अंबिकापुर@किशोरी की आत्महत्या के मामले में पूछताछ के लिए थाने बुलाए गए युवक ने घर पहुंचने के बाद की आत्महत्या

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अंबिकापुर,05 अप्रैल 2025 (घटती-घटना)। किशोरी की आत्महत्या के मामले में पूछताछ के लिए लखनपुर पुलिस 20 वर्षीय एक युवक को शनिवार थाना बुलाया था। युवक घर पहुंचने के बाद की शनिवार की सुबह पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस पर मृतक की मां ने मामला रफा-दफा करने के लिए लखनपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक पर 50 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। वहीं प्रधान आरक्षक ने युवक व उसकी मां द्वारा मामले को दबाने के लिए पैसे का ऑफर दिए जाने की बात कही है। दरअसल नवंबर 2024 में युवक के घर में 16 वर्षीय किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जबकि युवक ने कीटनाशक का सेवन कर लिया था। इसमें युवक की जान बच गई थी। इसी मामले में पुलिस द्वारा युवक व उसकी मां को पूछताछ के लिए थाने में बुलाया गया था।
सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ग्राम जुड़वानी के चुकनडांड़ सेमरपारा निवासी आशीष मिंज 20 वर्ष की शनिवार की सुबह आम के पेड़ पर फांसी पर लटकती लाश मिली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की प्रक्रिया पूरी की। इस मामले में मृतक आशीष की मां अलमा मिंज ने लखनपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक पर मामले को रफा-दफा करने के लिए 50 हजार रुपए मांगने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि प्रधान आरक्षक ने कहा था कि यदि रुपए नहीं दोगे तो जेल भेज दूंगा। मामला मृत युवक की कोरबा निवासी 16 वर्षीय प्रेमिका संध्या मिंज द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने से जुड़ा है। नवंबर माह में मृतक आशीष मिंज के घर संध्या मिंज ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस दौरान आशीष ने भी कीटनाशक का सेवन कर लिया था। हालांकि इलाज के बाद उसकी जान बच गई थी। इधर लखनपुर पुलिस द्वारा उसे मामले में पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि आशीष व उसकी मां थाने में उपस्थित नहीं हो रहे थे,इस वजह से पुलिस द्वारा उन्हें नोटिस देकर पूछताछ के लिए शुक्रवार को बुलाया गया था। मृतक आशीष की मां का आरोप है कि वह अपने बेटे के साथ शुक्रवार की दोपहर 3 बजे थाना पहुंची थी। इस दौरान प्रधान आरक्षक द्वारा थाने के ऊपर के कमरे में उससे पूछताछ की जा रही थी। शाम 7 बजे जब आशीष लौटा तो उसके सामने रोने लगा। जब उसने पूछताछ की तो बताया कि प्रधान आरक्षक द्वारा उसपर 50 हजार रुपए देने का दबाव बनाया जा रहा है। नहीं देने पर जेल भेजने की बात कही जा रही है। मृतक की मां ने यह भी कहा कि आशीष ने उसे बताया कि 2 लडकों ने थाने में उसे थप्पड़ भी मारा था। इसके बाद दोनों घर आ गए। इसी बीच आशीष ने फांसी लगा ली। मां का कहना है कि प्रधान आरक्षक के दबाव में ही मेरे बेटे ने फांसी लगाई है।
आरोप बेबुनियाद
आरोप बेबुनियाद हैं। आशीष व उसकी मां को कई बार थाने में पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा था, लेकिन वे नहीं आ रहे थे। इस पर नोटिस देकर उन्हें बुलाया गया था। आशीष की मां ने ही मामले को दबाने के लिए रुपए का ऑफर दिया था। जबकि उसके द्वारा मां-बेटे को मामले में सहयोग करने की बात कही गई थी।
पन्नालाल,प्रधान अरक्षक


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