भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मोर्चा संभालते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना

रायपुर,20 मार्च 2025। विधानसभा में गुरुवार को विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अलग-अलग मुद्दों पर सरकार के खिलाफ तीखा हमला किया, तो वहीं दूसरी ओर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मोर्चा संभालते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब छाीसगढ़ में किसी भी आदमी को नग्न प्रदर्शन नहीं करना पड़ेगा।
विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा के फायरब्रांड विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि छाीसगढ़ की जीडीपी राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। जीएसडीपी को दोगुना करने का सरकार का लक्ष्य है. पिछली सरकार पांच साल में बेरोजगारी की परिभाषा तय नहीं कर पाई थी। प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 62 हज़ार रुपए हुई है। राजस्व वृद्धि 13.8 फीसदी अनुमानित है, जो पिछली सरकार की तुलना में ज्यादा है। 2023-24 में सकल घरेलू उत्पाद में 9.7 फीसदी की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या घनत्व के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान दिए जाने की जरूरत है. सामाजिक सुरक्षा, पेंशन पर ध्यान दिया जाना है। विभागों में बजट में वृद्धि की गई है. बजट प्रबंधन में छाीसगढ़ को दिल्ली से 4 हज़ार 400 करोड़ रुपए का इंसेंटिव दिया गया है। 5.62 लाख भूमिहीन लोगों को दस हज़ार रुपए वार्षिक की राशि दी जाएगी. पहली किस्त दे दी गई है। मेरा दल,मेरे नेता बेसब्री से इतंजार कर रहे हैं कि भारतमाला प्रोजेक्ट में वह कोर्ट कब जाएँगे?
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने इस पर कहा कि हम कोर्ट भी जाएँगे। प्रधानमंत्री को भी चिट्ठी लिखेंगे. अब तक मैंने ये नहीं कहा है कि आपके परिवार का नाम भी आ रहा है। अजय चंद्राकर ने कहा कि छाीसगढ़ में किसी आदमी को अब नग्न प्रदर्शन नहीं करना पड़ेगा। लोगों का जीवन सुगम नहीं था. अब ये बजट लोगों के जीवन को सुगम करेगा, इसलिए ही सरकार सुशासन एवं अभिसरण नाम का 58 वाँ विभाग बनाया गया है. हम बजट लेंगे,क्योंकि जनता का जनादेश हमारे पास है। नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना शुरू की गई थी,लेकिन एक रुपए भी बजट का प्रावधान नहीं किया गया था. केंद्रीय फण्ड से एक हज़ार करोड़ रुपए डायवर्ट किए गए थे।
इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले बजट में ही 50 फीसदी से भी कम खर्च किया गया है। आपको बजट क्यों चाहिए? इस साल बजट का आकार बस बढ़ गया है। इस बजट पर न मंत्रियों को विश्वास है और न ही अधिकारियों को. क्यूंकि ये बजट सिर्फ आकार बढ़ाने वाला है. खर्च तो होगा नहीं। कई योजनाओं को बंद कर दिया गया है। सरकार को आखç¸र बजट क्यों दिया जाए। जब कुछ करना नहीं है।
उन्होंने कहा कि कचरू साहू के मामले में कह दिया गया कि आत्महत्या नहीं है। जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर दोबारा पोस्टमार्टम हुई तब स्पष्ट हुआ कि हत्या है। दोषी एसपी पर क्या कार्रवाई हुई? देश के इतिहास में पहली बार कलेक्ट्रेट-एसपी कार्यालय जला दिया गया। कलेक्ट्रेट जलने के बाद दो दिनों तक मलबा हटाने वाले मजदूर की ही गिरफ्तारी कर दी गई। ये कहते हुए कि उसका मोबाइल लोकेशन घटना स्थल पर मिल रहा है। जब कलेक्ट्रेट-एसपी कार्यालय जला दिया जा रहा है तो फिर सरकार को किस बात के लिए पैसा दिया जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में विकास का एक काम भी नहीं हुआ है। विधायक तरस गए हैं कि उनके इलाक¸ों में कम से कम एक ईट तो रख दी जाए। मुख्यमंत्री के शपथ लेने के पहले ही जंगल काटना शुरू हो गया। ये कौन सी अदृश्य शक्ति है। कोयले को लेकर हम पर 25 रुपए लेने का आरोप लगाया। सरकार में आ गए हैं. एक व्यक्ति के खिलाफ़ कार्रवाई नहीं हुई। अब बाजार में चर्चा है कि 50 रुपए लिया जा रहा है।
उन्होंने अपना हमला जारी रखते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में स्थिति क्या है? 40 लाख मीट्रिक टन धान की बाज़ार में नीलामी की जा रही है। जब 3100 रुपए देने का फ़ैसला लिया गया है तो भारत सरकार की जि़म्मेदारी है कि पूरा चावल ले। हमारी सरकार में वक्त नियम कुछ और था और आज नियम बदल दिया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सदन में महानदी जल विवाद पर चर्चा हुई थी। महानदी जोड़ने की बात ओडिशा सरकार की आपçा की वजह से धरी की धरी रह गई। अब तो ओडिशा में भाजपा की सरकार है और दिल्ली में भी भाजपा की सरकार है। ऐसे में अब इस विवाद को समाप्त कर लिया जाना चाहिए। यदि नहीं कर पाए तो ये आपकी नाकाबिलियत है। भूपेश बघेल ने कहा कि धान के मुद्दे पर हम आपसे साथ प्रधानमंत्री के पास चलेंगे। पूरा सदन चलेगा। 40 लाख मीट्रिक टन चावल बाजार में बेचने से साढ़े तीन हज़ार करोड़ रुपए का नुक¸सान होगा। यदि आज आप लड़ेंगे तो आगे नतीजे आयेंगे। दलगत भावना से ऊपर उठकर हम काम करेंगे।
सदन में उठा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में अनियमितता का मामला
विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक संदीप साहू और कुंवर सिंह निषाद ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में अनियमितता का मामला उठाया। विधायकों ने योजना के नाम पर जमकर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की। विधायक संदीप साहू ने कहा कि बालोद में एक जगह 16 जोड़ों के विवाह में 33 लाख रुपये खर्च हुए,जबकि नियम के मुताबिक एक जोड़े पर 50 हजार खर्च होना है। इस तरह से 8 लाख खर्च होना चाहिए। वहीं कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि अलग-अलग जगहों पर शादी में नियमों के बजाय अलग-अलग खर्चे हैं. 53 लाख रुपए की गड़बड़ी की गई है। इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब देते हुए कहा कि 50 हजार रुपए एक जोड़े पर शादी का खर्च है। पूरी पारदर्शिता से शादी का आयोजन कराया जा रहा है।
भाजपा विधायक ने उठाया पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना में गड़बड़ी का मुद्दा
विधानसभा में गुरुवार को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना में गड़बड़ी का मामला उठा। भाजपा विधायक भावना बोहरा ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि कोविड काल में केंद्र ने प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल दिया था, लेकिन फिर भी लोगों को अनाज नहीं मिला था। इसके साथ विधायक ने जांच की मांग की।