कोरिया/सोनहत@तेरी नौकरी चली जाएगी जिस तरह से तेरा परफॉर्मेंस है ना…बीएमओ साहब को अभी तक कुछ नहीं बताया…सिआर जो भरा जाता है ना उसके बेस में तेरा नौकरी कब का चला गया होता:घूसखोर बीडीएम

Share

-रवि सिंह-
कोरिया/सोनहत,20 मार्च 2025 (घटती-घटना)। सामुदायिक डाटा प्रबंधक जो दूसरे की नौकरी खाने की बात कर रहा था आज जब उसी की घूसखोरी की बात वायरल ऑडियो से जाहिर हो रही है तब क्यों उसके ऊपर कार्यवाही नहीं हो रही है? जो सामुदायिक डाटा प्रबंधक सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीएमओ के नाम से रिश्वत की मांग कर रहा था बीएमओ नाम से कर्मचारी को डरा रहा रहा आज उसकी नौकरी खतरे में है, एक स्वास्थ्य विभाग के ही कर्मचारी से रिश्वत की मांग कर उसकी नौकरी खाने की बात कर रहा था आज जब उसका तथाकथित ऑडियो वायरल हुआ है और बात स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य सचिव तक पहुंची है तो देखना है कि अब कितनी जल्द कार्यवाही होती है?
बता दें कि मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनहत के समुदायिक डाटा प्रबंधक से जुड़ा हुआ है जो स्वास्थ्य विभाग में जमकर वसूली कर रहा है और जिसे वसूली का खौफ भी नहीं है। वैसे बता दें कि उक्त सामुदायिक डाटा प्रबंधक के पिता सहित कई अन्य पारिवारिक सदस्य स्वास्थ्य विभाग में ही पदस्थ हैं और वह किसकी कृपा से नौकरी पाते चले गए यह भी जांच का विषय है। आज जब एक कर्मचारी से रिश्वत की बात सामने आई है तब मामला खुल रहा है कि किस तरह स्वास्थ्य विभाग में खुलेआम वसूली का खेल चल रहा है। ऑडियो वायरल करने वाला भी स्वास्थ्य विभाग का ही कर्मचारी है जिसने ऑडियो जारी कर शिकायत करी है और कार्यवाही की मांग की है।
पूरा परिवार स्वास्थ्य विभाग में कर रहा नौकरी…क्या नौकरी भी जुगाड़ से मिली है या फिर सही में यह पात्र थे…
जिस सामुदायिक डाटा प्रबंधक सोनहत के ऊपर रिश्वतखोरी का आरोप लगा है उसका पूरा परिवार स्वास्थ्य विभाग में नौकरी कर रहा है। अब यह संयोग है योग्यता वाला या फिर जुगाड से सभी नौकरी पाए हुए हैं यह भी अब जांच का विषय है। सभी परिवार के सदस्य नौकरी के लिए पात्र थे कि नहीं यह जांच आवश्यक है।
पहले सिर्फ पिता थे स्वास्थ्य विभाग में अब दो बेटे सहित एक बेटी भी स्वास्थ्य विभाग में दे रही सेवा
सूत्रों का कहना है की सामुदायिक डाटा प्रबंधक सोनहत के पिता ही पहले मात्र स्वास्थ्य विभाग में नौकरी में थे अब दो बेटों सहित एक बेटी भी स्वास्थ्य विभाग में सेवा दे रही है। क्या यह मात्र संयोग है या जुगाड इसकी जांच भी जरूरी है। विगत वर्षों में स्वास्थ्य विभाग में फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी की कई शिकायत सामने आ चुकी है।
रिश्वतखोरी की प्रदेश स्तर तक बात पहुंचाने के बाद भी जांच व कार्यवाही कछुए की चाल में क्यों?
सामुदायिक डाटा प्रबंधक सोनहत की रिश्वतखोरी की बात प्रदेश स्तर तक पहुंच चुकी है लेकिन जांच कछुए की चाल से चल रही है। अब ऐसा क्यों है यह भी सोचने वाली बात है। जब सरकार रिश्वत मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है तो सोनहत के बीडीएम साहब पर क्यों मेहरबानी उन्हें भी तत्काल कार्यवाही की जद में क्यों नहीं ले रहा विभाग।
एक संविदा कर्मी जब इतना रिश्वत लेता है तो फिर उसका अधिकारी कितना रिश्वत लेता होगा?
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारी है उक्त बीडीएम जिसकी रिश्वतख़ोरी की ऑडियो वायरल हुई है,अब इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग में एक संविदा कर्मचारी जब इतना रिश्वत मांग रहा है तो अधिकारियों का हिस्सा क्या होता होगा।
स्वास्थ्य विभाग में गहराया विवाद,कर्मचारियों में रोष
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भारी आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के स्थापना शाखा से जुड़े कुछ पुराने अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रभाव इतना अधिक है कि वे अपने करीबी लोगों को महत्वपूर्ण जांच समितियों में जगह दिलवा देते हैं। इससे निष्पक्ष जांच की उम्मीद खत्म हो जाती है और मामलों को रफा-दफा कर दिया जाता है।
कर्मचारी संघ ने की जांच समिति
में बदलाव की मांग

छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने कलेक्टर कोरिया और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि समिति में निष्पक्ष और स्वतंत्र अधिकारियों को शामिल किया जाए,ताकि रिश्वतखोरी के इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।
क्या होगा अगला कदम?
स्वास्थ्य विभाग में इस मामले को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं। अब देखना होगा कि क्या उच्च अधिकारी कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान देते हैं या फिर जांच समिति को लेकर उठ रहे सवालों के बावजूद उसी रूप में जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। कर्मचारी संघ ने संकेत दिए हैं कि अगर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं हुई,तो वे आगे विरोध प्रदर्शन का रुख अपना सकते हैं।
रिश्वतखोर सामुदायिक डाटा प्रबंधक पर किसकी मेहरबानी?
सोनहत के रिश्वतखोर सामुदायिक डाटा प्रबंधक पर किसकी मेहरबानी है यह बड़ा सवाल है। किसकी छत्रछाया में वह खुलेआम पैसे की मांग फोन पर कर रहा है और किसी का सीआर ही खराब करने की बात कर रहा है सीआर खराब करने की धमकी देकर वसूली का यह खेल क्या लगातार चल रहा है? यह भी जांच का विषय है अब क्या इस विषय में जांच कर कार्यवाही होगी? क्या बीडीएम को इस मामले में दंडित किया जाएगा देखने वाली बात होगी।
यह है मामला…
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनहत में कार्यरत एक सीएचओ ने विकास खंड प्रबंधक डाटा शिवम गौतम पर 84 हजार रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता सत्यदीप भगत ने कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक और एंटी करप्शन ब्यूरो को लिखित शिकायत दी है, जिसमें उन्होंने रिश्वत न देने पर वेतन रोकने और नौकरी से निकालने की धमकी देने की बात कही है। सारे प्रामाणिक दस्तावेज के साथ खाते में पैसे का लेनदेन सहित कई तथ्य होने के बावजूद कोरिया के सीएमएचओ साहब अभी तक कोई कार्यवाही नहीं कर पाए, यहां तक की इस मामले के लिए जांच टीम भी गठित नहीं कर पाए, जिसे लेकर दैनिक घटती घटना ने बड़ी प्रमुखता के साथ 19 मार्च को खबर प्रकाशित किया था जिसके बाद 18 मार्च के डेट पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच टीम गठित की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनहत में विकासखंड डाटा प्रबंधक (संविदा) शिवम गौतम पर लगे रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा गठित जांच समिति पर सवाल उठने लगे हैं। समिति में शामिल कुछ सदस्यों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से जमे राकेश सिंह (प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन, संविदा) और राकेश महिलांगे (सहायक ग्रेड-03) को जांच समिति में शामिल किए जाने पर कर्मचारियों ने कड़ी आपत्तीजताई है। आरोप है कि दोनों अधिकारियों के आरोपी से घनिष्ठ संबंध हैं, जिससे निष्पक्ष जांच पर संदेह जताया जा रहा है। कर्मचारियों का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच करानी है, तो समिति में ऐसे अधिकारियों को शामिल किया जाना चाहिए जिनका आरोपी से कोई संबंध न हो।


Share

Check Also

रायपुर@ भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर डॉ महंत ने गडकरी को लिखी चिट्ठी

Share ्र> सीबीआई जांच की मांग भी की… परियोजना में करोड़ों के भ्रष्टाचार का लगाया …

Leave a Reply