सूरजपुर,@रिटायरमेंट से पहले रिश्वत लेते पकड़े गए सूरजपुर के जिला शिक्षा अधिकारी

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प्राइवेट स्कूलों से 10 प्रतिशत कमीशन मांगना भारी पड़ा, एसीबी ने एक लाख घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा
सूरजपुर,14 फरवरी 2025 (घटती-घटना)। जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर पूरी नौकरी काट लिए मजे में नौकरी के अंतिम क्षणों में लग गया बाडा दाग, जिससे अब उभर पाना भी उनके लिए हो गई मुसीबत, हमेशा लोग चाहते हैं कि नौकरी अच्छे तरीके से कट जाए अंतिम समय और भी अच्छा रहे, सेवानिवृत होने के बाद सम्मान से विदाई भी दी जाती है पर सेवानिवृत होने से पहले ही अरेस्ट होकर जेल जाना पड़ा, पर कुछ लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आते और चाहते हैं की अंतिम समय में कितना ज्यादा पैसा कमा सके, कुछ इसी लालच में सूरजपुर के जिला शिक्षा अधिकारी को अपने नौकरी के अंतिम समय में अपने इज्जत को मटीया मेट करा लिया, नौकरी से विदाई वाले पाल को वह सलाखों के पीछे देखने के लिए मजबूर हो गए, अंतिम समय में जहां उन्हें बिना लालच व प्रलोभन के अपने नौकरी के 15 दिन काटने थे वहां वह रिश्वत लेते पकड़े गए अंतिम समय में वह मात खा गए, आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ की एसीबी ने दो बड़ी कार्यवाही करते हुए सूरजपुर जिला शिक्षा अधिकारी और रेंजर को रिश्वत लेते टेप कर लिया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। छत्तीसगढ़ की एसीबी को सूरजपुर के जिला शिक्षा अधिकारी रामललित पटेल के खिलाफ लंबे समय से शिकायत मिल रही थी। उसे पकड़ने के लिए एसीबी टीम ने जाल बिछाया और आज एक लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। एसीबी ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने जिला शिक्षा अधिकारी को जेल भेज दिया। सूरजपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कुछ दिन बर्दाश्त नहीं कर सकते थे और सही तरीके से अपने नौकरी नहीं कट पा रहे थे आज उन्हें उन्हें का प्रलोभन व लालच ने सेवानिवृत होने से रोक दिया जहां सेवानिवृत्त व सम्मानित होते आज वह पूरे प्रदेश में अपमानित हो गए, आज उनके ऊपर ठीक सेवानिवृत्त से 15 दिन पहले बड़ी कार्यवाही हो गई जो उनके लिए पूरे नौकरी के बीच का काला अध्याय ही साबित हुआ।
दरअसल, पीडि़त उज्जवल प्रताप सिंह, रामरति पब्लिक स्कूल, सूरजपुर का संचालक हैं। उनके और जिले के अन्य 04 विद्यालयों (छ.ग. पब्लिक स्कूल दतिमा, सरस्वती बाल मंदिर सोनपुर, प्रिया बाल मंदिर भटगांव एवं लक्ष्मी विद्या निकेतन नरोला) के संचालकों द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर में शिकायत की गई थी कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत् अशासकीय विद्यालयों को मिलने वाले प्रतिपूर्ति की राशि में से 10 प्रतिशत के हिसाब से 2 लाख रू. की रिश्वत जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपूर राम ललित पटेल द्वारा मांग की जा रही है। पीडि़तों द्वारा रिश्वत नहीं देना चाहते थे, बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहते थे। शिकायत सत्यापन दौरान 1,82,000 रू. में सहमति बनी। आज को ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से राम ललित पटेल को रिश्वती रकम की पहली किश्त 1 लाख रू. रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी के स्वयं के तलाशी दौरान उसके पास से 2 लाख रू. अतिरिक्त प्राप्त हुआ है, जो अन्य स्कूलों के रिश्वत राशि के रूप में उसके द्वारा पहले से लिया गया था। उल्लेखनीय है कि जिला सूरजपुर के अशासकीय स्कूलों के संचालक जिला शिक्षा अधिकारी से त्रस्त होकर एकजुट होकर एसीबी में शिकायत किये थे। प्रकरण में आरोपी के विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत् अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। आरोपी के निवास स्थान की भी तलाशी जारी है।


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