- टीबी के खिलाफ जन जागरूकता,जन सहभागिता और सक्रियता से मिलेगी हमें टीबी से मुक्तिःकलेक्टर श्री जयवर्धन…जन-जन का रखे ध्यान,टीबी मुक्त भारत अभियान
सूरजपुर,25 मार्च 2025 (घटती-घटना)। जिला चिकित्सालय सूरजपुर के ऑडिटोरियम में विश्व क्षय दिवस पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 2023 में घोषित टीबी मुक्त पंचायतों को प्रशस्ति पत्र और महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा जिला कलेक्टर श्री एस जयवर्धन और जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैंकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष रेखा राजवाड़े,जनपद पंचायत सूरजपुर की अध्यक्ष स्वाती संत सिंह, जनपद पंचायत सूरजपुर के उपाध्यक्ष मानभद्र, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी जिला सूरजपुर के वाइस चेयर मेन ओंकार पाण्डेय व अन्य संबंधित की उपस्थिति में पंचायत के जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दिया गया। जिन पंचायतों ने टीबी मुक्त पंचायत के मापदंडों और सूचकांकों को भली-भांति समझ कर कार्य किया और मापदंडों पर खरा उतरता उसका नाम जनपद पंचायत द्वारा प्रस्तावित किया जाता है। उन सभी पंचायतों को सत्यापन के बाद टीबी मुक्त पंचायत का अवार्ड दिया गया। इसके साथ 33 नि-क्षय मित्र, और स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी कलेक्टर एस जयवर्धन ने प्रशस्ति पत्र देकर उनका मनोबल बढ़ाया। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि टीबी फेफड़ों को प्रभावित करने वाला एक संक्रामक रोग है। लोगों को इसके लक्षणों, जांच और उपचार के प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है। इसके जानकारी के अभाव में लोग लापरवाह हो जाते हैं जिनसे उनकी मृत्यु तक हो जाती है। इस दौरान उन्होंने जिले में टीबी जैसे संक्रामक रोग के उन्मूलन के लिए सभी विभागों सहित आमजनों को एकजुट होकर कार्य करने की अपील की है। उन्होंने टीबी को एक चुनौती मानते हुए सामाजिक और आर्थिक विकास में बाधा बताया। उन्होंने कहा कि जिले से टीबी का शत प्रतिशत उन्मूलन करने के लिए हम सभी को मिलकर इसके खिलाफ कार्य करना होगा। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीयों एवं कर्मचारियों को विशेष रूप से कार्य करते हुए जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा। साथ हीं उन्होंने बताया कि टीबी की रोकथाम के लिए शासन द्वारा प्रभावी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलध कराई हैं। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी की निःशुल्क जांच और इलाज की सुविधा है। जिसका लाभ समाज के सभी वर्ग लें।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत ठाकुर भी उपस्थित थे। उन्होंने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी बीमारी के प्रति जनजागरुकता के अभाव में लोगों की मृत्यु हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को दवा के द्वारा पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। हमें इसके लिए वृहद अभियान चलाने की आवश्यकता है। हमें स्कूल,कॉलेजों सहित सार्वजनिक स्थानों पर टीबी बीमारी इसके लक्षणों और इसके इलाज को लेकर लोगों को निरन्तर जागरूक करना होगा। कार्यक्रम में उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष चन्द्रमणि पैकरा ने कहा कि स्वास्थ्य समाज के निर्माण में ग्रामपंचायतों की अहम् भूमिका है जनप्रतिनिधियों का सहयोग और समर्थन से सूरजपुर जिला प्रदेश में अव्वल रहेगा। हमारी पहली प्राथमिकता रहेगी की स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का मनोबल कही से कम न हो । आज इनके प्रयास और अथक परिश्रम के बदौलत जिले में 86 पंचायतें टीबी फ्री हो रही है। जिला कलेक्टर एस जयवर्धन ने कहा कि स्वास्थ्य सूचकांकों में सूरजपुर जिला प्रदेश में पीछे न रहे इसके लिए समन्वय बनाकर कार्य करना होगा। जहां कहीं भी कठिनाई आये हम मिलजुल कर समाधान निकालेंगे। जनपद पंचायत सूरजपुर के अध्यक्ष स्वाती संत सिंह ने कहा कि टीबी मुक्त पंचायत व्यक्ति और समाज दोनों को लाभ है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ कपीलदेव पैकरा ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि टीबी मुक्त भारत के सपनों को साकार करने के लिए हम सभी को आगे आना होगा। आम जनता में टीबी पंचायत के लाभ को बताना होगा। जब-जब ग्रामसभा हो इस विषय पर चर्चा करे अवश्य सफलता मिलेगी। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह ठाकुर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष रेखा राजवाड़े जनपद उपाध्यक्ष मनभद्र जी ने भी अपने विचार रखे।
किस ब्लॉक से कितनी पंचायते हुई टीबी मुक्त
विकासखण्ड भैयाथान से 22, सूरजपुर से 21, प्रतापपुर से 17, उड़गी से 12, प्रेमनगर से 07 और रामानुजनगर से 07 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत का अवार्ड दिया गया। सी.वाई. टेस्ट का लंचींग यह टेस्ट टीबी जांच के लिए काफी महत्वपूर्ण है। आज इसकी शुरुआत सूरजपुर जिला में हुआ। इस मशीन से पहला व्यक्ति अमीत सिंह स्वास्थ्यकर्मी का जांच हुआ। इस जांच का प्रयोग प्रथम चरण में सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों का जांच किया जायेगा। इसके बाद पाजि़टिव पेशेन्ट के घर के सभी लोगों का जांच होगा। आभार व्यक्त करते हुए जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी ने कहा कि 2024 का भी परिणाम आ चुका है लगभग 100 से ज्यादा पंचायतें रेखांकित हुई है। राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार विभाग अगले चरण में उन सभी पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम का रूपरेखा तय करने में और संचालन में डीपीसी संजीत कुमार का प्रमुख योगदान रहा। कार्यक्रम में मंच संचालन अर्पिता सिंह ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में उमेश गुप्ता जनेश्वर सिंह, सुभाष, निलेश दुबे, मदनलाल, प्रेमनारायण साहु, कवीर सिंह, राम विलास सिंह, धन्नुलाल, आदि की अहम् भूमिका रही।