सरकार अधिकारों की रक्षा करने में विफ ल रही
नई दिल्ली,02 अप्रैल 2025 (ए)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा करने में विफल रही है और उन्होंने सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में वन अधिकार अधिनियम का बचाव करने के लिए तेजी से कार्रवाई करने का आग्रह किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक्सएनयूएमएक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) की अवहेलना कर रही है, जिसके कारण लाखों आदिवासी परिवार अपनी पारंपरिक जमीन से बेदखल होने का सामना कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने ऐतिहासिक अन्याय को ठीक करने और आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन पर अधिकार सुनिश्चित करने के लिए 2006 में कानून पेश किया था। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,‘‘हालांकि, केंद्र सरकार की निष्कि्रयता के कारण एफआरए के तहत अनगिनत वास्तविक दावों को बिना किसी समीक्षा के मनमाने ढंग से खारिज कर दिया गया है।’’ उन्होंने कहा, 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने उन सभी लोगों को बेदखल करने का आदेश दिया जिनके दावे खारिज कर दिए गए थे, इस कदम से पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। जवाब में, अदालत ने बेदखली रोक दी और खारिज किए गए दावों की गहन समीक्षा करने का आदेश दिया।
गांधी ने आरोप लगाया कि यह मामला 2 अप्रैल को फिर से सर्वोच्च न्यायालय में आया है और एक बार फिर मोदी सरकार कार्रवाई से गायब है। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, यह 2019 में कानून का बचाव करने में विफल रहा और आज भी आदिवासी अधिकारों के लिए खड़े होने का कोई इरादा नहीं दिखाता है। इससे भी बुरी बात यह है कि लाखों लंबित और खारिज किए गए दावों की समीक्षा या पुनर्विचार करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, अगर मोदी सरकार वास्तव में आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा करना चाहती है और लाखों परिवारों को बेदखली से बचाना चाहती है, तो उसे तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए और अदालत में वन अधिकार अधिनियम का बचाव करना चाहिए।
