-रवि सिंह-
कोरिया,24 मार्च 2025 (घटती-घटना)। जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में लगातार लापरवाही और अनियमितताएं सामने आ रही हैं। लैब की स्वच्छता मानकों पर खरी नहीं उतर रही,जिसके कारण कल्चर टेस्ट पॉजिटिव आ रहे हैं,फिर भी प्रशासन मौन बना हुआ है। दूसरी ओर, पटना में आंखों के ऑपरेशन पर रोक लगी हुई है, लेकिन जिला अंधत्व निवारण समिति के नोडल अधिकारी डॉ. आर.एस. सेंगर बिना किसी लाइसेंस के धड़ल्ले से अवैध मोतियाबिंद ऑपरेशन कर रहे हैं ऐसा सूत्रों का दवा है।
प्रशासन को जानकारी, फिर भी कोई कार्यवाही नहीं
चौंकाने वाली बात यह है कि जिला प्रशासन को इन अवैध ऑपरेशनों की पूरी जानकारी है, लेकिन अभी तक किसी भी तरह की छापेमारी नहीं की गई। नर्सिंग होम एक्ट के तहत पहले भी डॉ. सेंगर के खिलाफ फर्जी क्लीनिक खोलकर ऑपरेशन करने की शिकायत हुई थी, जिसकी जांच के लिए कमेटी बनी थी, लेकिन अब तक जांच शुरू नहीं हुई।
लाइसेंस पाने के लिए दबाव, नियमों की उड़ रही धज्जियां
लगातार हो रही शिकायतों से बचने के लिए अब जिला प्रशासन डॉ. सेंगर को नियमों को ताक पर रखकर लाइसेंस देने की तैयारी में है। जबकि उनके लाइसेंस जारी करने में कई तरह की गंभीर खामियां हैं। स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकारी ऑपरेशन बंद होने का उठा रहे फायदा
कोरिया जिले में सरकारी मोतियाबिंद ऑपरेशन बंद होने के कारण डॉ. सेंगर को अवैध ऑपरेशन कर मोटा मुनाफा कमाने का मौका मिल गया है। अब वे जल्द से जल्द लाइसेंस लेने के लिए सीएमएचओ के दफ्तर में घंटों बैठे रहते हैं,ताकि सीएमएचओ कलेक्टर को सब कुछ ठीक बता कर लाइसेंस दिलवा सके।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल…कब होगी कार्रवाई?
इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और जिला प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो जिले में अवैध ऑपरेशन से मरीजों की जान से खिलवाड़ होता रहेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है या फिर इस अनियमितता पर आंख मूंदे बैठा रहेगा?
