लखनपुर,18 मार्च 2025 (घटती-घटना)। सरगुजा जिले का नगर पंचायत लखनपुर इन दिनों चर्चा में है। पीआईसी सदस्यों के गठन पश्चात प्रथम बैठक को लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी के ऊपर नियमों के अनदेखी का आरोप पार्षदों के द्वारा लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि नगर पंचायत अध्यक्ष के द्वारा पी आई सी में नगर पंचायत उपाध्यक्ष और पार्षद मिलाकर कुल पांच सदस्यों का गठन किया गया जिसका प्रथम बैठक 11 मार्च को किया गया लेकिन मुख्य नगर पालिका अधिकारी विद्यासागर चौधरी के द्वारा पांच पीआईसी सदस्यों के अलावा चार अन्य पार्षदों को पीआईसी सदस्यों में शामिल कर पत्र जारी कर प्रथम बैठक हेतु आमंत्रित किया गया था। जो जन चर्चा का विषय बना हुआ है वहीं पार्षदों ने आरोप लगाया है की मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा मनमानी तरीके से नियमों को ताक पर रखकर पीआईसी सदस्य बनाकर बैठक हेतु आमंत्रित किया गया था। मुख नगर पालिका अधिकारी के मनमानी रवैया से आमंत्रित पीआई सी सदस्य अपमानित महसूस कर रहे थे। वही मनमानी तरीके से कार्य करने का मुख्य नगर पालिका अधिकारी विद्या सागर चौधरी पर आरोप लगाया है।जबकि नियमानुसार धारा 70 के तहत नगर पंचायत उपाध्यक्ष महिला वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति पार्षद, मिलाकर कुल 5 सदस्यों का गठन किया जाता है। कहीं ना कहीं नगर पंचायत कार्यालय लखनपुर शासन के नियमों से नहीं बल्कि अपने ही नियमों से संचालन होता नजर आ रहा है।
पार्षद पूनम राकेश साहू ने कहा अपमानित महसूस कर रहे…
लखनपुर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 9 से पार्षद पूनम राकेश साहू ने कहा आरोप लगाया है। कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा नियमविरुद्ध तरीके से नियमों को ताक पर रखकर नगर पंचायत लखनपुर में पीआईसी के 9 सदस्य बनाया गया है जबकि धारा 70 के तहत 5 सदस्यो का ही गठन किया जाता है। जबकि 4 अन्य सदस्य जो बनाए गए कही न कही अपने आप में अपमानित महसूस कर रहे हैं। पार्षद पूनम राकेश साहू ने बैठक का बहिष्कार किया है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी विद्यासागर चौधरी
मुख्य नगर पालिका अधिकारी विद्यासागर चौधरी ने इस संबंध पूछा गया तो उनके द्वारा कहा गया कि नगर पालिका नियम 1961 की धारा 70 के तहत नगर पंचायत अध्यक्ष के द्वारा पीआईसी सदस्यों का गठन किया जाता है। पीआईसी के 9 सदस्यों को प्रथम बैठक में आमंत्रित किया गया था।
वहीं पार्षदों के द्वारा जो आरोप लगाया जा रहा है वह निराधार है।
