- सूरजपुर वन विभाग के दो वनपाल के नाम क्यों है चर्चा में…क्या उच्च अधिकारी इन पर लेगे संज्ञान?
- जिला प्रशासन व राजस्व अमला बना मूकदर्शक
- कार्रवाई न होने से प्रशासन पर उठ रहे सवाल
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-शमरोज खान –
सूरजपुर,26 फरवरी 2025 (घटती-घटना)। जिले में इन दिनों बाहरी राज्य उार प्रदेश, बिहार से पहुंचे लकड़ी तस्करों का एक बड़ा गिरोह सक्रिय है, जो बड़ी संख्या में यूके लिप्टस की आड़ में नीम,आम,बबूल,सेमर सहित अन्य पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर रहे हैं। बावजूद इसके जिला प्रशासन व राजस्व अमला आंखें मूंदकर हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है और इन तस्करों के सामने मूकदर्शक बना हुआ है। जिससे राजस्व अमले के अधिकारी-कर्मचारियों के उपर तस्करों के साथ सांठगांठ कर पेड़ों की अवैध कटाई कराने के भी आरोप लग रहे हैं। उल्लेखनीय है कि एक ओर सरकार एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा संख्या में पौधरोपण के लिए लोगों प्रेरित कर रही है। वहीं दूसरी ओर सूरजपुर जिला में बाहरी राज्यों के तस्करों के द्वारा बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। जिले में तस्कर इस कदर हावी हैं कि दिन दहाड़े सड़कों पर बिना नम्बर प्लेट की ओव्हरलोड ट्रैक्टर वाहनें धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत पर्री, पीढ़ा, पसला सहित अन्य स्थानों में बकायदा डीपो बनाकर लकड़ी का भंडारण किया जा रहा है। जहां कईयो टन अवैध यूके लिप्टस सहित आम, नीम, सेमर से वृक्ष काटकर रखे हुए हैं और यही से बड़े-बड़े ट्रकों में लोड कर रात के अंधेरे में या तड़के दीगर राज्यों में सप्लाई की जाती है। इस मामले में नागरिकों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर कार्य हो रहा है, इसके बाद भी प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है। इसका सीधा मतलब है कि प्रशासन इन तस्करों के आगे नतमस्तक हो गया है और इनकों नियम व कानून की धज्जियां उड़ाने की खुली छुट दे रखी है। विश्वसीन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस गोरख धंधा में कई तथाकथित छुटभैया नेताओं की भी संलिप्तता है। इन तस्करों को अगर जिले में कहीं कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी कर्मचारी रोककर पूछताछ करते हैं तो ये बकायदा इन नेताओं से टेलीफोनिक चर्चा भी करवा देते हैं। नागरिकों ने इस दिशा में प्रशासन से सख्त कदम उठाते हुए तस्करों द्वारा बनाए गए अवैध डीपो में छापेमार कार्रवाई करते हुए सील करने व तस्करों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
बगैर मुसाफिरी निवास कर रहे बाहरी लोग
जिला मुख्यालय सूरजपुर से महज कुछ दूरी पर ग्राम पंचायत पर्री व तिलसिवा में दीगर राज्य उार प्रदेश,बिहार से पहुंचे लकड़ी तस्करों का कई गिरोह बड़ी संख्या में पिछले कुछ महीनों से निवास कर रहे है। इसके साथ ही जिले के अन्य स्थानों पर भी कमरा किराए पर ले ये लोग निवास करते हुए लकड़ी का कारोबार कर रहे हैं। न तो थाने में इनकी मुसाफिरी दर्ज है और न ही जहां किराये के मकान में निवास करते हैं,उनके द्वारा भी कोई दस्तावेज संधारित नहीं किया गया है। इस दिशा में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं कि आखिर पुलिस ऐसे लोगों की जांच पड़ताल क्यों नहीं करती है। नागरिकों ने ऐसे लोगों की जांच पड़ताल कर उनके विरूद्ध कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भंडारण करने जगह-जगह बनाया अवैध डीपो
जिले के अलग-अलग गांवों से निलगिरी सहित अन्य पेड़ों को काटने के बाद लकड़ी को भंडारित करने के लिए तस्करों द्वारा बकायदा किराये की भूमि लेकर पर्री सहित अन्य स्थानों पर अवैध डीपो का निर्माण किया गया है। पहले ये पेड़ों को काटकर ट्रैक्टर के माध्यम से भंडारित स्थल पर लेकर पहुंचते हैं और यहां से बड़े-बड़े ट्रकों के माध्यम से बाहरी राज्यों में सप्लाई करते हैं। यहां 24 घण्टे ट्रैक्टर सहित बड़े वाहनों की आमद बनी रहती है, जिससे दुर्घटनाओं का भी खतरा बना हुआ है। अब यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि तस्करों द्वारा इस तरह से डीपो या ठीहा बनाने के क्या नियम हैं।
अवैध कटाई व भंडारण पर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश
अवैध भंडारण व कटाई के मामले को लेकर वनपरिक्षेत्राधिकारी उमेश वस्त्रकार ने कहा कि इस संबंध में अनुविभागिय अधिकारी व एसडीओ द्वारा बैठक लेकर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। अब पेड़ों की कटाई के लिए बकायदा एसडीएम कार्यालय से अनुमति लेनी होगी, सरपंच के अनुमति के आधार पर पेड़ नहीं कटाई की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध रूप से बनाए गए डीपो में भी कार्रवाई की जाएगी। बीती रात एक ट्रक व ट्रैक्टर की जती की गई है। अब अवैध कटाई व तस्करी के मामलों में लगातार कार्रवाई की जाएगी।