रायपुर@ उप मुख्यमंत्री साव को विधायक राघवेंद्रसिंह के साथ नेता प्रतिपक्ष ने प्रश्नकाल में घेरा

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रायपुर,17 मार्च 2025 (ए)।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव को विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह के साथ नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने घेरा। विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने लोक निर्माण विभाग संभाग बिलासपुर द्वारा वार्षिक मरम्मत विद्युतीकरण पर व्यय राशि का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भवन और स्थानों की जानकारी मांगी थी, लेकिन सिर्फ सेक्शन की जानकारी दी गई है। कितने एग्रीमेंटेड ओर कितने गैर एग्रीमेंटेड उद्योग कराए गए है?
इस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि 2016-से 2024 की अवधि में 9156 स्थानों के कार्य कराए गए है। दो-तीन कार्यों का बिल ठेकेदार एक ही बार में ले लेता है, इसलिए इसकी इंट्री माप पुस्तिका में होती है। उन्होंने बताया कि कुल इस अवधि में 596 अनुबंधित और 16705 गैर अनुबंधित कार्यों के लिए 32 करोड़ 3 लाख का भुगतान किया गया है।
विधायक राघवेंद्र सिंह ने सवाल किया कि क्या जब भुगतान करते है तो क्या स्थान का नाम उल्लेखित करना अनिवार्य है कि नहीं। इस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि देयक के स्थान का उल्लेख नहीं होता माप पुस्तिका में होता है। इस पर विधायक ने सवाल किया कि आप के ही डिपार्टमेंट से एक नोटिस इशू किया जाता है कि अगर भवनों ओर स्थानों का नाम नहीं दिया जाता तो सभी देयकों को फर्जी माना जाएगा। किन-किन भवनों में क्या-क्या काम संचालित हुआ है, इसकी जानकारी दी जाए। लगभग 100 करोड़ का मामला है. एक भी जानकारी प्रदान नहीं की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि अगर किसी सब डिवीजन के बारे में कंप्लेंट है, तो जानकारी दे दें। उस पर जांच कराई जाएगी. इस पर विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि कितनी शिकायतें आई है। उस पर क्या एक्शन लिया गया है। वह सवाल भी हटा दिया गया है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने सवाल किया कि आपने 100 करोड़ का भुगतान कैसे कर दिया। फिर आप लोगों के गाइड लाइन ही क्यों जारी की है। इसकी क्या जरूरत पड़ गई? इस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि शासकीय राशि का दुरुपयोग ना हो, इसके लिए अधिकारी समय-समय पर जानकारी देते रहते है। आपके नॉलेज के अगर कोई ऐसी कम्पलेंट है, तो आप उपलब्ध कराए कार्यवाही निश्चित ही की जाएगी।
इस पर अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि इस प्रश्न का उत्तर लंबा है। डेढ़ हजार पन्नों का उत्तर प्रश्न काल में पूरा नहीं दिया जा सकता, इसलिए इससे कम से कम शब्दों में जवाब देने को कोशिश करें,ताकि उत्तर समय से आ जाए। इस पर विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि मैने जो प्रश्न पूछा उसका जवाब ही नहीं आया। मैने स्थान की बात की है, लेकिन सेक्शन की जानकारी दे दी जा रही है। भाजपा विधायक धरम लाल कौशिक ने कहा कि भवन बना ही नहीं होगा पिछले सरकार के कार्यकाल में ऐसा ही हुआ है। इस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि 1500 पृष्ठों की जानकारी है, और भी जानकारी चाहिए तो उपलब्ध करा देंगे।
विधानसभा में भारतमाला परियोजना की ईओडब्ल्यू से जांच का मुद्दा गरमाया, नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान भारतमाला परियोजना में गड़बड़ी की जांच का मामला गरमाया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि ईओडब्ल्यू(आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) से जांच कराने की बात सदन में ही कि जाती तो ज्यादा अच्छा रहता. इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजस्व मंत्री को सदन में वक्तव्य देने के निर्देश दिए।नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि जब उन्होंने इस परियोजना को लेकर पहले भी सवाल उठाया था, तब सरकार ने संभागीय आयुक्त से जांच कराने की बात कही थी, लेकिन बाद में कैबिनेट ने सीधे ईओडब्ल्यू जांच का निर्णय ले लिया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि अगर सदन में कोई मामला चल रहा था तो कोई निर्णय लेने से पहले सदन को सूचना देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को इस मामले में सदन में वक्तव्य देने के निर्देश दिए।
विधानसभा में जल जीवन मिशन के मुद्दे को लेकर हंगामा… भाजपा-कांग्रेस में तीखी नोकझोंक
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज सोमवार को जल जीवन मिशन का मुद्दा जोर-शोर से उठा। प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार से 2025 तक केंद्रांश के रूप में प्राप्त राशि का ब्योरा मांगा। इस पर भाजपा विधायकों ने कम राशि मिलने का ठीकरा पूर्ववर्ती सरकार पर फोड़ा, तो महंत ने पलटवार करते हुए कहा, कब तक पिछली सरकार का नाम लेकर बचते रहेंगे।
सड़क निर्माण में देरी पर घिरी सरकार
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सड़क निर्माण, मरम्मत कार्यों और सरकारी खर्चों को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। अभनपुर-पांडुका सड़क निर्माण की देरी पर राजिम विधायक रोहित साहू ने सवाल उठाया, जिस पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने सफाई दी। उन्होंने बताया कि यह सड़क 2023 में पूरी होनी थी, लेकिन मुआवजा भुगतान और यूटिलिटी शिफ्टिंग में देरी के कारण काम अटका हुआ है। डिप्टी सीएम ने कहा कि निर्माण कार्य में देरी के लिए जिम्मेदार ठेकेदार की भुगतान राशि रोकी गई है। यदि किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए।
धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग पर गरमाई बहस,जल्द बनेगा सख्त कानून
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग का मुद्दा जोरशोर से उठा। विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में विदेशी फंडिंग से हो रहे धर्मांतरण पर सवाल खड़े किए, जिस पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य में 153 संस्थाओं को विदेशी फंडिंग मिल रही है।धर्मांतरण पर सख्त रुख अपनाते हुए विधायक चंद्राकर ने विदेशी फंडिंग पर रोक लगाने के लिए ठोस व्यवस्था की मांग की। इस पर गृह मंत्री ने सदन में आश्वासन दिया कि जल्द ही इस विषय पर एक कड़ा कानून लाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में लागू होगा मीसाबंदी कानून, भविष्य में कोई सरकार नहीं बदल सकेगी फैसला
छत्तीसगढ़ में जल्द ही मीसाबंदी कानून लागू किया जाएगा। राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने इसके लिए छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक तैयार कर लिया है, जिसे पहले ही कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे विधानसभा में पेश कर कानून का रूप दिया जाएगा। इस कानून के तहत मीसाबंदियों को मिलने वाली सुविधाओं को समायोजित किया जाएगा। सबसे अहम बात यह है कि एक बार कानून बनने के बाद भविष्य में कोई भी सरकार इसे बदल नहीं सकेगी।


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