अंबिकापुर,07 मार्च 2025 (घटती-घटना)। सरस्वती महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में कार्यक्र का आयोजन किया गया जिसमें सर्व प्रथम कार्यक्र का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन कर किया गया। महिला दिवस पर संगोष्ठी का विषय नारी तेरे कितने रूप था जिस पर लगभग 15 विद्यार्थियों ने कविता स्वरचित लिखी और पाठ भी किया।
कार्यक्रम में अतिथि परिचय डॉ वी0पी0 तिवारी द्वारा किया गया वहीं कार्यक्रम के उद्देश्य पर संस्था का परिचय देते हुए स्त्री की महाा पर विचार रखते हुए महिला के अस्तित्व पर निर्भीकता से प्रकाश डालते हुए कहतीं है -एक स्त्री एक तारीख की मोहताज नहीं है, यह उस उत्सव की शक्ति है जो अपनी पहचान खुद गढ़ती है, यह सीता की तरह अग्नि परीक्षा देती है तो उर्मिला की तरह इंतजार करती है, मीरा की तरह विष पीने की ताकत है तो रुक्मणि की प्यार करती हैं व अहिल्या की तरह पत्थर बन सकती है तो पार्वती की तरह तपस्या भी।
आगे परिवार को माला में हर मोती की तरह संभालकर रखने का सन्देश देती हुई सभी का अभिनन्दन की।
डॉ पुष्पा सिंह प्रेरणा ने अपने अनुभव को कविता में बांधकर सभी को मीठी आवाज में बांध ली।
डॉ मीरा शुक्ला अपने वक्तव्य में अपनी संस्था की जानकारी देती हुई हिम्मत की बात की।
प्राचार्या मीरा साहू अपनी स्कूल के बच्चों के अनुभवों में बहकर भावुक होती हुई परिवार को सँस्कारित होने की बात करती है। डॉ खुशबू कुमारी तन और मन से स्वस्थ रहने की बात करती हुई अपने जीवन को अनुशासित रहने की प्रेरणा दी। बीच-बीच में प्रश्नों के माध्यम सभागार बांधे रखा।
कार्यक्रम में प्रथम स्थान में मोना भगत, द्वितीय स्थान जगदीश कुमार, तृतीय स्थान रामनिधि यादव, सामान्य पुरस्कार आँचल गुप्ता को पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। एक विशेष पुरस्कार कवान की डो मार्सल आर्ट में राष्ट्रीय स्तर पर विजेता रही आरना जैन को दिया गया।
कार्यक्र के अंत में पधारे सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ऋषि सिंह सहित महाविद्यालय का पुरा स्टॉफ, रंजना, समीक्षा शर्मा, अनुभा सिंह, ममता यादव, नीलिमा जायसवाल, उर्मिला यादव, आकस्मिता जैन, सरिता डाकलिया, नीलू बाला जैन, सुषमा जायसवाल हेमलता शर्मा, साधना मिश्रा श्वेता गुप्ता, प्रियंका चौबे और नरेन्द्र बनर्जी उपस्थित थे। कार्यक्रम के समापन से पूर्व आभार व्यक्त डॉ वी0पी0 तिवारी ने किया एवं कार्यक्रम का संचालन कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने किया।
