थाना तुमला क्षेत्र के ग्राम डोंगादरहा का मामला,घटना में प्रयुक्त लोहे का कुल्हाड़ी जप्त
जशपुरनगर,02 अप्रैल 2025 (घटती-घटना)। मामले में प्रार्थी उाम सिदार उम्र 40 साल निवासी डोंगादरहा ने चौकी कोल्हेनझरिया थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराया कि यह दिनांक 01.04.2025 के लगभग 09 बजे मोटर सायकल मरम्मत करवाने घर से निकला था, लगभग 12ः20 बजे इसे इसकी पुत्री ने सूचना दिया कि घर के सिन्टेक्स टंकी के पास इसकी पत्नी श्रीमती प्रभावती बाई के सिर,गले में अज्ञात आरोपी ने धारदार हथियार से वार कर गंभीर चोंट पहुंचाया है, जिसे ईलाज हेतु कोतबा अस्पताल लेकर आये हैं, वहीं प्रार्थी के कोतबा अस्पताल में पहुंचने पर देखा कि उसकी पत्नी की मृत्यू हो चुकी है। मर्ग जॉंच एवं पी.एम. रिपोर्ट में मृतिका की मृत्यू हत्या करने से होना पाये जाने पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध बी.एन.एस. की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।एसएसपी जशपुर श्री शशि मोहन सिंह द्वारा उक्त अंधे कत्ल के आरोपी की पतासाजी हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी पत्थलगांव श्री ध्रुवेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में टीम गठित कर पतासाजी हेतु रवाना किया गया, टीम में सायबर सेल,डॉग स्कवायड एवं फारेंसिक एक्सपर्ट को भी सम्मिलित किया गया। पुलिस टीम को विवेचना के दौरान ज्ञात हुआ कि मृतिका नव निर्वाचित सरपंच है,उसकी 02 पुत्री हैं। घटना दिनांक के प्रातः लगभग 09 बजे मृतिका के पति उाम सिदार अपनी मोटर सायकल मरम्मत करवाने घर से बाहर किसी दुकान पर गये थे। मृतिका की दोनों पुत्री घर में थी उसी दौरान लगभग 09ः30 बजे पुत्री के बुआ की लड़की का फोन आया और वो बताई कि बस से आ रही हुं,लेने के लिये आओ तो दोनों बहनें घर से निकलकर बस का इंतजार करने के लिये रोड तरफ आ गई वो 12 बजे तक इंतजार की,परंतु उसकी बुआ की लड़की नहीं आई। उसी समय बुआ की लड़की ने उन्हें फोन कर बताया कि वो उसे अप्रैल फूल बना रही थी। इसके पश्चात् दोनों पुत्री घर में आ गये और मॉं को ढूंढते हुये घर के पीछे सिन्टेक्स टंकी के पास जाकर देखे तो उसकी मॉं घायल अवस्था में थी, उसके सिर, गले पर चोंट का निशान था, एवं परिजनों की सहायता से उसे ईलाज हेतु कोतबा अस्पताल में ले जाया गया था जहां उसकी मृत्यू हो गई। चूंकि हत्या महिला सरपंच की हुई थी,पूरे इलाके में सनसनी फैल गया था और कई लोग इसे राजनैतिक प्रतिस्पर्धा पर हत्या का एंगल कह रहे थे। पुलिस ने इस मामले की जॉंच हेतु कई एंगल रखे थे, उसमें एक एंगल यह भी था। पुलिस की टीम घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद ही समझ गई थी कि इस घटना में बाहर का व्यक्ति सम्मिलित नहीं है, क्योंकि घर के एक ही आंगन में उसकी जेठानी रहती है, उस दौरान हुई हत्या में बीच-बचाव करने जरूर आई होती। बाहर के व्यक्ति अगर घटना में सम्मिलित होता तो उसे कोई न कोई घर में प्रवेश करते हुये जरूर देखा होता। पुलिस द्वारा शक का दायरा परिवारवालों के उपर ही केद्रित कर जेठानी से कड़ाई से पूछताछ करने पर वह पुलिस को गुमराह करते हुये स्वयं के द्वारा हत्या करना बता रही थी। पुलिस द्वारा उसके शारीरिक रूप से कमजोर होने एवं बीमार होने पर उक्त जघन्य अपराध को अंजाम की स्टोरी पर सहज विश्वास नहीं कर रही थी। उसके द्वारा हत्या करने की बात अपने पति को बताई तो वह थप्पड़ मार दिया।
आरोपी पुस्तम सिंह सिदार को अभिरक्षा में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि उसकी बहु से पुराना विवाद चल रहा था,मृतिका के अंधविष्वास करने से उसके परिवार के सदस्यों की तबियत हमेशा खराब रहती थी, मृतिका हमेशा उसके परिवार का मजाक उड़ाती थी। कुछ दिन पूर्व में वह परेशान होकर आत्महत्या करने की कोशिश किया था एवं पत्नी एवं 03 पुत्रियों को जहर देकर मारने की सोचा था। इसी बात से वह घटना दिनांक को मौका पाकर घर में रखे कुल्हाड़ी लेकर मृतिका के घर गया और उसे टांगी से वारकर हत्या कर दिया। आरोपी के कजे से घटना में प्रयुक्त टांगी को जप्त किया गया है। आरोपी के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने पर उसे 2 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। विवेचना कार्यवाही एवं आरोपी को गिरफ्तार करने में एसडीओपी पत्थलगांव ध्रुवेश कुमार जायसवाल,निरीक्षक कोमल नेताम, सउनि. टी.आर. सारथी, प्र.आर. विनोद राम, शिवकुमार महतो,महिला आरक्षक सरोज इत्यादि का योगदान रहा है।
