- सरगुजा के अस्पतालों में आगजनी से बचाव को लेकर फायर एंड सेफ्टी विभाग ने जांच की,जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ
- सरगुजा के अस्पतालों में फायर सेफ्टी
अंबिकापुर,19 मार्च 2025 (घटती-घटना)। फॉयर एंड सेफ्टी विभाग के स्टेशन प्रभारी अंजनी तिवारी ने बताया कि सरगुजा के अस्पतालों और नर्सिंग होम में फायर सेफ्टी को लेकर जांच की गई. इस जांच के लिए तीन अलग अलग विभाग की टीम बनाई। इस दौरान पूरे जिले के 48 अस्पताल व नर्सिंग होम में टीम पहुंची और आगजनी से बचाव के लिए अपनाने वाले उपायों के बारे में जानकारी ली गई. लेकिन ज्यादातर अस्पतालों में सुरक्षा उपाय नाकाफी मिले।
दरअसल गर्मी के दिनों में बिजली का लोड बढ़ने के बाद शॉर्ट सर्किट से आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती है। सरगुजा में गर्मी शुरू होने से पहले अस्पतालों और नर्सिंग होम की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम बनाई गई। जिसमें फायर एंड सेफ्टी विभाग के अलावा स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग से एक एक सदस्य को रखा गया। जिले के सभी 48 अस्पताल व नर्सिंग होम की जांच की गई। इस जांच में टीम को 37 संस्थानों में फायर सेफ्टी को लेकर गड़बड़ी मिली। जिसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है।
सरगुजा के अस्पतालों में
फायर सेफ्टी का सच
जिला अस्पताल में अग्निशमक यंत्रों की संख्या जरूर बढ़ाई गई लेकिन संतोष जनक स्थिति नहीं है। कई कमिया हैं। अस्पताल को बढ़ाया जा रहा है उस हिसाब से अग्निशमक यंत्र नहीं है- अंजनी तिवारी,स्टेशन प्रभारी,फायर एंड सेफ्टी विभाग स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ पुष्पेन्द्र राम ने बताया कि नर्सिंग होम एक्ट शाखा की बैठक में इस दिशा में निर्देश जारी किये हैं। क्योंकि गर्मी आ चुकी है और इलेक्टि्रसिटी का लोड बढ़ने से शॉर्ट सर्किट से आगजनी हो सकती है। सभी को तुरंत व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए है। निर्देश देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर एक्शन लिया जाएगा।
सरगुजा मुख्य चिकित्सा
एवं स्वास्थ्य अधिकारी
आपातकालीन सेवा से मामला जुड़ा होने के कारण यदि निर्देश देने के बाद भी लापरवाही मिलती है तो इसमें कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ पुष्पेन्द्र राम,जिला कार्यक्रम प्रबंधक,स्वास्थ्य विभाग
अग्नि शमन विभाग ने जांच के बाद जो रिपोर्ट तैयार किया है उसकी लंबी लिस्ट है। क्योंकि उसमे जिले के सभी 48 संस्थानों की सूची है। लेकिन इस रिपोर्ट में बड़ी बात ये है कि निजी अस्पताल के अलावा कुछ छोटे सरकारी अस्पताल सहित मेडिकल कॉलेज अस्पताल तक में फायर सेफ्टी के पालन में कमियां मिली है। अब देखना होगा की समय रहते व्यवस्था में सुधार किया जाता है या नहीं।
सरगुजा के अस्पतालों में फायर सेफ्टी
जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी की हालत खराब-स्टेशन प्रभारी अंजनी तिवारी ने बताया कि 48 अस्पताल व नर्सिंग होम की जांच में एक अस्पताल में कार्य प्रगति पर मिला। 10 में फायर सेफ्टी के नियम संतोष जनक मिले,बाकी के सभी 37 संस्थानों में गड़बड़ी देखने को मिली। उन्होंने बताया “किसी के पास एनओसी नहीं है,कहीं सीढ़ी सकरी है,कहीं फायर एग्जिट नहीं है तो कहीं गैस एक्सपायर थी,कहीं बिल्डिंग ही सकरी गली में है,जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच सकती है। जांच के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।