कोरिया@प्रभारी डीपीएम स्वास्थ्य विभाग जिला कोरिया परक्यों मेहरबान है भाजपा सरकार?

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कोरिया,24 फरवरी 2024 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के प्रभारी डीपीएम पर कार्यवाही ना होना कहीं ना कहीं उनकी ऊंची पकड़ को दर्शाता है, जिले के कलेक्टर उन पर कार्यवाही कर नहीं पा रहे हैं वहीं भाजपा के विधायक मंत्री भी उनके सामने नसमस्ततक दिख रहे हैं, इसी वजह से इनके ऊपर कारवाई तो दूर उन्हें उनके मूल पद पर भी भेज पाने में असमर्थ हैं, प्रभारी डीपी में इतने घबराए हुए हैं कि रायपुर में कई दिनों से डेरा डंडा डाले हुए हैं और मंत्रियों के आगे पीछे घूमते नजर आ रहे हैं ऐसा सूत्रों का कहना। सूत्रों का यह भी कहना है कि इस बार रायपुर में वह छुट्टी लेकर गए हुए हैं नहीं तो बिना छुट्टी लिए ही रायपुर का दौरा करते नजर आते थे और इधर इनका हाजिरी वेतन दोनों निकलता था इस बार वह अपने शिकायतकर्ताओं से इतने भयभीत है कि फूंक फूंक के कदम उठा रहे हैं और अपने आप को बचाने का प्रयास में खूब हाथ पैर मार रहे हैं। ज्ञात हो की भ्रष्टाचार को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर चुके देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य में अपनी टीम में श्यामबिहारी जायसवाल को शामिल कर मंत्री बनाया और उन्होंने एक शिक्षित योग्य एवम युवा चेहरे को प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा इसलिए प्रदान किया की स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार रोका जा सके और युवा शिक्षित साथ ही योग्य विधायक होने के नाते श्याम बिहारी जायसवाल इसमें सफल होंगे लेकिन प्रधानमंत्री की भ्रष्टाचार विरोधी अभियान मंशा के वह उलट साबित हो रहे हैं, ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के प्रभारी डीपीएम को हटाने में भाजपा सरकार के स्वास्थ्य विभाग का पसीना छूट रहा है, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के भतीजे पर कार्यवाही को लेकर चुप्पी साधे हुए है स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार क्योंकि कोरिया जिले के डीपीएम स्वास्थ्य मंत्री के अपने भतीजे हैं, भ्रष्टाचार पर स्वास्थ्य मंत्री बेहद सहज है, कई शीकायतों के बाद भी स्वास्थ्य मंत्री अपने भतीजे को बचाने में मुस्तैद दिख रहे हैं जबकि विधानसभा सत्र के दौरान सिर्फ सिफारिशी स्थानांतरण आदेश जारी हो रहे है।
लगातार उनके विरुद्ध कार्यवाही की उठ रही मांग
जिले के प्रभारी डीपीएम जिन्होंने कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान से ही जिले के स्वास्थ्य विभाग को दीमक की तरह चट्ट करने का काम जारी रखा हुआ है के ऊपर कार्यवाही की मांग अब उठने लगी है। जिले में विगत कई वर्षों के दौरान हुई पिछली भर्तियां,खरीदियाँ साथ ही वाहन के लिए किए गए व्यय जांच के दायरे में लेकर प्रभारी डीपीएम के कार्यकाल की जांच की जाए तो उनके भ्रष्टाचार की पोल खुल जायेगी ऐसा लोगों का मानना है। आज स्वास्थ्य विभाग में डीपीएम ही सर्वे सर्वा हैं और वह अपनी मंशा से स्वास्थ्य विभाग चलाना चाहते हैं। आज जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल यह है की डॉक्टर निजी क्लीनिक में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं,जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर की गई सभी खरीदिया और जुटाई गई सुविधा कागजी है यह इसका कारण है। छोटे छोटे ऑपरेशन निजी क्लीनिक में जिला चिकित्सालय के डॉक्टर कर रहे हैं और फिर भी स्वास्थ्य विभाग अपनी पीठ ठोक रहा है।
मध्य प्रदेश के राज्य मंत्री को भी बता रहे अपना रिश्तेदार
कोरिया जिले के प्रभारी डीपीएम भ्रष्टाचार से अपने लिए संसाधन जुटाने के दौरान अब मध्यप्रदेश के कोतमा विधानसभा के विधायक साथ ही मध्यप्रदेश शासन में राज्य मंत्री कुटीर ग्राम उद्योग को अपना रिश्तेदार बता रहे हैं। प्रभारी डीपीएम अपना प्रभाव पकड़ साबित करने का कोई अवसर छोड़ नहीं रहे हैं वह लगातार रिश्तेदारी के नाम पर भ्रष्टाचार से अपनी जेब भरने का काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री सहित देश के स्वास्थ्य मंत्री को देना होगा ध्यान…वरना कोरिया जिले के डीपीएम जैसे लोग बर्बाद कर देंगे स्वास्थ्य विभाग को…
देश में प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार मुक्त भारत का अभियान चला रहे हैं वहीं कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी डीपीएम स्वास्थ्य विभाग में ही भ्रष्टाचार कर अपने लिए ऐशो आराम के संसाधन जुटा रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री सहित देश के स्वास्थ्य मंत्री को कोरिया जिले के प्रभारी डीपीएम को लेकर ध्यान देना होगा और उनके विरुद्ध कार्यवाही के लिए राज्य शासन को निर्देश देना होगा। कम समय में एन एच एम जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम में सेंध लगाकर जिन लोगों ने भी आम लोगों को मिलने वाली निशुल्क सुविधाओं में कटौती की है उन्हे दंडित करना होगा यह लोगों की अपेक्षा है वरना प्रधानमंत्री का भ्रष्टाचार को लेकर जारी अभियान केवल विपक्ष के लिए है यह साबित हो जायेगा वह अपनी सरकारों के लिए ऐसी कड़ाई नहीं दिखायेंगे यह कहना लाजमी होगा। अब देश के प्रधानमंत्री से छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में खासकर कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग में मचे भ्रष्टाचार की जांच और एन एच एम विभाग में विगत वर्षों हुए भ्रष्टाचार को लेकर जांच की मांग उठ रही है। ईडी या अन्य जांच एजेंसियों से ही जांच कराकर कार्यवाही की मांग उठ रही है क्योंकि कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग में खासकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अभियान कार्यक्रम में काफी अधिक भ्रष्टाचार होता चला आया है यहां तक की पिछली भर्तियां भी भ्रष्टाचार के ही सहारे की गई हैं जिनमें उन्हे भर्ती किया गया है जिनके पास अनुभव ही नहीं है जबकि अनुभव के आधार पर ही भर्ती हुई है।
क्या स्वास्थ्य विभाग में सिर्फ सिफारिश आदेश विधानसभा सत्र के दौरान भी जारी हो रहे है?
विधानसभा सत्र के दौरान 23 फरवरी 2024 को एनएचएम के मिशन डायरेक्टर ने एक आदेश जारी किया,आदेश क्रमांक एनएमएच/ एचआर/ 2024/2085/ 4184 नया रायपुर अटल नगर दिनांक 23.02.204 सृष्टि मिश्रा जिला कार्यक्रम प्रबंधक संविदा कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला कबीरधाम छग को प्रशासकीय आधार पर तत्काल प्रभाव से आगामी आदेषश पर्यंन्त तक जिला कार्यक्रम प्रबंधक संविदा, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बलौदाबाजार- भाटापारा छग में कार्य करने हेतु आदेशित किया जाता है। घटती घटना इस आदेश की जानकारी इसलिए प्रकाशित कर रहा है, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग में सिर्फ सिफारिश आदेश विधानसभा सत्र के दौरान भी जारी हो रहे है, जबकि भ्रष्टाचार की कई शिकायतों के बाद भी स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल अपने भतीजे पर कार्यवाही नहीं कर पा रहे है। जबकि स्थानांतरण आदेषों को लेकर बताया जा रहा है कि सत्र के बाद जारी होगें। जबकि सत्र के दौरान सिफारिशी आदेश जारी हो रहा है।
सरकार की छवि पर पड़ रहा है असर
कांग्रेंस सरकार पर ईडी की लगातार कार्यवाही के कारण कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा लोगों ने कार्यवाही से यह समझा की कैसे कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार जारी था और इसलिए उन्होंने प्रदेश में साा परिवर्तन कर दिया, वहीं नई भाजपा की सरकार के बनते ही भ्रष्टाचार पर नरम रूख के कारण सरकार के मंत्रियों के साथ भाजपा सरकार की छवि खराब हो रही है। विभागीय मंत्री भ्रष्टाचार को शिष्टाचार समझ कर कार्यवाही करने से बच रहे है, यहां तक सविंदा कर्मचारी को बचाने में जुटे हुए है, स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों कर्मचारियों के बीच भी गलत छवि बन रही है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस को लेकर भाजपा की नीति को लेकर सवाल खडे हो रहे है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार मचा हुआ है और जिसे रोकने में कोई दिलचस्पी सरकार सहित जिमेदार की नजर नहीं आ रही है। जिले में प्रभारी डीपीएम का जिम्मा सम्हाल रहे डॉक्टर की यदि पूरी कार्यप्रणाली की जांच की जाए वह भी कांग्रेस शासनकाल से ही उनकी करनी जांच के दायरे में ली जाए तो सच सामने आ जाएगा की कैसे वह जिले के स्वास्थ्य विभाग को खोखला कर रहे हैं साथ ही अपनी जेब भर रहे हैं।
पदस्थापना स्थल पर किया गुमराह
कांग्रेस सरकार में 16 मई 2023 को डायरेक्टर एनएचएम विलास संदीपान भोस्कर द्वारा जारी आदेश में मनेन्द्रगढ़ के नए डीपीएम ने अपना प्रभार ले लिया, परन्तु कोरिया के डीपीएम के प्रभार के लिए अब तक राकेश वर्मा को भटकना पड रहा है। जब सरकार बदली और भाजपा की सरकार आई, तब राकेष वर्मा ने ज्वाइन किया, तब बेहद मीठे सीएमएचओ डॉ आरएस सेंगर ने यह कहते हुए आला अधिकारियों से मार्गदर्षन मांगा लिया है उन्हें ज्वाइन नहीं करने दिया गया। दरअसल, उक्त आदेश में राकेश वर्मा के आदेश में पदस्थापना स्थल शहरी प्राथ स्वा केन्द्र डोमनहील लिखा है, और प्रभार जहां लेना है वंहा जिला कोरिया लिखा है। ऐसा ही मनेन्द्रगढ़ के प्रभारी डीपीएम के लिए भी लिखा था। बस यही से डॉ आर के सेगर ने पूरे मामले में गुमराह कर आला अधिेकारियों से मार्गदर्षन मांग उन्हें प्रभार लेने से रोक दिया है। बीते वर्ष 2022 से अब तक तमाम खरीदी पर दर्जनों शिकायत सामने आई है, पूरी अनियमितताओं के सिरमौर सीएमएचओ और प्रभारी डीपीएम पर भाजपा सरकार कुछ कहने को तैयार नहीं है। अब भाजपा सरकार भी कांग्रेस सरकार की तर्ज पर ही भ्रष्टाचार पर आश्रित दिखाई दे रही है।
एनएचएम के तहतकी गई पिछली भर्तियां जिसमे हुआ है जमकर भ्रष्टाचार यदि हो उसकी जांच खुलेंगे कई राज
जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत होने वाली भर्तियों की यदि पिछली जांच की जाए तो यह सच सामने आ सकता है की किस तरह भर्तियों में भ्रष्टाचार हुआ है,यह सब कुछ किसके सह पर हुआ है किसी से छिपा नहीं है। इन भर्तियों में पैसे लेकर उन्हे कार्य करने नियुक्त कर दिया गया है जिनके पास कोई अनुभव ही नहीं था स्वास्थ्य मामलो का । अनुभव के आधार पर उनकी भर्ती के लिए अनुभव भी फर्जी लगाए गए यह बताया जा रहा है। बताया तो यह भी जा रहा है की भर्ती के दौरान अनुभव प्रमाण पत्र भी खुद विभाग के उन लोगों ने उपलब्ध कराया है जो भर्ती प्रक्रिया में शामिल थे। कई मामलों में बताया जाता है की अनुभव वर्ष साथ ही अहर्ता ग्रहण करने का वर्ष एक ही है जिसके अनुसार यदि माना जाए तो ऐसा होना संभव ही नहीं की कोई पढ़ भी रहा है और अनुभव भी ले रहा है, इस मामले में भी यदि निष्पक्ष जांच हो जाएगी तो एचएम भर्ती के भ्रष्टाचार का भी राज खुल जाएगा।
पिछले कुछ दिनों से रायपुर में जमे हुए हैं कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम
कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग की छवि को लगातार बट्टा लगा रहे ,स्वास्थ्य जैसे मामलों में विभाग में जरूरतमंद मरीजों की सुविधाओं में से अपने लिए अपने परिवार के लिए विलासिता जुटा रहे कोरिया जिले के प्रभारी डीपीएम राजधानी रायपुर में पिछले दिनों से डटे हुए हैं। वह रायपुर में अपनी पकड़ और पहुंच साबित कर अपनी करनी पर पर्दा डालने में भिड़े हुए हैं क्योंकि उन्हे मालूम है की उनकी करनी अब उजागर हो रही है और वह जल्द ही जांच के दायरे में आ सकते हैं। बड़े कम समय में कोरिया जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था गरीबों को मिलने वाली निशुल्क सुविधा में सेंध लगाकर आज एक धनाढ्य इंसान बन चुके भ्रष्टाचार के मिशाल डीपीएम अपनी कुर्सी बचाने में भिड़े हुए हैं क्योंकि उन्हे भी मालूम है जिले के लिए डीपीएम नियुक्त हो चुका है और उन्हे हटना पड़ सकता है और जिससे उन्हे इसलिए दिक्कत होगी क्योंकि उनकी जरूरतें बढ़ चुकी हैं और जिन्हे पूरा करने के लिए उन्हे गरीबों की सुविधाओं में से कटौती करने की जरूरत होगी।
स्वास्थ्य मंत्री के फजीहत कराने में कोई कमी नहीं कर रहे हैं प्रभारी डीपीएम कोरिया
कोरिया जिले के प्रभारी डीपीएम स्वास्थ्य मंत्री का खुद को भतीजा बताकर उनकी फजीहत कराने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। जिस तरह वह भ्रष्टाचार से आज खुद को संपन्न बनाने में लगे हुए हैं वहीं कांग्रेस शासनकाल से ही वह स्वास्थ्य विभाग को जिस तरह लगातार दीमक की तरह चाट रहे हैं उसे देखते हुए लगता था की स्वास्थ्य मंत्री वर्तमान उनकी जांच जरूर कराएंगे उन्हे उनके भ्रष्टाचार मामले में वह दंड अवश्य देंगे,लेकिन उन्हे ही चाचा बताकर वह अब बचने का प्रयास कर रहे हैं और जिससे स्वास्थ्य मंत्री की छवि को लगातार नुकसान पहुंच रहा है और लोग यह सोचने मजबूर हैं की यदि स्वास्थ्य मंत्री ही ऐसे भ्रष्ट लोगों को सह देंगे तो फिर स्वास्थ्य विभाग भगवान भरोसे ही होगा।


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