- रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच पर उठे सवाल,समिति गठन में स्वास्थ्य विभाग में नाराजगी
- विकास खंड प्रबंधक पर 84 हजार रुपये रिश्वत मांगने के मामले जांच टीम घठित
-रवि सिंह-
कोरिया/सोनहत,19 मार्च 2025 (घटती-घटना)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनहत में कार्यरत एक सीएचओ ने विकास खंड प्रबंधक डाटा शिवम गौतम पर 84 हजार रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता सत्यदीप भगत ने कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक और एंटी करप्शन यूरो को लिखित शिकायत दी है, जिसमें उन्होंने रिश्वत न देने पर वेतन रोकने और नौकरी से निकालने की धमकी देने की बात कही है। सारे प्रामाणिक दस्तावेज के साथ खाते में पैसे का लेनदेन सहित कई तथ्य होने के बावजूद कोरिया के सीएमएचओ साहब अभी तक कोई कार्यवाही नहीं कर पाए, यहां तक की इस मामले के लिए जांच टीम भी गठित नहीं कर पाए, जिसे लेकर दैनिक घटती-घटना ने बड़ी प्रमुखता के साथ 19 मार्च को खबर प्रकाशित किया था जिसके बाद 18 मार्च के डेट पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच टीम गठित की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनहत में विकासखंड डाटा प्रबंधक (संविदा) शिवम गौतम पर लगे रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा गठित जांच समिति पर सवाल उठने लगे हैं। समिति में शामिल कुछ सदस्यों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से जमे राकेश सिंह (प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन, संविदा) और राकेश महिलांगे (सहायक ग्रेड-03) को जांच समिति में शामिल किए जाने पर कर्मचारियों ने कड़ी आपçा जताई है। आरोप है कि दोनों अधिकारियों के आरोपी से घनिष्ठ संबंध हैं,जिससे निष्पक्ष जांच पर संदेह जताया जा रहा है। कर्मचारियों का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच करानी है, तो समिति में ऐसे अधिकारियों को शामिल किया जाना चाहिए जिनका आरोपी से कोई संबंध न हो।
स्वास्थ्य विभाग में गहराया विवाद,कर्मचारियों में रोष
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भारी आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के स्थापना शाखा से जुड़े कुछ पुराने अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रभाव इतना अधिक है कि वे अपने करीबी लोगों को महत्वपूर्ण जांच समितियों में जगह दिलवा देते हैं। इससे निष्पक्ष जांच की उम्मीद खत्म हो जाती है और मामलों को रफा-दफा कर दिया जाता है।
कर्मचारी संघ ने की जांच समिति में बदलाव की मांग
छाीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने कलेक्टर कोरिया और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि समिति में निष्पक्ष और स्वतंत्र अधिकारियों को शामिल किया जाए, ताकि रिश्वतखोरी के इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।
क्या होगा अगला कदम?
स्वास्थ्य विभाग में इस मामले को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं। अब देखना होगा कि क्या उच्च अधिकारी कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान देते हैं या फिर जांच समिति को लेकर उठ रहे सवालों के बावजूद उसी रूप में जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। कर्मचारी संघ ने संकेत दिए हैं कि अगर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं हुई, तो वे आगे विरोध प्रदर्शन का रुख अपना सकते हैं।