कोरिया/सोनहत@बीडीएम शिवम गौतम पर 5 लाख के लेन-देन का विवाद,जांच में नहीं दे सके सबूत…लेनदेन को बताया कर्जःसूत्र

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-रवि सिंह-
कोरिया/सोनहत,24 मार्च 2025 (घटती-घटना)। रिश्वतखोर बीडीएम पर कार्यवाही तो नहीं हो रही है,जांच जरूर शुरू हो गई है पर जांच में जो बयान वह दे रहे हैं वह भी काफी चौंकाने वाले बयान है सूत्रों ने बताया कि मामले में खुद बीडीएम शिवम गौतम ने कहा कि वह पैसा उधार दिए थे जो वह ले रहे थे पर जो उनकी ऑडियो वायरल हुई थी उसमें वह तो 65 प्रतिशत रिश्वत उगाही कर रहे थे पर कहीं पर भी उनके पास ऐसी रिकॉर्डिंग नहीं है जिसमें वह उधारी दिए हो ऐसी कोई बात सुनाई दी हो,और आखिर एक संविदा कर्मचारियों के पास 5 लाख नगद कहां से आया जो वह उधारी दे दिया? रिश्वतखोरी के पैसे को उधारी के पैसे साबित करने में जुटा है रिश्वतखोर बीडीएम क्या सच को दबा पाएगा या फिर सच को दबाने के लिए शिकायतकर्ता के घर के चक्कर काट कर उस पर दबाव बनाकर उससे यह लिखवा पाएगा कि वह पैसा उसे वह उधार ही दिया था? तमाम तरीके का प्रयास चल रहा है अपने बचाव के लिए पूरा मौका उसे मिल रहा है और वह उस मौके को भुनाने में लगा हुआ है अब देखना यह है कि आखिर कितना लंबा मौका मिलता है? जिससे वह रिश्वतखोरी के मामले में बच निकलता है? जहां पर तत्काल उसपर कार्यवाही करके उसे पद से पृथक करना था वहां आज तक सिर्फ जांच टीम गठित करने व जांच होने तक ही सीमित है मामला। वहीं विभागी जानकारों का कहना है कि एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के बीडीएम (बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर) शिवम गौतम पर 5 लाख रुपये के कैश लेन-देन को लेकर सवालों की बौछार हो रही है। जांच समिति के सामने पेश होकर उन्होंने सफाई दी कि उन्होंने यह रकम उधार दी थी और ऑनलाइन वापस ली,लेकिन जब उनसे डिजिटल ट्रांजेक्शन के प्रमाण मांगे गए तो वह कोई भी सबूत प्रस्तुत नहीं कर सके।
डिजिटल ट्रांजेक्शन का कोई प्रमाण नहीं
शिवम गौतम के दावे को लेकर संदेह तब और गहरा गया जब वह जांच समिति के सामने कोई बैंक स्टेटमेंट,ऑनलाइन ट्रांसफर रसीद या अन्य कोई डिजिटल प्रमाण नहीं दिखा पाए। यह सवाल खड़ा हो गया है कि अगर उन्होंने सच में पैसा ऑनलाइन वापस लिया था तो उसके सबूत कहां हैं?
पीडि़त पर दबाव बनाने का आरोप
मामला तब और पेचीदा हो गया जब शिवम गौतम के पिता और बहन पीडि़त के पास पहुंचे और उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। इतना ही नहीं,वे अपने साथ एक पहले से तैयार एफिडेविट भी लेकर आए,जिसमें लिखा था कि पीडि़त ने शिवम गौतम से उधार राशि ली थी। इससे यह संदेह और गहरा हो गया कि कहीं यह जबरन दस्तावेज बनवाने की कोशिश तो नहीं थी।
सबसे बड़ा सवाल:5 लाख रुपये कैश कहां से आए?
अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि शिवम गौतम के पास इतनी बड़ी रकम नकद कहां से आई? क्या यह उनकी आय के अनुरूप थी या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छुपी है? जांच समिति इस पहलू की भी गहनता से जांच कर रही है।
13 सीएचओ ने दर्ज कराया बयान,लेकिन कार्रवाई पर सवाल
शुक्रवार को 13 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी जांच समिति के सामने अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। वे अब अपने बैंक स्टेटमेंट के साथ दोबारा पेश होंगे। दूसरी ओर, आम जनता के बीच इस बात को लेकर गहरी चर्चा है कि इतनी बड़ी राशि के लेन-देन के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्यवाही क्यों नहीं हुई है। अब देखना यह होगा कि जांच समिति इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या शिवम गौतम अपने दावों को सही साबित कर पाते हैं या नहीं। फिलहाल, इस पूरे विवाद ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौतम परिवार के स्वास्थ्य विभाग से तालुकात का वंश वृक्ष-
1.श्रीनिवास गौतम-लिपिक मलेरिया विभाग बैकुंठपुर (सेवा निवृत)
2. तुला प्रसाद गौतम-लैब टेक्निशियन सोनहत (सेवा निवृत)
3. शीतला प्रसाद गौतम – स्वास्थ्य कार्यकर्ता गिरजापुर (सेवा निवृत)
4. राम प्रपन गौतम-सेक्टर सुपरवाइजर बैकुंठपुर (सेवा निवृत)
5. दया शंकर गौतम-खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी पटना (सेवा निवृत)
6. अखिलेश गौतम-स्वास्थ्य कार्यकर्ता सारभोका (मृत)
7. राममिलन गौतम-स्वास्थ्य कार्यकर्ता (नौकरी छोड़ दिए)
8. राम प्यारे गौतम-नेत्र सहायक अधिकारी जिला अस्पताल बैकुंठपुर
9. श्रीमती शारदा गौतम-एक्स रे टेक्निशियन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना
10. राम सखा गौतम-नेत्र सहायक अधिकारी रायपुर
11. गणेश कुमार गौतम-नेत्र सहायक अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगर
12. सुभाष प्रसाद गौतम- एनएमए जिला अस्पताल बैकुंठपुर
13. प्रशांत कुमार गौतम- स्वास्थ्य कार्यकर्ता उप स्वास्थ्य केन्द्र पुटा
14. जय प्रकाश गौतम-स्वास्थ्य कार्यकता काटगोड़ी सोनहत
15. अनुराग कुमार गौतम स्वास्थ्य कार्यकता खरवत
16. नागेन्द्र प्रसाद गौतम-ड्रेसर जिला अस्पताल बैकुंठपुर
17. शिवम गौतम-ब्लॉक डाटा मैनेजर सोनहत
18. शुभम गौतम-ड्रेसर जीवन दीप समिति कर्मचारी जिला अस्पताल बैकुंठपुर कोरिया
19. खुशबू गौतम-जिला सूरजपुर में कार्य की है भर्ती गलत होने के कारण सेवा समाप्त हो गया था…कोविड 19 में माइक्रो बायोलॉजिस्ट त्रुनात लैब कंचनपुर बैकुंठपुर कोरिया में पदस्थ थी (सेवा समाप्त)
20. अभय गौतम-जीवन दीप समिति कर्मचारी जिला अस्पताल बैकुंठपुर कोरिया
21. रीना गौतम-ऑपरेटर जिला अस्पताल बैकुंठपुर
सूत्रों से मिली है जानकारी है दैनिक घटती-घटना पुष्टि नहीं करता है


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