मनेन्द्रगढ़ 18 मार्च 2025 (घटती-घटना)। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है, ये पंक्तियाँ गुरशीत कौर खनूजा, जो छत्तीसगढ़ के मनेद्रगढ़ की रहने वाली हैंउन पर पूरी तरह खरी उतरती हैं, गुरशीत एक उत्कृष्ट संगीतज्ञ और कलाकार के रूप में उभर कर सामने आई हैं। उन्होंने बचपन से ही संगीत में रुचि दिखाई और इसी कारण उन्होंने संगीत को अपने करियर का हिस्सा चुना। जिले एवं राज्य स्तर की कई प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उनके संगीत क्षेत्र में योगदान के कारण केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा उन्हें पुरस्कृत भी किया गया।
गुरशीत ने अपनी संगीत शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से एम.ए. की डिग्री प्राप्त की और फिर पीएच.डी. के लिए मुंबई का रुख किया। मुंबई में रहकर उन्होंने संगीत के क्षेत्र में और अधिक गहरी समझ विकसित की। वर्तमान में, गुरशीत खनूजा दूरदर्शन के लोकप्रिय कार्यक्रम “सिंफनी आफ इंडिया – भारत की गूंज” में अपनी प्रस्तुतियाँ दे रही हैं। इस कार्यक्रम में भारत के लोकगीतों और पारंपरिक गीतों को विशेष स्थान दिया गया है, और यह कार्यक्रम हर दिन शाम 6 से 7 बजे प्रसारित होता है, जिसका पुनः प्रसारण रात 11:00 बजे से 12:00 बजे तक होता है। इस कार्यक्रम में नए और अनूठे गीतों को प्रस्तुत किया जा रहा है, और गुरशीत खनूजा अपने शानदार संगीत और प्रस्तुतियों के द्वारा अपने शहर का नाम रोशन कर रही हैं। गुरशीत की यह सफलता उनके समर्पण और मेहनत का प्रतीक है, और यह अन्य कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
