- बर्ड फ्लू की पुष्टि सरकारी हेचरी से ही होती है निजी पोल्ट्री फार्म से क्यों नहीं?
- जनवरी से मार्च के बीच ही सरकारी हेचरी में बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है,क्या वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में भ्रष्टाचार मचाना ही बर्ड फ्लू आने की असली वजह है?
- 6 साल पहले भी जनवरी में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी…क्या हेचरी के प्रबंधक का खुद का निजी हेचरी भी है जहां पर सरकारी हेचरी का माल जाता है?
- क्या भ्रष्टाचार पर मिट्टी डालने के लिए हेचरी में बर्ड फ्लू आता है?
- सरकारी हेचरी में बर्ड फ्लू को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं
- पिछले 20-22 साल से एक ही व्यक्ति के पास सरकारी हेचरी की जिम्मेदारी, क्या यह भी है भ्रष्टाचार व बर्ड फ्लू का जनक?
- जिले में है सैकड़ो पोल्ट्री फार्म पर वहां पर नहीं होती है कोई जांच और ना ही वहां आता है बर्ड फ्लू… कोरिया की सरकारी हेचरी ही है बर्ड फ्लू का केंद्र?
- बर्ड फ्लू की पुष्टि सरकारी हेचरी से ही होती है निजी पोल्ट्री फार्म से क्यों नहीं?

-रवि सिंह-
कोरिया,05 अप्रैल 2025 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी सरकारी हेचरी और सबसे सफल हेचरी कोरिया जिले की हेचरी को माना जाता है,यहां पर कई अलग-अलग प्रजाति के मुर्गी मुर्गा व बटेर सहित अन्य का पालन पोषण किया जाता है,लेकिन यह हेचरी हमेशा बर्ड फ्लू को लेकर सुर्खियों में रहती हैं,यहां पर अब तक पिछले 10 सालों में तीन बार बर्ड फ्लू होने की पुष्टि हुई है और हर बार इसकी पुष्टि का महीना जनवरी से मार्च के बीच का होता है ऐसा सूत्रों का दावा है और यही का सैंपल हर बार जांच के लिए जाता है पर जब कि जिले में सैकड़ो निजी पोल्ट्री फार्म है जहां पर मुर्गियां राखी जाती हैं लेकिन वहां पर कभी भी बर्ड फ्लू की जांच के लिए सेंपल टेस्टिंग के लिए लैब नहीं जाता है और ना ही वहां से कोई पुष्टि होती है,सवाल यह उठता है कि आखिर बाकी निजी पोल्ट्री फार्म का भी टेस्ट के लिए सेंपल क्यों लैब नहीं भेजा जाता है शासकीय हेचरी का ही सिर्फ सेंपल बर्ड फ्लू के लिए टेस्टिंग होता है और जब भी ऐसी स्थिति बनती है तो शासकीय हेचरी ही बर्ड फ्लू का केंद्र बिंदु हो जाता है,अब ऐसे में सवाल यह उठता है की सबसे काम लोग शासकीय हेचरी के मुर्गा का सेवन करते हैं तो वह निजी पोल्ट्री फार्म के मुर्गे का सेवन लोग ज्यादा करते हैं वहीं हेचरी में जब की सबसे ज्यादा सरकारी सुविधाएं दी जाती है ताकि यहां पर अच्छे से मुर्गा उत्पादन किया जा सके पर इतनी सुविधाओं के बीच भी ऐसी बीमारियों का आना कहीं ना कहीं कई सवाल पैदा करता है,जबकि इससे कम सुविधाओं में निजी पोल्ट्री फार्म में लोग मुर्गा उत्पादन कर रहे हैं,पर वहां से बर्ड फ्लू जैसी पुष्टि नहीं होती,ऐसा लगता है कि सिर्फ लोगों की चिंता सरकारी हेचरी से मिलने वाले मुर्गो या मुर्गी या उसके अंडे से ही बर्ड फ्लू के खतरे को लेकर है,बाकी निजी पोल्ट्री फार्म में ऐसी बीमारी पैदा ही नहीं हो सकती? संदेह तो इस बात का भी है कि भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए साल अंतिम वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में ही ऐसी पुष्टि होती है जिससे पूरे साल भर के किए गए भ्रष्टाचार को बर्ड फ्लू के नीचे दबा दिया जाए? जिस दिन इस बात की पुष्टि हुई उससे कुछ दिन पहले ही कई लोगों वहां के मुर्गा मुर्गी व अंडे का सेवन किए जो अभी स्वस्थ है। सरकारी हेचरी बैकुंठपुर में लगातार बर्ड फ्लू की पुष्टि और अन्य निजी पोल्ट्री फार्मों में जांच भी न होना और वहां बर्ड फ्लू की पुष्टि न होना बतलाता है कि सरकारी हेचरी कहीं न कहीं षड्यंत्र का या भ्रष्टाचार का शिकार हो रहा है। बता दें कि यह हेचरी प्रदेश का सबसे बड़ा और सफल हेचरी है जहां विभिन्न प्रजाति के मुर्गे और बटेर सहित जानवर पाले जाते हैं। बैकुंठपुर का शासकीय हेचरी यदि बर्ड फ्लू की पुष्टि केंद्र बना है तो जिले के अन्य पोल्ट्री फार्मों के मुर्गे भी मरने चाहिए जबकि ऐसा नहीं है। पोल्ट्री फार्म के मुर्गे मुर्गियां स्वस्थ हैं और उनमें कोई बीमारी है ऐसा कहीं से सूचना नहीं मिल रही है।
ब्लड सैम्पल और संक्रमण की पुष्टि
29 मार्च को प्रारंभिक परीक्षण किया गया। शासकीय हेचरी सेंटर से 5 मुर्गियों के रक्त परीक्षण के लिए नमूने राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल भेजे गए थे। 31 मार्च 2025 को प्राप्त रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर सभी मुर्गियों और अन्य पक्षियों को नष्ट करने के आदेश दिए गए। इसके तहत कुल 24,087 मुर्गियों, 9,998 चूजों, 2,448 बटेरों और 19,095 अंडों को नष्ट किया गया। साथ ही, शासकीय हेचरी से मुर्गी और बटेर की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
नेजल स्वाब के लिए नमूने
1 अप्रैल 2025 को शासकीय हेचरी के कर्मचारियों से 20 नेजल स्वाब नमूने लिए गए,जिन्हें परीक्षण के लिए एम्स रायपुर भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र के 1 किलोमीटर दायरे में घर-घर जाकर सर्वे किया। अब तक 136 घरों का सर्वे किया गया,जिसमें 346 लोग लक्षणों (सर्दी,खांसी) के साथ पाए गए।
चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह
पोल्ट्री उत्पादों से संपर्क में आए लोगों को बार-बार हाथ धोने और किसी भी लक्षण के मामले में नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
क्या बर्ड फ्लू संक्रमण का खतरा सिर्फ शासकीय हेचरी से निजी पोल्ट्री फार्मो से नहीं?
निजी पोल्ट्री फार्म बिना किसी ज्यादा सुरक्षा और सुविधा के संचालित हैं फिर भी वहां बर्ड फ्लू नहीं आता वहीं शासकीय हेचरी में हर साल आ जा रहा है,ऐसा क्यों है इसकी जांच होनी चाहिए।
शासकीय हेचरी सेंटर बैकुण्ठपुर में एविएन इन्फ्लूएंजा के संबंध में कार्यवाही जिला प्रशासन की अपील सभी वर्ग करें सहयोग
शासकीय हेचरी सेंटर बैकुण्ठपुर में एविएन इन्फ्लूएंजा के मामले को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर कोरिया के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय काम्बेक्ट टीम ने प्रभावित क्षेत्र में कार्यवाही शुरू की है।
बेहतर व्यवस्था में रहते हैं यहां के मुर्गी मुर्गा व बटेर फिर भी बर्ड फ्लू का संक्रमण समझ के परे?
कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में स्थित सरकारी हेचरी में कई तरह मुर्गा मुर्गी उत्पादन होता है साथ ही लोगों को मुर्गी पालन के लिए प्रोत्साहित भी किया जाता है यहां पर बटेर भी है यहां का कड़कनाथ काफी प्रसिद्ध है यहां पर सभी वैरायटी के मुर्गा व मुर्गी के लिए अलग-अलग पार्टीशन किया हुआ कमरा है, ठंडी गर्मी से लेकर बरसात तक में बेहतर व्यवस्था रखी जाती है संक्रमण न आए इसके लिए भी काफी उपचार किया जाता है कहा जाए तो सबसे बेहतर व्यवस्था के तहत यहां पर उत्पादन होता है,अंडे से लेकर चूजे और मुर्गी व मुर्गी सभी का समय पर दवाइयां व दाना पानी भी बेहतर होता है यहां पर कोई भी बाहरी पक्षी या जानवर का प्रवेश निषेध होता है यहां तक कि मनुष्य भी वहां तक नहीं पहुंचते हैं उसके बावजूद संक्रमण का फैलना कैसे संभव है यह बड़ा सवाल है। इससे कम सुविधा में निजी पोल्ट्री फार्म में मुर्गा मुर्गी रहते हैं पर वहां पर संक्रमण की खबरें नहीं आती या फिर कहा जाए तो वहां पर जांच ना होना ही वहां से संक्रमण न होने की खबरों को माना जा सकता है यदि जांच हो तो वहां भी संक्रमण पाया जा सकता है पर ऐसे में सवाल यह उत्पन्न होता है कि क्या फिर वहां पर संक्रमण में आ जाते हैं लोग?
हेचरी में खरीदी बिक्री के भ्रष्टाचार को छुपाने की यह कोई तरकीब तो नहीं?
वैसे बैकुंठपुर की शासकीय हेचरी में ही बर्ड फ्लू की दस्तक हर बार सुनाई देती है और इसके पीछे हेचरी में जारी भ्रष्टाचार को छिपाना उद्देश्य हो सकता है ऐसी भी संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। हर बार सर्व सुविधायुक्त शासकीय हेचरी में ही बर्ड फ्लू की दस्तक यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि बर्ड फ्लू बीमारी आ रही है या लाई जा रही है।
निजी पोल्ट्री फार्म का क्यों नहीं होता टेस्ट?
जिस तरह जिले के शासकीय हेचरी में बर्ड फ्लू की जांच हो रही हर बार उसी तरह निजी पोल्ट्री फार्मों में भी जांच क्यों नहीं हो रही है। क्या बर्ड फ्लू निजी पोल्ट्री फार्मों से नाराज है केवल वह शासकीय हेचरी ही जाना चाहता है। जिस तर्ज पर हर बार शासकीय हेचरी बर्ड फ्लू का शिकार बन रही है यह कहना गलत नहीं होगा कि हेचरी षड्यंत्र का शिकार हो रही है।
ना दवाइयों की कमी ना दानों की कमी और ना ही सुविधाओं की कमी लोगों के संपर्क से भी बाहर फिर सरकारी हेचरी में क्यों देता है बर्ड फ्लू दस्तक?
शासकीय हेचरी में न ही दवाइयों की कमी है,न दानों की कमी है न ही सुविधाओं की कमी वहीं न ही वहां लोगों का ही आम जाना है फिर भी वहां बर्ड फ्लू बार बार दस्तक दे रहा है ऐसा क्यों,बर्ड फ्लू क्यों बार बार शासकीय हेचरी पर मेहरबान है। वैसे बर्ड फ्लू का यह पहला मामला नहीं है जिले में ऐसा पहले भी होते आया है और हर बार शासकीय हेचरी में ही बर्ड फ्लू डेरा जमाते नजर आता है वह निजी पोल्ट्री फार्मों का रुख नहीं करता।