पूर्व जिलाध्यक्ष के भाई का निष्कासन तो वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष ने कर दिया अब पूर्व जिलाध्यक्ष के पुत्र का निष्कासन कब होगा?
वर्तमान जिलाध्यक्ष पार्टी विरोधी कार्य करने वाले के विरुद्ध कर रहे हैं कार्यवाही पर उनकी कार्यवाही में पूर्व जिलाध्यक्ष के पुत्र का नाम क्यों नहीं।
क्या वर्तमान जिलाध्यक्ष नहीं कर पा रहे हैं एक समान कार्यवाही?
क्या वर्तमान जिलाध्यक्ष पूर्व जिलाध्यक्ष के पुत्र पर कार्यवाही करने से घबरा रहे हैं?

-रवि सिंह-
कोरिया 08 फरवरी 2025 (घटती-घटना)। वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष की कार्यप्रणाली इस समय सुर्खियों में और यह सुर्खियों में तब से है जब इन्होंने पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी जायसवाल के भाई विपिन बिहारी जायसवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया था और सदस्यता समाप्त कर दी थी उनकी, वह कार्यवाही वर्तमान जिलाध्यक्ष की पहली कार्यवाही थी, उनके ऊपर कार्यवाही भाजपा समर्थित प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव में लड़ना हुआ अभद्र टिप्पणी पर हुई थी, वहीं अब पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कोरिया के पुत्र जनपद पंचायत क्रमांक ९ से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ रहे हैं पर अभी तक कार्यवाही की कोई जानकारी नहीं आई है, बाकी सारी जानकारियां सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं पर जिलाध्यक्ष के पुत्र के विरुद्ध हुई कार्यवाही का आदेश अभी तक कहीं भी वायरल नहीं हुआ है, हो सकता है कि यह भी कार्यवाही हुई हो पर अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है और दैनिक घटती-घटना इसकी पुष्टि नहीं करता है।
भाजपा जिला कोरिया के पूर्व जिलाध्यक्ष के बदले जाने के बाद ऐसा लग रहा था कि जिला संगठन के अंदरखाने का विरोध कम हो जाएगा और परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी, पूर्व जिलाध्यक्ष के हटने की खुशियां नए जिलाध्यक्ष के आने से अधिक थी, सभी को लगा था कि वर्तमान जिलाध्यक्ष सभी को एक समान नजरिए से देखेंगे और अंदर के डैमेज कंट्रोल को कंट्रोल कर लेंगे, पर उनके जिलाध्यक्ष बनने के 2 माह बाद भी वह स्थिति निर्मित होती नहीं दिख रही, जहां उनके जिलाध्यक्ष बनते ही नगरीय निकाय व त्रीस्तरीय पंचायत चुनाव सामने है वही भाजपाइयों के असंतोष की वजह से या कहें कि प्रत्याशी चुनने के निर्णय को लेकर विद्रोह दिखने लगा है और विद्रोह की वजह से जिलाध्यक्ष कार्यवाही भी कर रहे हैं पर कार्यवाही के बीच एक ऐसी कार्यवाही नहीं हुई है जिसकी लोगों को उम्मीद थी, बैकुंठपुर जनपद क्षेत्र क्रमांक 11 से भाजपा द्वारा अपना समर्थित प्रत्याशी तय कर लिया गया पर एक भाजपाई ने विरोध जताया जिसके बाद अभद्रता की बात कह कर उसे पार्टी से निकाल दिया गया, जिसे पार्टी से निकाला गया वह कोई और नहीं पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कोरिया कृष्ण बिहारी जायसवाल के छोटे भाई हैं विपिन बिहार जायसवाल थे, इसके बाद तीन लोगो को चेतवानी पत्र दिया गया, कार्यवाही के लिए अलग-अलग तीन लोगों पर भाजपा कोरिया जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी द्वारा पत्र लिखा गया, जिसमें एक नाम है राजेश साहू का जो भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 4 से चुनाव लड़ रहे हैं , इसके बाद पुष्पलता राजवाड़े व विमल चेरवा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। जिसमे लिखा था की जिला पंचायत सदस्य चुनाव में पार्टी द्वारा अधिकृत उम्मीदवारों के विरुद्ध निर्वाचन में भाग लिया गया है। पूर्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आपको ऐसा करने से मना किया था किन्तु आपके द्वारा अनुशासन के विपरीत आचरण किया गया है। इस संबंध में आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। दिनांक 10-02-2025 तक जिला कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं, अन्यथा आपके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। लिए वर्तमान जिलाध्यक्ष ने लेटर जारी कर दिया वहीं एक और नाम पर कार्यवाही होनी थी जो नहीं हुई जिस पर कार्यवाही नहीं हुई वह हैं पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे कुणाल जायसवाल जो भाजपा समर्थित प्रत्याशी रमेश राजवाड़े के सामने जनपद चुनाव के लिए खड़े हुए हैं और चुनाव चिन्ह भी आवंटित हो गया है ऐसे में अब वर्तमान जिलाध्यक्ष भाजपा कोरिया की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ गया है कि वह भी कार्यवाही मुंह देखा देखी कर रहे हैं और जिन्हें कमजोर पा रहे हैं उसी पर तत्काल कार्यवाही कर दे रहे हैं या चेतावनी पत्र लिख रहे और जिसकी वजह से पार्टी में असंतोष देखने को मिल रहा है वहीं अब लोगों का यह भी कहने सुन को मिल रहा रहे हैं कि वह पूर्व जिलाध्यक्ष के पुत्र पर कार्यवाही इसलिए नहीं कर पा रहे क्योंकि वह घबरा रहे हैं।

वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष ने मंडल अध्यक्ष को लिखा पत्र दी चेतावनी
कोरिया भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने पूरे जिले के 8 मंडलों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि जिला पंचायत सदस्य चुनाव हेतु भारतीय जनता पार्टी द्वारा समर्थिता अभ्यर्थियों के विरुद्ध प्रचार प्रचार करने वाले कार्यकर्ताओं की सूची प्रेषित करें ताकि उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके, उन्होंने यह भी लिखा की 10 जिला पंचायत क्षेत्र में पार्टी द्वारा अधिकृत उम्मीदवारों की घोषणा की गई है चुनाव चिन्ह आवंटित होने के बाद ज्ञात हुआ है कि कुछ कार्यकर्ता अधिकृत होने के बावजूद चुनाव लड़ रहे हैं जिनके विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित किया गया है, आपसे अनुरोध है कि आपके मंडल अंतर्गत ऐसे कार्यकर्ताओं की सूची जिला कार्यालय को 8 फरवरी तक उपलब्ध कारण जो भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के विरुद्ध चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं ऐसे कार्यकर्ताओं को लिखित सूचना भी तत्काल देवें की अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध कार्य करने पर उनके सदस्यता तत्काल प्रभाव से अमान्य कर दी जाएगी…जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी के पत्र ने भाजपाइयों में जहां खलबली मचा दी है और कार्यवाही का डर उत्पन्न कर दिया है वहीं एक सवाल अभी भी लोगों के जेहन मे पूर्व जिलाध्यक्ष के पुत्र जो भाजपा समर्थित जनपद पंचायत प्रत्याशी क्षेत्र क्रमांक ९ चेरवापारा के विरुद्ध नामांकन भर के चुनाव मैदान में है जिनका चुनाव चिन्ह भी आवंटित हो चुका है इनके विरुद्ध कार्यवाही न होने से जिलाध्यक्ष के कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

जिनका खुद के बेटे पर नहीं है कंट्रोल वह कैसे देंगे बाकी भाजपाइयों को एकजुटता का सन्देश
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा को कोरिया जिले का प्रभारी बनाया गया है, पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है उन्हें अब यह भी सुनने के लिए मिल रहा है की वह अपने पुत्र की बगावत नहीं रोक पाए हैं और उनका पुत्र भाजपा के घोषित समर्थित प्रत्याशी के विरुद्ध चुनावी मैदान में है। अब यह सोचने वाली बात है विचारणीय है कि जो व्यक्ति अपने ही पुत्र पर नियंत्रण नहीं रख पा रहा है वह कैसे पार्टी को एकजुट रखेगा? कैसे वह पार्टी समर्थित प्रत्याशियों को जीत दिलाएगा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में? कुल मिलाकर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष को ऐसे में खुद को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की जिम्मेदारी से अलग हो जाना चाहिए।
क्या अपने बेटे के सामने ही हार गए पूर्व जिलाध्यक्ष?
पूर्व जिलाध्यक्ष अपने पुत्र को भाजपा समर्थित प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ने से नहीं रोक पाए। क्या वह अपने पुत्र से ही हार गए यह बड़ा सवाल है?