वाड्रफनगर,10 मार्च 2024 (घटती-घटना)। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में गत एक माह से 35 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इस दल में से एक हाथी की मौत हो गई है, जिसके बाद से वन विभाग में हडक¸ंप मचा हुआ है। वन परिक्षेत्र वाड्रफनगर के फोकली महुआ वन क्षेत्र में हाथी की मौत हुई है। मौके पर मौजूद वन अमला मौत की वजह पता लगाने में जुटा है। तीन डाक्टरों की टीम डीएफओ के समक्ष हाथी का पोस्ट मार्टम करने की तैयारी में जुटी है। हाथी के शरीर पर किसी प्रकार का कोई चोट का निशान नजर नहीं आ रहा है।
जानकारी के मुताबिक 34 हाथियों का दल वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में करीब 40 दिनों से विचरण कर रहा है। शनिवार रात हाथियों का दल फोकली महुआ क्षेत्र में मौजूद था। रविवार की सुबह दल के एक नर हाथी का शव मिलने से हडक¸ंप मच गया। मृत हाथी की आयु लगभग 10 वर्ष बताई जा रही है। सूचना पर वाड्रफनगर एसडीओ फारेस्ट अनिल सिंह पैकरा के नेतृत्व में वन अमला मौके पर पहुंचा। एसडीओ ने बताया कि पीएम डॉक्टरों की टीम द्वारा हाथी के शव का परीक्षण किया गया है तथा जांच हेतु फॉरेंसिक लैब बरेली भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वन विभाग के अनुसार मृत हाथी के शरीर में चोट के निशान नहीं मिले हैं। मृत हाथी के मुंह से खून से लथपथ तरल बाहर निकला है। सामान्यत: यह स्थिति जहरीले पदार्थ के खाने के कारण होती है। आशंका है कि हाथियों द्वारा घरों एवं फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से परेशान लोगों ने जहर मिलाकर कोई वस्तु रख दी थी, जिसका मृत हाथी ने सेवन कर लिया है। वनविभाग की सूचना पर वेटनरी डॉक्टर देवेंद्र यादव सहित तीन डॉक्टरों की टीम दोपहर में मौके पर पहुंची। वन अधिकारियों की मौजूदगी में तीनों डॉक्टर हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया। एसडीओ फारेस्ट अनिल सिंह पैकरा ने कहा है कि नर हाथी की मौत किस कारण से हुई है, इसका पता पीएम रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगा।
