अंबिकापुर,06 मार्च 2025 (घटती-घटना)। स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर की तबियत बिगडऩे पर उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं इसके पिता का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा प्रताड़त किए जाने से उसकी तबियत बिगड़ी है। जानकारी के अनुसार राकेश कश्यप शहरी स्वास्थ्य केन्द्र भगवानपुर में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर पदस्थ है। वहीं डॉक्टर मनीष तिवारी के इंसेंटिव के मामले की जांच पिछले 4 सालों से चल रही है। इसी मामले को लेकर एक बार फिर पूछताछ के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर राकेश कश्यप को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में बुलाया गया था। जहां दो-तीन दिनों से लगातार बुलाकर उसे डांट फटकार लगाते हुए मानसिक रूप से प्रताडि़त किया गया जिससे उसकी हालत खराब हो गई गंभीर हालत में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। राकेश कश्यप के पिता कैलाश कश्यप का कहना है कि मेरा बेटे सीएमएचओ कार्यालय में बुलाकर डॉ संदीप त्रिपाठी,डॉक्टर वाईके किंडो, डॉ मनीष तिवारी व अन्य द्वारा पूछताछ के दौरान प्रताडि़त किए जाने से उसकी तबियत बिगड़ी है। उसे पूर्व से ऐसी कोई बीमारी नहीं थी।
प्रताडऩा का कोई मामला नहीं है। कंप्यूटर ऑपरेटर से स्मार्ट कार्ड से डॉक्टरों द्वारा इलाज किए जाने की जानकारी को लेकर चर्चा की गई है। वह अक्सर ड्यूटी से गायब भी रहता था। विभाग द्वारा शोकॉज नोटिस भी जारी किया गया है।
डॉ. प्रेम सिंह मार्को,
सीएमएचओ