नई दिल्ली,13 फरवरी 2025 (ए)। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्टके उस आदेश पर आपत्ति जताई, जिसमें एक महिला को अवैध पत्नी और वफादार रखैल कहा गया था। अदालत ने कहा कि यह उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और इसे महिला विरोधी टिप्पणी बताया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2003 में दिया गया एक फैसला पढ़ते समय जस्टिस एएस ओक,जस्टिस एहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने आपत्ति व्यक्त की और कहा, दुर्भाग्यवश,मंुबई उच्च न्यायालय ने अवैध पत्नी शब्द का इस्तेमाल करने की कोशिश की। हैरानी की बात यह है कि उच्च न्यायालय ने 24 वें पैराग्राफ में ऐसी पत्नी को वफादार रखैल बताया है।
