रिश्वत मामले में जांच के बाद कार्यवाही…एसडीएम सोनहत की अध्यक्षता में हुई जांच,रिश्वतखोरी के सबूत मिलने पर सेवा की गई समाप्त…


-रवि सिंह-
कोरिया,29 मार्च 2025 (घटती-घटना)। सुबह रिश्वतखोर बीडीएम की कार्यवाही को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से बात हुई और शाम को उसकी सेवा समाप्त होने का आदेश आया, यह बहुत बड़ा कार्यवाही माना जा रहा है क्योंकि इस कार्यवाही से रिश्वतखोरी की संभावना कम हो जाएगी और शासकीय पैसे का बचत भी होगा साथ ही अब रिश्वतखोरी करने वाले भी इस कार्यवाही से घबराएंगे क्योंकि उनकी सेवा भी समाप्त हो सकती है, सोनहत विकासखंड में कार्यरत विकासखंड डाटा प्रबंधक (बीडीएम) शिवम गौतम पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच पूरी हो गई है। जांच समिति के अध्यक्ष एसडीएम सोनहत राजेश साहू ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सभी 13 एसएचओ द्वारा दी गई ऑनलाइन राशि बीडीएम शिवम गौतम और उनकी पत्नी के बैंक खातों में जमा हुई थी। जिसे लेकर लगातार शिकायत हो रही थी और दैनिक घटती घटना बड़ी प्रमुखता के साथ खबर भी प्रकाशित कर रहा था, पर फिर भी जांच देर से शुरू होना और कार्यवाही में विलंब होने को लेकर तरह-तरह की बात सामने आ रही थी पर अंतत स्वास्थ्य मंत्री से बात करने के बाद शाम को कार्यवाही हो गई और आदेश जारी हो गया जिसमें रिश्वतखोर बीडीएम की सेवा समाप्त कर दी गई। इस खुलासे के बाद एसडीएम ने उनकी संविदा सेवा समाप्त करने की अनुशंसा की है। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला कोरिया के द्वारा कार्यवाही करते हुए आदेश जारी किया गया।
सुनवाई का अंतिम अवसर के बाद भी संतोषजनक कथन / बयान व साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया तो 29 मार्च को हुई कार्यवाही
आदेश के अनुसार शिवम गौतम, विकासखण्ड डाटा प्रबंधक (संविदा) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनहत, जिला कोरिया के द्वारा विकासखण्ड सोनहत अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से सीआर एपीएआर खराब करने की धमकी देते हुए, खण्ड चिकित्सा अधिकारी को बोलकर नौकरी से निकालवा देने की बात कहकर जारी प्रोत्साहन राशि का 65 प्रतिशत का खण्ड चिकित्सा अधिकारी के नाम से मांग किया जाना, नहीं देने पर फोन कॉल व अन्य माध्यमों से नौकरी को क्षति पहुंचने का डर दिखाकर दबावपूर्वक अवैध वसूली करने संबंधित छ.ग. प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा की गई शिकायत की जांच कलेक्टर जिला कोरिया के अनुमोदन उपरांत गठित जांच समिति द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छग के मानव संसाधन नीति वर्ष 2018 में दिये गये प्रावधान अनुसार प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन दिनांक 28.03.2025 में शिवम गौतम, विकासखण्ड डाटा प्रबंधक (संविदा) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनहत, जिला कोरिया छग पर राशि लेन-देन की पुष्टि हुई है जो कि संबंधितों के कथनों तथा बैंक स्टेटमेंट के आधार पर प्रमाणित पाई गई है। शिवम गौतम, विकासखण्ड डाटा प्रबंधक (संविदा) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनहत, जिला कोरिया छग को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छग के मानव संसाधन नीति वर्ष 2018 की कंडिका 34.2 अनुसार सुनवाई का अंतिम अवसर दिनांक 28.03.2025 को दिया गया था, जिसमें इनके द्वारा संतोषजनक कथन / बयान व साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छग के मानव संसाधन नीति वर्ष 2018 की कंडिका 33.5 अनुसार जांच प्रतिवेदन में दोषी पाये जाने पर दीर्घ शस्ति / लघु शस्ति किये जाने का अधिकारी नियुक्तिकर्ता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिया गया है। अतएव राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छग के मानव संसाधन नीति वर्ष 2018 की कंडिका 34 अनुबंध अनुसार सेवा समाप्ति उप कंडिका 34.3 में दिये गये प्रावधान अनुसार शिवम गौतम, विकासखण्ड डाटा प्रबंधक (संविदा) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनहत, जिला कोरिया छग का उक्त कृत्य कदाचरण की श्रेणी में आता है। फलस्वरूप श्री शिवम गौतम, विकासखण्ड डाटा प्रबंधक (संविदा) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनहत, जिला कोरिया छग की संविदा सेवा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छग के मानव संसाधन नीति वर्ष 2018 की कंडिका 34 “अनुबंध अनुसार सेवा समाप्ति उप कंडिका 34.3 के तहत् तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाता है।
संविदा कर्मियों के पास करोड़ों का बजट, अनियमितताओं के आरोप
स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा कर्मियों के पास करोड़ों रुपये का बजट होता है। आरोप है कि कई अधिकारी और कर्मचारी नौकरी में आते ही कुछ वर्षों के भीतर लग्जरी गाडि़यों और अपार संपçा के मालिक बन जाते हैं। सूत्रों के अनुसार, इन कर्मचारियों द्वारा खर्च किए जाने वाले धन का कोई पारदर्शी हिसाब नहीं दिया जाता। आरटीआई के तहत जानकारी मांगने पर भी सही जवाब नहीं दिया जाता है। यदि इनकी संपçायों की गहराई से जांच की जाए, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि 15,000 से 30,000 रुपये वेतन पाने वाले कर्मी चंद वर्षों में ही करोड़पति बन जाते हैं।
पूर्व संघ ने जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल
छाीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने शिवम गौतम पर लगे आरोपों और जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपçा जताई है। संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष रविंद्र तिवारी ने जिला कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। संघ का आरोप था कि शिवम गौतम सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों पर दबाव डालकर उनसे प्रोत्साहन राशि के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे। जांच समिति में बीडीएम के करीबी दो सदस्यों – राकेश सिंह (प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन) और राकेश महिलांगे (सहायक ग्रेड 3)को शामिल करने से निष्पक्ष जांच प्रभावित हो रही है। जिसके बाद सीएमएचओ कार्यालय से जांच उठकर एसडीएम कार्यालय सोनहत पहुंच गई जहां एसडीएम की अध्यक्षता में हुई जांच में सच्चाई सामने आई।
क्यों जरूरी थी यह कार्यवाही
स्वास्थ्य विभाग में रिश्वतखोरी की शिकायत लगातार आ रही थी भ्रष्टाचार के भी आरोप लग रहे थे इस लिहाज से लोगों का विश्वास स्वास्थ्य विभाग से उठता जा रहा था इसके बाद से इस प्रकार के कार्यवाही की मांग लंबे समय से हो रही थी यह जब कार्यवाही अब हो गई है तो अब अंदाजा लगाया जा रहे हैं कि इस कार्रवाई से अब ऐसे रिश्वतखोरी के मामले पर अंकुश लगेगा और लोग भी डरेंगे और रिश्वत लेने से बचेंगे।