिक संरक्षण का शिकार हो कर रह गया। इस करोड़ों रुपए की प्रोत्साहन राशि मामले में राज्य स्तरीय निष्पक्ष जांच होतो राज्य के ज्यादातर स्वास्थ्य केद्रों में जांच उपरांत करोड़ों रुपए के घोटाले सामने आ सकते हैं।
जांच के नाम पर की गई खानापूर्ति
पूर्व में उक्त प्रकरण समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद तात्कालिक कांग्रेस सरकार ने जांच के नाम पर चार सदस्सदस्यीय जांच समिति का गठन 11/1/23 को किया गया , जिस जांच समिति के द्वारा 13/1/23 को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खड़गवां का भ्रमण कर जांच की गई जांच तो महज एक खानापूर्ति ही थी जांच में आए अधिकारियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खड़गवां के बीएमओ एवं अन्य अधिकारीयों के द्वारा ए सी कमरे में बैठाकर उनकी इतना सेवा सत्कार किया गया और चार सदस्यीय जांच टीम वहीं एसी कमरे में बैठकर ही प्रोत्साहन राशि में हुए करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार की शिकायत जांच पूरी कर जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दिया गया था। इस करोड़ों रुपए के प्रोत्साहन राशि में हुए भ्रष्टाचार की गूंज तात्कालिक कांग्रेस सरकार में राज्य स्तर तक होने के बाद भी तात्कालिक कांग्रेस सरकार ने मामले को बड़ी ही सहजता से जमींदोज कर दिया गया क्या वर्तमान भाजपा की सरकार के द्वारा इस करोड़ों रुपए की प्रोत्साहन राशि में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराकर दूध का दूध और पानी का पानी करेगी ?


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